सेंसेक्स 152 अंक उछला, 78,581 पर बंद; RBI की दर-यथास्थिति और होर्मुज समझौते की उम्मीद से बाजार हरे निशान में
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स बुधवार, 5 अगस्त 2026 को उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद 152 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,581 पर बंद हुआ। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने और पश्चिम एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संभावित समझौते की खबरों ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।
प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 करीब 10 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,624.65 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 78,428.95 से 0.79 प्रतिशत की तेजी के साथ 79,055.38 पर खुला, जो इसका इंट्राडे उच्चतम स्तर भी रहा। निचले स्तर पर इसने 78,285.74 को छुआ।
निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,614.90 से 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,669.20 पर खुला। इंट्राडे में यह 24,677.60 के उच्च और 24,497.95 के निम्न स्तर तक गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों ने अपने इंट्राडे लाभ का अधिकांश हिस्सा गँवाकर दिन के उच्चतम स्तर से काफी नीचे बंद किया।
सेक्टर और व्यापक बाजार का हाल
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.18 प्रतिशत और 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो अग्रणी रहे, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी बैंक दबाव में रहे।
निफ्टी 50 में सर्वाधिक लाभ पाने वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, JSW स्टील, हिंडाल्को, NTPC और बजाज ऑटो शामिल रहे। वहीं, TCS, अपोलो हॉस्पिटल्स, HCL टेक, सन फार्मा, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और SBI लाइफ के शेयर सबसे अधिक दबाव में रहे।
निवेशकों की संपत्ति में इज़ाफा
BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के ₹489.5 लाख करोड़ से बढ़कर ₹492.2 लाख करोड़ से अधिक हो गया। इस प्रकार निवेशकों को एक ही कारोबारी सत्र में ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक का लाभ हुआ।
RBI नीति और भू-राजनीतिक संकेत
RBI की मौद्रिक नीति समिति ने अगस्त 2026 की बैठक में नीतिगत रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखा और 'तटस्थ' रुख बरकरार रखा। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत और CPI मुद्रास्फीति 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया।
भू-राजनीतिक मोर्चे पर, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के साथ एक संभावित समझौते के करीब है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कथित तौर पर कहा कि जलडमरूमध्य को आंशिक रूप से खोलने के समझौते की घोषणा बुधवार तक हो सकती है — यह संकेत तेल की कीमतों और बाजार की धारणा दोनों पर असर डालने वाला है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए यहाँ किसी भी सकारात्मक घटनाक्रम का असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ता है।
आगे क्या
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज समझौते की पुष्टि और तेल कीमतों में स्थिरता अगले कुछ सत्रों में बाजार की दिशा तय करेगी। बैंकिंग और IT सेक्टर पर दबाव बना रहा, जो निकट भविष्य में व्यापक सूचकांकों की गति को सीमित कर सकता है।