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नई श्रम संहिता: 40+ आयु के श्रमिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच अभियान 7 मई को लॉन्च करेंगे डॉ. मांडविया

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नई श्रम संहिता: 40+ आयु के श्रमिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच अभियान 7 मई को लॉन्च करेंगे डॉ. मांडविया

सारांश

नई श्रम संहिता केवल कानूनी सुधार नहीं, अब ज़मीनी हकीकत बन रही है — 7 मई से 40 वर्ष से अधिक आयु के लाखों श्रमिकों को निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच मिलेगी। 29 पुराने कानूनों को चार संहिताओं में समेटने के बाद यह पहला बड़ा स्वास्थ्य लाभ है, जो गिग और असंगठित कामगारों तक भी पहुँचेगा।

मुख्य बातें

मनसुख मांडविया 7 मई 2025 को ईएसआईसी अस्पताल, बसई दारापुर, नई दिल्ली से राष्ट्रव्यापी निःशुल्क स्वास्थ्य जांच अभियान का शुभारंभ करेंगे।
40 वर्ष और उससे अधिक आयु के ईएसआई लाभार्थियों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य की गई है।
देशभर के 12 ईएसआईसी अस्पतालों में एक साथ शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित होंगे।
29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार नई श्रम संहिताओं में समेकित किया गया है।
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक भी इस दायरे में आएंगे।
खतरनाक कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए उम्र की परवाह किए बिना चिकित्सा जांच अनिवार्य होगी।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 7 मई 2025 (गुरुवार) को नई श्रम संहिता के तहत 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के श्रमिकों के लिए राष्ट्रव्यापी निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच पहल का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 6 मई को जारी बयान में यह जानकारी दी।

शुभारंभ कार्यक्रम का स्वरूप

इस पहल का केंद्रीय उद्घाटन कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बसई दारापुर, नई दिल्ली में होगा। इसके साथ-साथ देशभर के 11 अन्य ईएसआईसी अस्पतालों में भी एक साथ शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में संबंधित राज्यों के श्रम मंत्री, सांसद, विधानसभा सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।

नई श्रम संहिता की पृष्ठभूमि

मंत्रालय के अनुसार यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'श्रमेव जयते' दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो श्रम की गरिमा और सशक्त सामाजिक सुरक्षा पर बल देता है। गौरतलब है कि चार नई श्रम संहिताओं ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार व्यापक स्तंभों के अंतर्गत समेकित किया है। इन सुधारों का उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना, रोजगार को औपचारिक रूप देना और सामाजिक सुरक्षा के दायरे को विस्तृत करना है।

स्वास्थ्य जांच के प्रमुख प्रावधान

नए श्रम ढाँचे के तहत 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के ईएसआई योजना के लाभार्थियों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य की गई है। ये जांच ईएसआईसी के अस्पतालों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से की जाएंगी, जिनमें शीघ्र निदान, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और निरंतर स्वास्थ्य निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त रसायनों, विषैले पदार्थों या भारी मशीनरी को संभालने जैसे खतरनाक कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए उम्र की परवाह किए बिना चिकित्सा जांच अनिवार्य होगी।

असंगठित एवं गिग श्रमिकों को भी दायरे में लाया गया

विशेष रूप से सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को भी इसके दायरे में लाती है। इसके तहत एक सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना की गई है और ईएसआईसी लाभों के दायरे को विस्तृत किया गया है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश में गिग अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है और लाखों श्रमिक अब तक सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर थे।

विकसित भारत 2047 की दिशा में कदम

मंत्रालय ने कहा कि इस पहल में कार्यबल के दीर्घकालिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य रिकॉर्ड का व्यवस्थित रखरखाव और आवधिक निगरानी की परिकल्पना की गई है। यह राष्ट्रव्यापी अभियान व्यावसायिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इस पहल के विस्तार और प्रभाव का आकलन किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन अब तक सुस्त रहा है — 7 मई की यह पहल उस अंतर को पाटने की पहली ठोस कोशिश है। असली परीक्षा यह है कि क्या ईएसआईसी का मौजूदा अस्पताल नेटवर्क करोड़ों श्रमिकों की वार्षिक जांच का बोझ उठाने में सक्षम है, जबकि संस्था पहले से ही संसाधन दबाव में है। गिग और असंगठित श्रमिकों को दायरे में लाना नीतिगत रूप से सराहनीय है, लेकिन इनकी पहचान और नामांकन की व्यवस्था अभी भी अधूरी है। बिना मज़बूत क्रियान्वयन तंत्र और स्वतंत्र निगरानी के, यह अभियान घोषणा तक सीमित रहने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई श्रम संहिता के तहत निःशुल्क स्वास्थ्य जांच अभियान क्या है?
यह नई श्रम संहिता के अंतर्गत शुरू की गई एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसके तहत 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के ईएसआई लाभार्थी श्रमिकों को प्रतिवर्ष निःशुल्क स्वास्थ्य जांच मिलेगी। इसका उद्देश्य शीघ्र निदान, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और दीर्घकालिक स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित करना है।
यह अभियान कब और कहाँ शुरू होगा?
यह अभियान 7 मई 2025 को ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बसई दारापुर, नई दिल्ली से शुरू होगा। इसके साथ ही देशभर के 11 अन्य ईएसआईसी अस्पतालों में भी एक साथ शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
क्या खतरनाक कार्यों में लगे सभी श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच मिलेगी?
हाँ, रसायनों, विषैले पदार्थों या भारी मशीनरी को संभालने जैसे खतरनाक कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए उम्र की परवाह किए बिना चिकित्सा जांच अनिवार्य की गई है। यह प्रावधान नई श्रम संहिता के तहत व्यावसायिक सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से जोड़ा गया है।
गिग और असंगठित श्रमिकों को इस पहल से कैसे फायदा होगा?
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को भी ईएसआईसी लाभों के दायरे में लाया गया है और एक सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना की गई है। इससे पहले ये श्रमिक किसी भी औपचारिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से बाहर थे।
नई श्रम संहिता ने पुराने कानूनों को कैसे बदला है?
नई श्रम संहिता ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार व्यापक संहिताओं में समेकित किया है, जिनका उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना, रोजगार को औपचारिक रूप देना और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना है। यह भारत के श्रम सुधारों में अब तक का सबसे बड़ा संरचनात्मक बदलाव माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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