एनएचएआई ने ऑटोमैटिक गड्ढा मरम्मत और मशीनीकृत ड्रेनेज सफाई अनिवार्य की, हाईवे रखरखाव में बड़ा बदलाव
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने मंगलवार, 9 जून 2026 को राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के रखरखाव को आधुनिक बनाने के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित कई अनिवार्य पहलें लागू कीं। इन पहलों में ऑटोमैटिक गड्ढा भरने वाली मशीनें, मशीनीकृत ड्रेनेज सफाई और परफॉर्मेंस-बेस्ड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट (पीबीएमसी) के तहत उन्नत उपकरणों की तैनाती शामिल है। अथॉरिटी के अनुसार, इन कदमों का उद्देश्य सड़क की गुणवत्ता, परिचालन दक्षता और यात्रियों के अनुभव को व्यापक रूप से सुधारना है।
मुख्य घटनाक्रम
एनएचएआई ने परफॉर्मेंस-बेस्ड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत उपयोग होने वाले उपकरणों की सूची में ऑटोमैटिक गड्ढा भरने, कॉम्पैक्टिंग और पैचिंग मशीनों के साथ-साथ मशीनीकृत सड़क सफाई उपकरण को भी शामिल किया है। अथॉरिटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि चल रहे रखरखाव परियोजनाओं में इन तकनीकों को लगाने से जुड़े खर्चों का आकलन और अनुमोदन एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
एनएचएआई के अनुसार, ऑटोमैटिक गड्ढा मरम्मत मशीनों के इस्तेमाल से सड़क सुधार कार्य तेज़ होगा, निर्माण-अवरोध का समय घटेगा और राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को होने वाली असुविधा कम होगी।
मानसून से पहले ड्रेनेज सफाई अनिवार्य
मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए, एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के शहरी और आबादी वाले क्षेत्रों में नालियों की मशीनीकृत सफाई अनिवार्य कर दी है। इस प्रणाली में हाई-फ्लो सक्शन और जेटिंग यूनिट, हाइड्रोलिक ग्रैब मशीन और डीवॉटरिंग पंप सेट का एक साथ उपयोग किया जाएगा।
इन उपकरणों का इस्तेमाल जल-निकासी, जमी हुई गाद को ढीला करने, कीचड़ हटाने और ड्रेनेज चैनल से भारी कचरे की सफाई के लिए होगा — जिससे बारिश के पानी का बेहतर प्रबंधन और जलभराव का खतरा कम होने की उम्मीद है।
ठेकेदारों पर कड़ी निगरानी
एनएचएआई ने कॉन्ट्रैक्टर और कंसेशनियर को निर्देश दिया है कि वे ड्रेनेज प्रणाली के लिए निर्धारित रखरखाव कार्यक्रम और निरीक्षण योजना का सख्ती से पालन करें। ड्रेनेज संबंधी कमियों को दूर करने की समय-सीमा का अनुपालन हो रहा है या नहीं, इसकी बारीकी से निगरानी की जाएगी ताकि तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित हो और सड़क की स्थिति बिगड़ने से बचाई जा सके।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मानसून से पहले हाईवे पर गड्ढों और जलभराव की समस्याएँ चरम पर होती हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर गड्ढों के कारण होने वाली दुर्घटनाएँ सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय रही हैं। समय पर मरम्मत और उन्नत उपकरणों की तैनाती से यात्रा अनुभव बेहतर होने, वाहनों को होने वाले नुकसान में कमी आने और हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर की दीर्घकालिक मज़बूती बनाए रखने की उम्मीद है।
अथॉरिटी के अनुसार, इन पहलों से रखरखाव अनुबंधों का सख्त अनुपालन भी सुनिश्चित होगा, जो अब तक एक कमज़ोर कड़ी रही है।