PM मोदी की 7 अपीलें: एसोचैम बोला — 'विकसित भारत' की राह होगी मजबूत, टिकाऊ विकास को मिलेगी रफ्तार
सारांश
तेल कंपनियों पर भारी बोझ
एसोचैम ने यह भी रेखांकित किया कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहाँ 70 दिनों से अधिक समय से जारी वैश्विक संघर्ष के बावजूद पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। कई देशों में ईंधन की कीमतों में 30 से 70 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसके बावजूद भारत की तेल विपणन कंपनियाँ रोज़ाना करीब ₹1,000 करोड़ का नुकसान झेल रही हैं। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में इन कंपनियों की अंडर-रिकवरी करीब ₹2 लाख करोड़ तक पहुँच गई है, ताकि वैश्विक स्तर पर बढ़ी तेल कीमतों का बोझ आम भारतीय नागरिकों पर न पड़े।
आगे की राह
एसोचैम के अनुसार, प्रधानमंत्री की ये सात अपीलें देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, नागरिकों के कल्याण और वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगी। यदि नागरिक इन अपीलों पर अमल करते हैं, तो यह सामूहिक प्रयास 'विकसित भारत' के लक्ष्य को तेज़ गति से हासिल करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
मुख्य बातें
उद्योग संगठन एसोचैम ने सोमवार, 11 मई को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई सात अपीलें भारत की 'विकसित भारत' यात्रा को मज़बूत करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। एसोचैम के अनुसार, ये अपीलें अनिश्चित वैश्विक माहौल में भारत की आर्थिक प्रतिस्पर्धा क्षमता और आत्मनिर्भरता को नई ऊँचाई देने वाले सात मंत्र हैं।
प्रधानमंत्री की सात अपीलें क्या हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, सप्लाई चेन में बाधाओं और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए सामूहिक सहयोग की अपील की। इनमें पेट्रोलियम उत्पादों का सोच-समझकर उपयोग, फिजूलखर्ची में कमी, इलेक्ट्रिक वाहनों और रेल परिवहन को बढ़ावा, सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो को प्राथमिकता, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कटौती, विदेश यात्राओं में संयम और गैर-ज़रूरी सोने की खरीद कम करना शामिल हैं।
एसोचैम की प्रतिक्रिया
एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री की ये अपीलें देश की मज़बूती, प्रतिस्पर्धा क्षमता और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के सात मंत्र की तरह हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों और रेल परिवहन को प्रोत्साहन देने से प्रदूषण में कमी आएगी, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और नागरिकों का जीवन सुगम बनेगा।
मिंडा ने यह भी कहा कि सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो को प्राथमिकता देने की अपील देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता और ईंधन सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी। रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग और विदेश यात्राओं में कटौती से विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी और 'आत्मनिर्भर भारत' मिशन को भी नई ताकत मिलेगी।
सोने के आयात पर चिंता
एसोचैम ने गैर-ज़रूरी सोने की खरीद घटाने की अपील का स्वागत किया। निर्मल मिंडा ने कहा,