सेंसेक्स 150 अंक टूटा, निफ्टी 23,161 पर बंद; अमेरिकी महंगाई और वैश्विक तनाव का दोहरा दबाव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार, 11 जून को वैश्विक अनिश्चितता के बीच गिरावट के साथ बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स 150.63 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 73,832.55 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 53.35 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,161.60 पर बंद हुआ। अमेरिका में उम्मीद से अधिक महंगाई के आँकड़ों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया।
कौन से सूचकांक गिरे, कौन से उठे
सत्र में निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी आईटी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी पीएसई, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी इन्फ्रा सबसे अधिक दबाव में रहे। दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी हेल्थकेयर ने बढ़त दर्ज की, जो बाजार में मिले-जुले कारोबार का संकेत है।
सेंसेक्स पैक में टॉप गेनर्स और लूज़र्स
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक और एनटीपीसी हरे निशान में बंद हुए। वहीं इन्फोसिस, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस, इटरनल, बीईएल, एलएंडटी, एचयूएल, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, इंडिगो, बजाज फिनसर्व, टीसीएस और टेक महिंद्रा गिरावट के साथ बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी असर
बिकवाली का दबाव केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 484.80 अंक यानी 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,325.40 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 119.90 अंक यानी 0.67 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 17,702.60 पर बंद हुआ। यह व्यापक बाजार में निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
वैश्विक कारण: महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव
एसबीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषण के अनुसार, वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने के कारण सत्र के दौरान बिकवाली देखी गई। अमेरिका में उम्मीद से अधिक महंगाई के आँकड़ों ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया। अमेरिका और ईरान के बीच हमलों के बाद भू-राजनीतिक तनाव फिर से उभरा है, हालाँकि कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोनों देशों ने शांति वार्ता भी शुरू की है।
निफ्टी के लिए अगले स्तर क्या
एसबीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट जोन 23,050–23,000 है। यदि निफ्टी 23,000 के नीचे फिसलता है तो यह 22,850 और फिर 22,700 के स्तर तक जा सकता है। तेजी की स्थिति में 23,300–23,330 का दायरा एक मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र होगा। निवेशकों की नज़र अब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के अगले संकेतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी।