₹1,000 के नए नोट का दावा फर्जी, PIB फैक्ट चेक ने किया खारिज — RBI ने कोई ऐलान नहीं किया
सारांश
मुख्य बातें
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक यूनिट ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को उस वायरल दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि भारत में ₹1,000 का नया नोट जारी किया गया है। सरकारी एजेंसी ने स्पष्ट किया कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ऐसी किसी भी करेंसी को जारी करने के संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
वायरल दावे की पृष्ठभूमि
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और टेलीग्राम पर कुछ ऐसी पोस्ट तेज़ी से फैलने लगी थीं, जिनमें लोगों को पीले रंग के ₹1,000 जैसे दिखने वाले नोट हाथ में पकड़े दर्शाया गया था। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने दावा किया कि यह नोट नया है, या किसी निश्चित तारीख को जारी किया जाएगा। इन दावों ने तेज़ी से लाखों लोगों के बीच भ्रम और अटकलों का माहौल बना दिया।
सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया
PIB फैक्ट चेक ने एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए स्पष्ट रूप से कहा, 'सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में दावा किया गया है कि ₹1,000 का नया नोट जारी किया गया है। यह दावा फर्जी है।' एजेंसी ने आगे जोड़ा, 'RBI ने ₹1,000 का नया नोट जारी करने के संबंध में कोई घोषणा नहीं की है।' नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से करें और बिना सत्यापित सामग्री साझा करने से बचें।
₹1,000 के नोट का इतिहास
गौरतलब है कि 8 नवंबर 2016 को तत्कालीन सरकार ने विमुद्रीकरण की घोषणा करते हुए ₹500 और ₹1,000 के पुराने नोटों को कानूनी रूप से अमान्य कर दिया था। यह कदम काले धन, जाली मुद्रा और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया था। इसके बाद ₹500 का नए डिज़ाइन वाला नोट तो चलन में लाया गया, परंतु ₹1,000 के नोट को दोबारा जारी नहीं किया गया।
इसके स्थान पर RBI ने ₹2,000 का नोट जारी किया था, जिसे बाद में मई 2023 में चलन से वापस ले लिया गया। वर्तमान में भारत में RBI की 'महात्मा गांधी (नई) सीरीज' के तहत ₹10, ₹20, ₹50, ₹100, ₹200 और ₹500 के बैंकनोट वैध मुद्रा के रूप में चलन में हैं।
आम जनता पर असर और सावधानी
यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर वित्तीय और मौद्रिक विषयों से जुड़ी भ्रामक सूचनाएँ तेज़ी से फैलती हैं और आम नागरिकों को गुमराह करती हैं। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी संदिग्ध दावे की जानकारी सीधे PIB फैक्ट चेक को दें। यह Nवीं ऐसी घटना है जब मुद्रा से जुड़े फर्जी दावे सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं और सरकारी एजेंसियों को स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा है।
क्या होगा आगे
फिलहाल RBI की ओर से ₹1,000 के किसी नए नोट की योजना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौद्रिक नीति में किसी भी बड़े बदलाव की घोषणा RBI के आधिकारिक चैनलों और सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से ही होगी। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।