मिजोरम जिंजर मिशन: ₹189.79 करोड़ की पहल से 20,000 किसान परिवारों को मिलेगा वैश्विक बाज़ार
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 14 मई 2025 को 'मिजोरम जिंजर मिशन' की औपचारिक शुरुआत की — यह मिजोरम में अदरक की खेती और वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए ₹189.79 करोड़ की कन्वर्जेंस-आधारित केंद्रीय पहल है। इस मिशन का लक्ष्य राज्य के लगभग 20,000 किसान परिवारों को एक एकीकृत वैल्यू-चेन इकोसिस्टम से जोड़ना है।
मिशन की पृष्ठभूमि और ज़रूरत
मंत्री सिंधिया ने एक तीखी विसंगति की ओर ध्यान दिलाया: जीआई (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन) प्रमाणित मिजो अदरक में 6–8 प्रतिशत ओलियोरेसिन की मात्रा होती है, जो वैश्विक औसत लगभग 3 प्रतिशत से दोगुनी से भी अधिक है। इसके बावजूद, मिजोरम के किसानों को इस फसल के लिए मात्र ₹8–15 प्रति किलोग्राम मिलते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में इसकी वैल्यू चेन ₹500 प्रति किलोग्राम से अधिक तक पहुँच जाती है।
गौरतलब है कि यह मूल्य अंतर — खेत से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक लगभग 33 गुना — बिचौलियों की लंबी श्रृंखला और प्रसंस्करण बुनियादी ढाँचे की कमी का परिणाम है। मिशन इसी खाई को पाटने की कोशिश है।
मिशन के चार रणनीतिक स्तंभ
सिंधिया ने इस ₹190 करोड़ की पहल को 'मिजो अदरक आंदोलन' की संज्ञा दी, जो चार स्तंभों पर टिकी है: अभिसरण (Convergence), मूल्य संवर्धन (Value Addition), ब्रांडिंग और बाज़ार एकीकरण (Market Integration)। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मिशन का उद्देश्य केवल फसल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को प्रसंस्करण, पैकेजिंग, निर्यात और वैश्विक बाज़ार में प्रत्यक्ष भागीदारी के लिए सक्षम बनाना है।
मिशन के तहत एक एकीकृत प्रसंस्करण केंद्र और तीन सहायक केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 30 से अधिक रणनीतिक हस्तक्षेप किए जाएंगे, जो ट्रेसेबिलिटी, गुणवत्ता आश्वासन और किसान-नेतृत्व में मूल्य सृजन पर केंद्रित होंगे।
बिचौलियों को हटाने पर जोर
मंत्री ने सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के ढाँचे को सशक्त बनाकर बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया, जिसके तहत किसानों को 'खेत से थाली तक' की पूरी कृषि वैल्यू चेन में वास्तविक हितधारक बनाया जाएगा।
वैश्विक बाज़ार में प्रवेश की रणनीति
मिशन के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य-पूर्व और यूरोपीय बाज़ारों में लक्षित निर्यात की योजना है। सिंधिया ने कहा कि सफलता का पैमाना तब होगा जब मिजो अदरक वैश्विक अलमारियों पर उपलब्ध हो और उसे उगाने वाले व्यक्तिगत किसानों तक उसकी पहचान ट्रेस की जा सके — जिससे उन्हें सीधा आर्थिक लाभ मिले।
मिजोरम सरकार की प्रतिक्रिया
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने इस मिशन की परिकल्पना और क्रियान्वयन के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मिशन राज्य की फार्मा-ग्रेड अदरक उत्पादन में मौजूद अद्वितीय क्षमता को पहचानता है और उसे किसानों की समृद्धि के लिए एक सुव्यवस्थित मार्ग में परिवर्तित करता है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से जमीनी स्तर पर समयबद्ध क्रियान्वयन की प्रतिबद्धता भी जताई।
यह मिशन ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर राज्यों में कृषि-आधारित आय बढ़ाने की माँग तेज़ हो रही है और केंद्र सरकार क्षेत्र की जीआई-टैग फसलों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की व्यापक रणनीति पर काम कर रही है।