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IIP अप्रैल 2026: औद्योगिक उत्पादन 4.9% बढ़ा, विनिर्माण क्षेत्र में 6.2% की छलांग

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IIP अप्रैल 2026: औद्योगिक उत्पादन 4.9% बढ़ा, विनिर्माण क्षेत्र में 6.2% की छलांग

सारांश

अप्रैल 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन 4.9% बढ़ा — विनिर्माण 6.2% के साथ अग्रणी रहा। साथ ही, सरकार ने पहली बार IIP का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 किया, जो देश के औद्योगिक मापन में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव है।

मुख्य बातें

IIP में अप्रैल 2026 में सालाना आधार पर 4.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
विनिर्माण क्षेत्र में 6.2% की बढ़त; 23 में से 17 उद्योग समूहों ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।
शीर्ष योगदानकर्ता: विद्युत उपकरण (19.2%) , मशीनरी (12.9%) , मोटर वाहन (12.7%) ।
खनन एवं उत्खनन क्षेत्र में -5.1% की नकारात्मक वृद्धि।
IIP का आधार वर्ष पहली बार 2011-12 से बदलकर 2022-23 किया गया; TAC-IIP रिपोर्ट 25 मई 2026 को जारी हुई।

अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में अप्रैल 2026 के दौरान सालाना आधार पर 4.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र सबसे आगे रहा। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 2 जून 2026 को ये आंकड़े जारी किए — और इस बार एक ऐतिहासिक बदलाव के साथ: पहली बार IIP का आधार वर्ष 2011-12 से संशोधित कर 2022-23 कर दिया गया है।

मुख्य क्षेत्रों का प्रदर्शन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र में अप्रैल 2026 में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि रही। जल आपूर्ति, सीवरेज एवं अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में यह दर 6.6 प्रतिशत रही, जबकि बिजली एवं गैस आपूर्ति में 4.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। हालांकि, खनन एवं उत्खनन क्षेत्र में -5.1 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई, जो समग्र तस्वीर में एक चिंताजनक पहलू है।

विनिर्माण के शीर्ष योगदानकर्ता

विनिर्माण क्षेत्र के भीतर 23 उद्योग समूहों में से 17 ने अप्रैल 2025 की तुलना में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। शीर्ष तीन योगदानकर्ता रहे — विद्युत उपकरण निर्माण (19.2 प्रतिशत), मशीनरी और उपकरण निर्माण (12.9 प्रतिशत), और मोटर वाहन, ट्रेलर एवं सेमी-ट्रेलर निर्माण (12.7 प्रतिशत)। ये तीनों क्षेत्र भारत की औद्योगिक विस्तार की दिशा में मज़बूत संकेत देते हैं।

नया आधार वर्ष: क्यों है यह बड़ा बदलाव

मंत्रालय ने औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान संरचना को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के उद्देश्य से IIP का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 किया है। संशोधित श्रृंखला में अपडेटेड आइटम बास्केट, संशोधित भार संरचना और व्यापक क्षेत्रीय कवरेज शामिल है। गौरतलब है कि यह संशोधन तकनीकी सलाहकार समिति (TAC-IIP) की देखरेख में हुआ, जिसकी रिपोर्ट 25 मई 2026 को जारी की गई थी।

आगे की राह

नए आधार वर्ष के साथ जारी ये आंकड़े भारत के औद्योगिक प्रदर्शन को अधिक सटीक और समकालीन नज़रिए से मापने का प्रयास करते हैं। विनिर्माण और ऊर्जा क्षेत्र में सकारात्मक रुझान आर्थिक पुनरुद्धार की उम्मीद जगाते हैं, लेकिन खनन क्षेत्र की नकारात्मक वृद्धि पर नीति-निर्माताओं की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी आधार वर्ष बदलाव में छिपी है — 2011-12 से 2022-23 का यह संशोधन पिछले डेढ़ दशक के तुलनात्मक आंकड़ों को नए सिरे से परिभाषित करेगा। खनन क्षेत्र की -5.1% गिरावट को विनिर्माण की चमक में दबने नहीं देना चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्र ऊर्जा और बुनियादी ढाँचे की आपूर्ति श्रृंखला का आधार है। नए आधार वर्ष से तुलनात्मक विश्लेषण कुछ समय के लिए जटिल होगा, और निवेशकों व नीति-निर्माताओं को दोनों श्रृंखलाओं को समानांतर पढ़ने की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अप्रैल 2026 में भारत का IIP कितना बढ़ा?
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में IIP सालाना आधार पर 4.9 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान विनिर्माण क्षेत्र 6.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा।
IIP का आधार वर्ष 2022-23 क्यों किया गया?
मंत्रालय ने औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान संरचना और गतिशीलता को अधिक सटीक रूप से दर्शाने के लिए आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 किया। नई श्रृंखला में अपडेटेड आइटम बास्केट, संशोधित भार संरचना और व्यापक क्षेत्रीय कवरेज शामिल है।
अप्रैल 2026 में विनिर्माण के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले उद्योग कौन से रहे?
विद्युत उपकरण निर्माण (19.2%), मशीनरी और उपकरण निर्माण (12.9%), और मोटर वाहन, ट्रेलर एवं सेमी-ट्रेलर निर्माण (12.7%) शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ता रहे। कुल 23 उद्योग समूहों में से 17 ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।
खनन क्षेत्र का प्रदर्शन अप्रैल 2026 में कैसा रहा?
खनन एवं उत्खनन क्षेत्र में अप्रैल 2026 में -5.1 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई, जो समग्र IIP की सकारात्मक तस्वीर में एकमात्र कमज़ोर कड़ी रही।
TAC-IIP क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
TAC-IIP यानी IIP के आधार वर्ष संशोधन के लिए गठित तकनीकी सलाहकार समिति है, जिसकी देखरेख में यह पूरा संशोधन अभ्यास किया गया। समिति ने अपनी रिपोर्ट 25 मई 2026 को जारी की, जिसने नई मापन प्रणाली की नींव रखी।
राष्ट्र प्रेस
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