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आरबीआई एमपीसी फैसले से पहले सेंसेक्स 150 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,449 पर; मीडिया-रियल्टी शेयरों में तेजी

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आरबीआई एमपीसी फैसले से पहले सेंसेक्स 150 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,449 पर; मीडिया-रियल्टी शेयरों में तेजी

सारांश

RBI MPC के फैसले से पहले बाजार सतर्क तेजी में — सेंसेक्स 150 अंक ऊपर, निफ्टी 23,449 पर। विशेषज्ञों को 'हॉकिश होल्ड' की उम्मीद: रेपो रेट 5.25% पर स्थिर, लेकिन महंगाई की चेतावनी संभव। बैंकिंग शेयर तेजी में, IT और मेटल दबाव में।

मुख्य बातें

बीएसई सेंसेक्स 5 जून को 150.64 अंक (0.20%) की बढ़त के साथ 74,510.65 पर कारोबार कर रहा था।
निफ्टी 50 32.75 अंक (0.14%) चढ़कर 23,449.30 पर था।
निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी सबसे अधिक बढ़त में; निफ्टी IT और मेटल दबाव में।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार RBI रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रख सकता है — रणनीति 'हॉकिश होल्ड' संभव।
25 बेसिस प्वाइंट की दर वृद्धि होने पर बैंकिंग शेयरों में तेज उछाल और ऑटो-रियल एस्टेट पर दबाव की आशंका।

बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार, 5 जून को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के बहुप्रतीक्षित फैसले से ठीक पहले हरे निशान में खुला। सुबह करीब 9:38 बजे IST तक सेंसेक्स 150.64 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,510.65 पर कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 50 32.75 अंक यानी 0.14 प्रतिशत चढ़कर 23,449.30 पर था। वैश्विक तनावों के बावजूद बाजार में यह सतर्क तेजी निवेशकों की RBI गवर्नर के बयान पर टिकी नजरों को दर्शाती है।

बाजार का शुरुआती कारोबार

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 74,360.01 से 269.93 अंक उछलकर 74,629.94 पर खुला। निफ्टी 50 भी अपने पिछले बंद 23,416.55 से 62.4 अंक की बढ़त के साथ 23,478.95 पर खुला। ब्रॉडर मार्केट में भी सकारात्मक रुख रहा — निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.44 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

सेक्टोरल प्रदर्शन

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी के शेयरों में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी ऑटो में भी अच्छी बढ़त रही। दूसरी ओर, निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी IT और निफ्टी FMCG में कमजोरी देखी गई।

निफ्टी 50 के शेयरों में HDFC लाइफ, बजाज फाइनेंस, अदाणी एंटरप्राइजेज, SBI लाइफ और टेक महिंद्रा सबसे अधिक बढ़त में रहे। वहीं विप्रो, हिंडाल्को, टाटा स्टील और ट्रेंट के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।

RBI MPC फैसले पर निगाहें

निवेशकों की मुख्य नजर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के आज के बयान पर है, जिससे महंगाई और आर्थिक विकास की दिशा को लेकर अहम संकेत मिलने की उम्मीद है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक इस बार रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है।

एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, ऊर्जा कीमतों में आए झटके और व्यापक आर्थिक प्रभावों को देखते हुए RBI वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि अनुमान में मामूली कटौती कर सकता है। साथ ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई के अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किए जाने की संभावना भी जताई गई है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

विशेषज्ञों के मुताबिक, RBI की सबसे संभावित रणनीति 'हॉकिश होल्ड' हो सकती है — यानी केंद्रीय बैंक फिलहाल दरें यथावत रखेगा, लेकिन आने वाले महीनों में महंगाई बढ़ने की आशंका का संकेत देगा। यदि 25 बेसिस प्वाइंट (0.25 प्रतिशत) की दर वृद्धि होती है, तो बैंकिंग शेयरों में तेज उछाल संभव है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें बैंकों की आय और मार्जिन के लिए अनुकूल होती हैं।

हालांकि, दर वृद्धि का असर एकसमान नहीं होगा। ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट जैसे ब्याज-संवेदनशील क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि महंगे कर्ज से वाहन और घर खरीदने की मांग प्रभावित होती है। RBI के फैसले के बाद बाजार की दिशा अधिक स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि किसी ठोस सकारात्मक संकेत पर दांव लगा रहे हैं। 'हॉकिश होल्ड' की संभावना खुद एक विरोधाभास है: दरें स्थिर, लेकिन संदेश सख्त — यह बाजार को राहत और चेतावनी एक साथ देता है। गौरतलब है कि ऊर्जा कीमतों के दबाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच GDP अनुमान में कटौती और CPI संशोधन एक साथ आएं, तो यह 'होल्ड' अगले कुछ महीनों में दर वृद्धि की पटकथा लिख सकता है। ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए यह खबर चिंताजनक है, जो पहले से ही मांग की नाजुक स्थिति से जूझ रहे हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 जून को RBI MPC फैसले से पहले शेयर बाजार का क्या हाल रहा?
5 जून को RBI MPC फैसले से पहले सेंसेक्स 150.64 अंक (0.20%) की बढ़त के साथ 74,510.65 पर और निफ्टी 50, 32.75 अंक (0.14%) चढ़कर 23,449.30 पर कारोबार कर रहा था। मीडिया, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में तेजी रही, जबकि IT और मेटल में कमजोरी देखी गई।
RBI इस बार रेपो रेट पर क्या फैसला कर सकता है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार RBI रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है। सबसे संभावित रणनीति 'हॉकिश होल्ड' बताई जा रही है, जिसमें दरें यथावत रहेंगी लेकिन आगे महंगाई बढ़ने की चेतावनी दी जा सकती है।
RBI MPC का फैसला किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर डालेगा?
यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं तो बैंकिंग शेयरों में तेज उछाल आ सकता है क्योंकि ऊंची दरें बैंकों की आय बढ़ाती हैं। वहीं ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट जैसे ब्याज-संवेदनशील क्षेत्रों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, क्योंकि महंगे कर्ज से मांग घट सकती है।
RBI GDP और CPI अनुमान में क्या बदलाव कर सकता है?
एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, ऊर्जा कीमतों के झटके को देखते हुए RBI वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि अनुमान में मामूली कटौती कर सकता है। साथ ही CPI आधारित महंगाई के अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किए जाने की संभावना भी जताई गई है।
आज के बाजार में निफ्टी 50 के कौन से शेयर सबसे ज्यादा बढ़त और गिरावट में रहे?
HDFC लाइफ, बजाज फाइनेंस, अदाणी एंटरप्राइजेज, SBI लाइफ और टेक महिंद्रा सबसे अधिक बढ़त में रहे। वहीं विप्रो, हिंडाल्को, टाटा स्टील और ट्रेंट के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।
राष्ट्र प्रेस
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