नई श्रम संहिता: 40+ आयु के श्रमिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच अभियान 7 मई को लॉन्च करेंगे डॉ. मांडविया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 7 मई 2025 (गुरुवार) को नई श्रम संहिता के तहत 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के श्रमिकों के लिए राष्ट्रव्यापी निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच पहल का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 6 मई को जारी बयान में यह जानकारी दी।
शुभारंभ कार्यक्रम का स्वरूप
इस पहल का केंद्रीय उद्घाटन कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बसई दारापुर, नई दिल्ली में होगा। इसके साथ-साथ देशभर के 11 अन्य ईएसआईसी अस्पतालों में भी एक साथ शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में संबंधित राज्यों के श्रम मंत्री, सांसद, विधानसभा सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
नई श्रम संहिता की पृष्ठभूमि
मंत्रालय के अनुसार यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'श्रमेव जयते' दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो श्रम की गरिमा और सशक्त सामाजिक सुरक्षा पर बल देता है। गौरतलब है कि चार नई श्रम संहिताओं ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार व्यापक स्तंभों के अंतर्गत समेकित किया है। इन सुधारों का उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना, रोजगार को औपचारिक रूप देना और सामाजिक सुरक्षा के दायरे को विस्तृत करना है।
स्वास्थ्य जांच के प्रमुख प्रावधान
नए श्रम ढाँचे के तहत 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के ईएसआई योजना के लाभार्थियों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य की गई है। ये जांच ईएसआईसी के अस्पतालों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से की जाएंगी, जिनमें शीघ्र निदान, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और निरंतर स्वास्थ्य निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त रसायनों, विषैले पदार्थों या भारी मशीनरी को संभालने जैसे खतरनाक कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए उम्र की परवाह किए बिना चिकित्सा जांच अनिवार्य होगी।
असंगठित एवं गिग श्रमिकों को भी दायरे में लाया गया
विशेष रूप से सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को भी इसके दायरे में लाती है। इसके तहत एक सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना की गई है और ईएसआईसी लाभों के दायरे को विस्तृत किया गया है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश में गिग अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है और लाखों श्रमिक अब तक सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर थे।
विकसित भारत 2047 की दिशा में कदम
मंत्रालय ने कहा कि इस पहल में कार्यबल के दीर्घकालिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य रिकॉर्ड का व्यवस्थित रखरखाव और आवधिक निगरानी की परिकल्पना की गई है। यह राष्ट्रव्यापी अभियान व्यावसायिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इस पहल के विस्तार और प्रभाव का आकलन किया जाएगा।