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सेंसेक्स 58 अंक ऊपर, निफ्टी 23,449 पर खुला; रियल्टी-डिफेंस में जोरदार खरीदारी

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सेंसेक्स 58 अंक ऊपर, निफ्टी 23,449 पर खुला; रियल्टी-डिफेंस में जोरदार खरीदारी

सारांश

मंगलवार को वैश्विक तेज़ी की लहर पर सवार होकर भारतीय बाज़ार हरे निशान में खुले। रियल्टी और डिफेंस सेक्टर अग्रणी रहे, जबकि IT शेयरों पर दबाव बना रहा। NSE IPO रिफंड से घरेलू तरलता बढ़ने की उम्मीद ने निवेशकों का उत्साह और बढ़ाया।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स मंगलवार को 58 अंक (0.08%) की बढ़त के साथ 74,926 पर और NSE निफ्टी 35 अंक (0.15%) की मज़बूती के साथ 23,449 पर खुला।
निफ्टी रियल्टी और निफ्टी इंडिया डिफेंस करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष लाभार्थी सूचकांक रहे।
केवल निफ्टी IT लाल निशान में; HCL टेक , इन्फोसिस , TCS और टेक महिंद्रा दबाव में।
निफ्टी मिडकैप 100 224 अंक और निफ्टी स्मॉलकैप 100 75 अंक की बढ़त के साथ हरे निशान में।
अमेरिकी बाज़ारों में डाउ जोन्स 0.71% और नैस्डैक 2.26% की बढ़त से वैश्विक रुझान सकारात्मक।
NSE IPO रिफंड प्रक्रिया शुरू होने से सेकेंडरी मार्केट में तरलता बढ़ने की उम्मीद।

BSE सेंसेक्स मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को 58 अंक (0.08 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 74,926 पर खुला, जबकि NSE निफ्टी 50 35 अंक (0.15 प्रतिशत) की मज़बूती के साथ 23,449 पर था — सुबह 9:19 बजे IST तक के आँकड़ों के अनुसार। वैश्विक बाज़ारों में सकारात्मक रुझान और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को इस शुरुआती तेज़ी का मुख्य आधार बताया जा रहा है।

सेक्टोरल प्रदर्शन: रियल्टी और डिफेंस अग्रणी

शुरुआती कारोबार में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी इंडिया डिफेंस दोनों करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष लाभार्थी सूचकांकों में रहे। इसके अलावा निफ्टी एनर्जी, निफ्टी PSE, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज़, निफ्टी मेटल, निफ्टी कमोडिटीज़ और निफ्टी प्राइवेट बैंक — सभी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। केवल निफ्टी IT लाल निशान में था, जो अमेरिकी प्रौद्योगिकी शेयरों की मिश्रित चाल को दर्शाता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी उत्साह

व्यापक बाज़ार में भी तेज़ी का असर दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 224 अंक (0.36 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 62,237 पर पहुँचा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 75 अंक (0.39 प्रतिशत) की मज़बूती के साथ 19,939 पर था। यह संकेत देता है कि तेज़ी केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं, बल्कि बाज़ार की चौड़ाई भी सकारात्मक है।

प्रमुख शेयरों का हाल

सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, इंडिगो, HDFC बैंक, एशियन पेंट्स, मारुति सुज़ुकी, M&M, इटरनल, टाटा स्टील, ट्रेंट, पावर ग्रिड, कोटक महिंद्रा बैंक, NTPC, बजाज फाइनेंस, SBI और ICICI बैंक हरे निशान में थे। दूसरी ओर, HCL टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, TCS, अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, भारती एयरटेल और टाइटन लाल निशान में थे।

वैश्विक संकेत और घरेलू तरलता

विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड में मामूली गिरावट से वैश्विक इक्विटी बाज़ारों में जोखिम की धारणा कम हुई है। यह सकारात्मक बदलाव भारत सहित उभरते बाज़ारों पर भी असर डाल रहा है। घरेलू मोर्चे पर, NSE IPO के पूरा होने और रिफंड प्रक्रिया शुरू होने के बाद सेकेंडरी मार्केट पर ध्यान फिर केंद्रित हो गया है, जिससे बाज़ार में तरलता बढ़ने की उम्मीद है।

वैश्विक बाज़ारों का रुझान

अधिकांश एशियाई बाज़ार तेज़ी के साथ कारोबार कर रहे थे — टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सियोल और ताइपे हरे निशान में थे, जबकि केवल जकार्ता लाल निशान में था। पिछले सत्र में अमेरिकी बाज़ार भी मज़बूती के साथ बंद हुए — डाउ जोन्स 0.71 प्रतिशत और नैस्डैक 2.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। आगे बाज़ार की दिशा घरेलू संस्थागत प्रवाह और वैश्विक व्यापार नीति से जुड़े संकेतों पर निर्भर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बड़ी दिशा नहीं तय करती। असल संकेत यह है कि IT सेक्टर का एकाकी लाल रहना एक पुरानी कहानी दोहरा रहा है — जब भी अमेरिकी प्रौद्योगिकी शेयरों में हलचल होती है, भारतीय IT सबसे पहले असर झेलता है। NSE IPO रिफंड से तरलता बढ़ने का तर्क सही दिशा में है, लेकिन यह अस्थायी प्रोत्साहन है — टिकाऊ तेज़ी के लिए FII प्रवाह और घरेलू आय-वृद्धि के ठोस संकेत चाहिए।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 सितंबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ खुले?
22 सितंबर 2026 को सुबह 9:19 बजे सेंसेक्स 58 अंक (0.08%) की बढ़त के साथ 74,926 पर और निफ्टी 35 अंक (0.15%) की मज़बूती के साथ 23,449 पर खुला। वैश्विक बाज़ारों में सकारात्मक रुझान को इस बढ़त का मुख्य कारण बताया गया।
आज कौन-से सेक्टर टॉप गेनर रहे?
निफ्टी रियल्टी और निफ्टी इंडिया डिफेंस दोनों करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ शुरुआती कारोबार में सबसे आगे रहे। निफ्टी एनर्जी, ऑटो, मेटल और फाइनेंशियल सर्विसेज़ भी हरे निशान में थे, जबकि केवल निफ्टी IT लाल निशान में था।
भारतीय बाज़ार में आज तेज़ी के क्या कारण हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट से वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार हुआ है। इसके साथ ही NSE IPO के पूरा होने और रिफंड प्रक्रिया शुरू होने से घरेलू सेकेंडरी मार्केट में तरलता बढ़ने की उम्मीद है।
NSE IPO का बाज़ार पर क्या असर होगा?
NSE IPO के पूरा होने के बाद निवेशकों को रिफंड मिलना शुरू हो गया है, जिससे सेकेंडरी मार्केट में फिर से धन का प्रवाह बढ़ेगा। यह तरलता बाज़ार के लिए अल्पकालिक सकारात्मक संकेत है।
वैश्विक बाज़ारों का रुझान आज कैसा है?
अधिकांश एशियाई बाज़ार — टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सियोल और ताइपे — हरे निशान में थे; केवल जकार्ता लाल निशान में था। अमेरिकी बाज़ारों में डाउ जोन्स 0.71% और नैस्डैक 2.26% की बढ़त के साथ बंद हुए।
राष्ट्र प्रेस
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