PM मोदी और सिटीग्रुप CEO जेन फ्रेजर की मुलाकात, ‘विकसित भारत 2047’ और निवेश पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिटीग्रुप की चेयरपर्सन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेन फ्रेजर से बुधवार को मुलाकात की और भारत की आर्थिक वृद्धि, निवेश परिदृश्य तथा देश की प्रमुख विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में इस वैश्विक वित्तीय संस्थान की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। बैठक की जानकारी गुरुवार को सिटी बैंक की ओर से जारी एक बयान के माध्यम से सामने आई, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के लिए अपनी रणनीतिक दृष्टि साझा की।
बैठक के मुख्य बिंदु
बयान के अनुसार, बातचीत में भारत में निवेश और पूंजी प्रवाह, भारतीय कंपनियों के लिए विदेशों में उपलब्ध अवसर, वैकल्पिक ऊर्जा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषय प्रमुखता से शामिल रहे। दोनों पक्षों ने इस पर भी विचार-विमर्श किया कि सिटी भारत के आर्थिक एजेंडे को मज़बूती देने, वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने और भारतीय कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय विस्तार में किस तरह योगदान दे सकता है।
स्वच्छ ऊर्जा और AI पर ज़ोर
बैठक में देश में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास से जुड़े अवसरों, विशेष रूप से सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन पर चर्चा हुई। AI के संदर्भ में नियमन की भूमिका और उन क्षेत्रों की पहचान पर बात की गई जहाँ इस तकनीक के माध्यम से आर्थिक वृद्धि को गति दी जा सकती है — यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसे केंद्र सरकार अपने डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर एजेंडे का अगला चरण मानती है।
सिटी की भारत में मौजूदगी
जेन फ्रेजर के साथ सिटी इंडिया के CEO के. बालासुब्रमण्यम भी मौजूद रहे। उन्होंने भारत में सिटी की लगभग 125 वर्षों की मौजूदगी पर गर्व व्यक्त किया और देश तथा अपने ग्राहकों के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता दोहराई। वर्ष 2027 में भारत में सिटी अपनी 125वीं वर्षगांठ मनाएगा।
क्यों मायने रखती है यह मुलाकात
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक वित्तीय संस्थान भारत को उभरते बाज़ारों में सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में देख रहे हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह मुलाकात मोदी सरकार के सुधारवादी एजेंडे पर अंतरराष्ट्रीय पूंजी के भरोसे का संकेत है, विशेषकर बैंकिंग सुधारों और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में हुई प्रगति के बाद।
आगे क्या
सिटी 3 से 5 जून के बीच मुंबई में अपने ‘सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन कर रहा है, जिसमें 1,500 से अधिक ग्राहक और निवेशक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत-केंद्रित निवेश विमर्श को आगे बढ़ाना और वैश्विक पूंजी के लिए उपलब्ध अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत करना है।