राजस्थान के डांडेवाला में ऑयल इंडिया को मिला नया गैस भंडार, हरदीप पुरी बोले- ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई गति
सारांश
मुख्य बातें
ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने राजस्थान के डांडेवाला क्षेत्र में प्राकृतिक गैस के एक नए भंडार की सफल खोज की है, जहाँ उथले सानू फॉर्मेशन से पहली बार लगभग 25,000 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन की दर से गैस प्रवाह दर्ज किया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 23 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए इसे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
खोज का विवरण और तकनीकी महत्व
डांडेवाला क्षेत्र के उथले सानू फॉर्मेशन में यह पहली बार है जब इस परत से व्यावसायिक रूप से उल्लेखनीय गैस प्रवाह हासिल हुआ है। मंत्री पुरी के अनुसार, इस सफलता के पीछे ऑयल इंडिया की तकनीकी दक्षता, निरंतर प्रयास और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का योगदान रहा है। गौरतलब है कि राजस्थान भारत के प्रमुख हाइड्रोकार्बन-समृद्ध क्षेत्रों में गिना जाता है और यहाँ पहले से ही कई सक्रिय उत्पादन ब्लॉक संचालित हो रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और नीतिगत संदर्भ
मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, 'घरेलू ऊर्जा उत्पादन को मजबूत करने की भारत की कोशिश ने राजस्थान में एक नया अध्याय लिखा है।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह उपलब्धि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की यात्रा को नई गति देगी। यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब भारत आयातित ऊर्जा पर निर्भरता घटाने और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए घरेलू अन्वेषण एवं उत्पादन गतिविधियों में तेज़ी से निवेश बढ़ा रहा है।
ऑयल इंडिया का वित्तीय प्रदर्शन
गैस खोज की इस घोषणा के साथ ही ऑयल इंडिया के ताज़ा वित्तीय आँकड़े भी सामने आए हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ में तिमाही आधार पर 76 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी की आय 10 प्रतिशत बढ़कर ₹10,013 करोड़ पहुँच गई। EBITDA बढ़कर ₹3,281 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही में ₹2,510 करोड़ था, और EBITDA मार्जिन भी 27.5 प्रतिशत से सुधरकर 32.8 प्रतिशत पर पहुँच गया।
शेयर बाज़ार में प्रदर्शन
शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ऑयल इंडिया के शेयर मामूली गिरावट के साथ ₹500.45 पर बंद हुए। हालाँकि, पिछले छह महीनों और एक वर्ष में कंपनी के शेयरों में करीब 20 प्रतिशत की तेज़ी देखी गई है। पिछले पाँच वर्षों में इस सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम का शेयर 450 प्रतिशत से अधिक उछल चुका है।
आगे क्या होगा
डांडेवाला में इस नई खोज के बाद अगला कदम भंडार के आकार का विस्तृत मूल्यांकन और व्यावसायिक उत्पादन की संभावनाओं का आकलन होगा। यदि यह क्षेत्र व्यावसायिक दृष्टि से व्यवहार्य सिद्ध होता है, तो यह भारत के घरेलू गैस उत्पादन में उल्लेखनीय योगदान दे सकता है और आयात बिल को कम करने में सहायक हो सकता है।