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RBI का वित्त वर्ष 2027 के लिए महंगाई अनुमान 5%, तीसरी तिमाही में 5.9% तक पहुँचने की चेतावनी

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RBI का वित्त वर्ष 2027 के लिए महंगाई अनुमान 5%, तीसरी तिमाही में 5.9% तक पहुँचने की चेतावनी

सारांश

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 2027 के लिए औसत महंगाई 5% रहने का अनुमान दिया, लेकिन तीसरी तिमाही में यह 5.9% तक पहुँच सकती है। कोर महंगाई फिलहाल काबू में है, पर अल-नीनो, कच्चा तेल और भू-राजनीतिक जोखिम आगे की राह को अनिश्चित बनाते हैं।

मुख्य बातें

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए औसत खुदरा महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जारी किया।
तिमाही अनुमान: Q2 में 4.7% , Q3 में 5.9% , Q4 में 5.5% ; FY28 Q1 में 5.3% ।
जून में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.4% हुई — 16 महीनों बाद RBI के 4% लक्ष्य से ऊपर।
कोर महंगाई (खाद्य व ईंधन छोड़कर) मई-जून में 3.9% पर स्थिर; कीमती धातु हटाने पर 2.3–2.5% ।
Q1 महंगाई पूर्व अनुमान से 30 आधार अंक कम रही।
अल-नीनो, वैश्विक कच्चे तेल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम प्रमुख जोखिम के रूप में चिह्नित।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 5 अगस्त 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई दर का औसत अनुमान 5 प्रतिशत रखा है, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वैश्विक अस्थिरता के चलते निकट भविष्य में कीमतों में दबाव बढ़ सकता है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसलों की घोषणा करते हुए RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि खुदरा महंगाई जून में बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई — यह लगातार 16 महीनों तक केंद्रीय बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे रहने के बाद पहली उल्लेखनीय वृद्धि है।

तिमाही-वार महंगाई का पूर्वानुमान

गवर्नर मल्होत्रा ने तिमाही-वार अनुमान साझा करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में महंगाई 4.7 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.5 प्रतिशत रहने की संभावना है। वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही के लिए यह अनुमान 5.3 प्रतिशत रखा गया है। तीसरी तिमाही का 5.9 प्रतिशत का अनुमान विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि यह RBI के मध्यम-अवधि के 4 प्रतिशत लक्ष्य से काफी ऊपर है।

पहली तिमाही में अनुमान से बेहतर प्रदर्शन

RBI के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में महंगाई दर केंद्रीय बैंक के पूर्व अनुमान से 30 आधार अंक कम रही, जो इनपुट लागत दबाव के सीमित असर का संकेत देती है। खाद्य और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, कोर महंगाई (खाद्य और ईंधन को छोड़कर) मई-जून के दौरान 3.9 प्रतिशत पर स्थिर रही। कीमती धातुओं को भी बाहर करने पर यह आँकड़ा और घटकर 2.3 से 2.5 प्रतिशत के बीच आ जाता है, जो माँग-पक्ष के दबाव की कमज़ोरी दर्शाता है।

अर्थव्यवस्था की मज़बूती पर RBI का रुख

गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मज़बूत बनी हुई है और इसे घरेलू माँग, मैन्युफैक्चरिंग तथा सेवा क्षेत्र की निरंतर गतिविधियों, अनुकूल निवेश रुझान और मज़बूत निर्यात का समर्थन प्राप्त है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कई केंद्रीय बैंक मंदी की आशंका और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

महंगाई के जोखिम: अल-नीनो, कच्चा तेल और भू-राजनीति

मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि महंगाई के अनुमान पर कई जोखिम अभी भी बने हुए हैं। इनमें अल-नीनो का मानसून पर संभावित असर, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रम प्रमुख हैं। गौरतलब है कि भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का बड़ा हिस्सा आयात के ज़रिए पूरा करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमतों की हलचल सीधे घरेलू महंगाई को प्रभावित करती है। आने वाले महीनों में RBI की नीतिगत दिशा काफी हद तक इन्हीं कारकों पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत का पूर्वानुमान यह संकेत देता है कि केंद्रीय बैंक स्वयं मानता है कि आने वाले महीने असहज करने वाले होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब RBI ने हाल के चक्र में दरें घटाई हैं — यदि महंगाई Q3 में 5.9 प्रतिशत के करीब पहुँचती है, तो आगे की कटौती की गुंजाइश सिकुड़ जाएगी और नीति-निर्माताओं पर दोतरफा दबाव बढ़ेगा। कोर महंगाई का 2.3–2.5 प्रतिशत पर रहना माँग की कमज़ोरी का भी संकेत है, जो विकास के नज़रिए से उतनी राहत की बात नहीं जितनी दिखती है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI ने वित्त वर्ष 2027 के लिए महंगाई का क्या अनुमान लगाया है?
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए औसत खुदरा महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जारी किया है। तिमाही-वार देखें तो Q2 में 4.7%, Q3 में 5.9% और Q4 में 5.5% रहने की संभावना जताई गई है।
जून 2026 में खुदरा महंगाई दर कितनी रही?
जून 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई। यह लगातार 16 महीनों तक RBI के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे रहने के बाद पहली उल्लेखनीय वृद्धि है।
कोर महंगाई दर क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
कोर महंगाई वह दर है जिसमें खाद्य और ईंधन की कीमतें शामिल नहीं होतीं। मई-जून 2026 में यह 3.9 प्रतिशत पर स्थिर रही, और कीमती धातुओं को हटाने पर 2.3–2.5 प्रतिशत रही। यह माँग-पक्ष के दबाव की कमज़ोरी का संकेत देती है।
महंगाई के अनुमान पर RBI ने किन जोखिमों की पहचान की है?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, अल-नीनो का मानसून पर असर, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रम प्रमुख जोखिम हैं जो महंगाई के अनुमान को प्रभावित कर सकते हैं।
वित्त वर्ष 2028 की पहली तिमाही के लिए महंगाई का अनुमान क्या है?
RBI ने वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही के लिए खुदरा महंगाई दर 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो यह दर्शाता है कि कीमतों का दबाव अगले वित्त वर्ष की शुरुआत तक भी बना रह सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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