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RBI डिप्टी गवर्नर एससी मुर्मु: NBFC की अगली ग्रोथ टेक्नोलॉजी और विश्वास पर टिकी

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RBI डिप्टी गवर्नर एससी मुर्मु: NBFC की अगली ग्रोथ टेक्नोलॉजी और विश्वास पर टिकी

सारांश

RBI डिप्टी गवर्नर एससी मुर्मु ने CII समिट में स्पष्ट किया — NBFC क्रेडिट GDP के 16.7% तक पहुँचा, लेकिन अगली ग्रोथ की असली कसौटी टेक्नोलॉजी, जवाबदेही और ग्राहक विश्वास होगी। अंडरराइटिंग मानकों से समझौते पर सीधी चेतावनी।

मुख्य बातें

RBI डिप्टी गवर्नर एससी मुर्मु ने 3 सितंबर 2026 को 7वें CII NBFC और HFC समिट को संबोधित किया।
NBFC क्रेडिट नाममात्र GDP के 16.7% तक पहुँचा, जो एक वर्ष पहले 15.9% था।
NBFC क्रेडिट अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के कुल क्रेडिट का 27% है, जो पिछले वर्ष 26% था।
ग्रोथ के तीन चालक — वित्तीय समावेशन , सेक्टर-विशिष्ट विशेषज्ञता , और उत्पाद नवाचार ।
मुर्मु ने चेतावनी दी कि अंडरराइटिंग मानकों , एसेट क्वालिटी और ग्राहक सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।
टेक्नोलॉजी को संस्थागत जवाबदेही कमज़ोर किए बिना निर्णय-क्षमता बढ़ानी चाहिए।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर एससी मुर्मु ने 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि देश की नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFC) के सामने विकास के व्यापक अवसर हैं, क्योंकि भारत तेज़ आर्थिक विकास, बढ़ते शहरीकरण और डिजिटलीकरण के दौर से गुज़र रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र की अगली पीढ़ी की ग्रोथ टेक्नोलॉजी और विश्वास — इन्हीं दो स्तंभों पर निर्भर करेगी।

समिट में मुख्य संदेश

7वें CII NBFC और HFC समिट को संबोधित करते हुए मुर्मु ने कहा कि भारत को विकसित, समावेशी और तकनीकी रूप से उन्नत अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक मज़बूत और विविध क्रेडिट प्रणाली अनिवार्य है। उन्होंने NBFC सेक्टर की ग्रोथ में तीन प्रमुख कारकों की पहचान की — वित्तीय समावेशन, सेक्टर-विशिष्ट विशेषज्ञता, और उत्पाद डिज़ाइन व डिलीवरी में नवाचार

NBFC क्रेडिट के ताज़ा आँकड़े

मुर्मु ने बताया कि NBFC क्रेडिट अब नाममात्र GDP के लगभग 16.7 प्रतिशत तक पहुँच गया है, जो एक वर्ष पहले 15.9 प्रतिशत था। साथ ही यह अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा दिए गए कुल क्रेडिट का लगभग 27 प्रतिशत है, जबकि एक साल पहले यह 26 प्रतिशत था। ये आँकड़े इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हैं।

ग्रोथ के साथ अनुशासन की चेतावनी

हालाँकि, डिप्टी गवर्नर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास की दौड़ में अंडरराइटिंग मानकों, एसेट क्वालिटी या ग्राहक सुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे संस्थानों का दायरा और कामकाज जटिल होता जाता है, उनकी बुनियाद और मज़बूत होनी चाहिए।

डिजिटलीकरण और साइबर सुरक्षा

डिजिटलीकरण के प्रश्न पर मुर्मु ने कहा कि टेक्नोलॉजी को बेहतर निर्णय लेने में सहायक होना चाहिए, लेकिन इससे संस्थागत जवाबदेही कमज़ोर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने साइबर सुरक्षा और परिचालन निरंतरता को ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा और सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए अनिवार्य बताया।

ग्राहक विश्वास: टिकाऊ व्यापार की आधारशिला

मुर्मु ने अपने संबोधन का समापन इस बात पर किया कि टिकाऊ कारोबार के लिए ग्राहकों का भरोसा सबसे ज़रूरी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नवाचार की आड़ में कमज़ोर या संवेदनशील ग्राहकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब NBFC क्षेत्र में डिजिटल लेंडिंग को लेकर नियामकीय जाँच तेज़ हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके भीतर एक तीखा संकेत है — नियामक NBFC क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ती डिजिटल लेंडिंग को लेकर सतर्क है। गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में कई NBFC के खिलाफ अत्यधिक ब्याज दर और कमज़ोर अंडरराइटिंग को लेकर RBI की कार्रवाइयाँ हुई हैं। 'विश्वास' पर बल देना महज़ प्रेरणादायक भाषण नहीं — यह उस क्षेत्र को सीधा संदेश है जहाँ ग्राहक शिकायतें बढ़ रही हैं। असली सवाल यह है कि क्या RBI इस 'विश्वास' को मापने योग्य नियामकीय मानकों में बदलेगा, या यह केवल मंच से दिया गया परामर्श बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI डिप्टी गवर्नर एससी मुर्मु ने NBFC के बारे में क्या कहा?
मुर्मु ने कहा कि NBFC और HFC के पास भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि, शहरीकरण और डिजिटलीकरण के बीच विकास के व्यापक अवसर हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगले चरण की ग्रोथ टेक्नोलॉजी और ग्राहक विश्वास पर निर्भर करेगी।
भारत में NBFC क्रेडिट की मौजूदा स्थिति क्या है?
NBFC क्रेडिट अब नाममात्र GDP का लगभग 16.7% है, जो एक वर्ष पहले 15.9% था। यह अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के कुल क्रेडिट का करीब 27% है, जो पहले 26% था।
RBI ने NBFC को किन जोखिमों के प्रति आगाह किया?
RBI डिप्टी गवर्नर ने चेतावनी दी कि ग्रोथ के लिए अंडरराइटिंग मानकों, एसेट क्वालिटी या ग्राहक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने साइबर सुरक्षा और परिचालन निरंतरता को भी अनिवार्य बताया।
NBFC की ग्रोथ के लिए तीन प्रमुख कारक कौन से हैं?
मुर्मु के अनुसार NBFC सेक्टर की ग्रोथ में वित्तीय समावेशन, सेक्टर-विशिष्ट विशेषज्ञता और उत्पाद डिज़ाइन व डिलीवरी में नवाचार — ये तीन कारक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
डिजिटलीकरण के संदर्भ में RBI का NBFC से क्या आग्रह है?
RBI का आग्रह है कि टेक्नोलॉजी को बेहतर निर्णय लेने में मदद करनी चाहिए, लेकिन संस्थागत जवाबदेही से समझौता नहीं होना चाहिए। ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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