8वें यूथ को:लैब इनोवेशन चैलेंज 2026 में 6 स्टार्टअप विजेता, ₹3.5 लाख तक की सीड ग्रांट
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 24 जून 2026 को घोषित परिणामों में, देश के 28 राज्यों से आए युवा उद्यमियों द्वारा संचालित 6 स्टार्टअप्स को 8वें यूथ को:लैब नेशनल इनोवेशन चैलेंज 2026 का विजेता घोषित किया गया। इन स्टार्टअप्स को सर्कुलर इकोनॉमी, टिकाऊ वस्त्र एवं फैशन, खाद्य प्रणालियों और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में नवाचारी समाधान विकसित करने के लिए सीड फंडिंग और क्षमता विकास सहायता प्रदान की गई है।
चैलेंज की संरचना और भागीदारी
इस प्रतियोगिता में 28 राज्यों से 350 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 50 संभावनाशील स्टार्टअप्स को तीन महीने के नेशनल स्प्रिंगबोर्ड प्रोग्राम में शामिल किया गया, जो एक वर्चुअल क्षमता विकास यात्रा थी। इस कार्यक्रम में 16 उद्योग विशेषज्ञों का सहयोग लिया गया।
सभी 50 स्टार्टअप्स ने नेशनल इनोवेशन डायलॉग के दौरान प्रतिष्ठित जूरी के सामने अपने विचार और व्यावसायिक मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें से शीर्ष 20 स्टार्टअप्स को हैदराबाद स्थित टी-हब में आयोजित रीजनल इमर्शन बूटकैंप के लिए चुना गया।
पुरस्कार और सीड फंडिंग
नीति आयोग के आधिकारिक बयान के अनुसार, तीन विजेता स्टार्टअप्स को ₹3.5 लाख की सीड ग्रांट के साथ-साथ क्षमता विकास और इकोसिस्टम से जुड़ने के अवसर प्रदान किए गए। वहीं, तीन उपविजेता स्टार्टअप्स को ₹2.2 लाख की राशि दी गई।
पाँच दिनों तक चले बूटकैंप में स्टार्टअप्स को उद्योग जगत के नेताओं, सस्टेनेबिलिटी विशेषज्ञों, निवेशकों, सरकारी प्रतिनिधियों और उद्यमियों के साथ जुड़ने का अवसर मिला। मास्टरक्लास, मेंटरशिप सत्र, औद्योगिक भ्रमण और आपसी सीखने की गतिविधियों के माध्यम से इनके बिजनेस मॉडल को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
आयोजन में भागीदार संस्थाएँ
यह चैलेंज संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) इंडिया और सिटी फाउंडेशन के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसे अटल इनोवेशन मिशन के सहयोग से संचालित किया गया, जबकि क्रियान्वयन की जिम्मेदारी टी-हब फाउंडेशन ने निभाई। यह ऐसे समय में आया है जब भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर पहुँच चुका है, लेकिन भौगोलिक और सामाजिक असमानता अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
तेलंगाना इनोवेशन सेल (टीजीआईसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेराज फहीम ने कहा कि यूथ को:लैब जैसी पहलें नवाचार, सहयोग और युवा नेतृत्व की ताकत को मजबूत करती हैं और समाज की कई बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने में मदद करती हैं।
अटल इनोवेशन मिशन के प्रोग्राम डायरेक्टर प्रतीक देशमुख ने कहा कि भारत में स्टार्टअप्स की कमी नहीं, बल्कि असली चुनौती अवसरों और संसाधनों के समान वितरण की है। उन्होंने कहा, 'भारत में पूंजी का वितरण अभी भी बेंगलुरु और दिल्ली जैसे शहरों तक सीमित है। मेंटरशिप टियर-3 शहरों और पूर्वोत्तर राज्यों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुँच पा रही है। महिलाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आने वाले उद्यमियों के लिए अवसर अभी भी सीमित हैं।'
यूएनडीपी इंडिया की रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव डॉ. एंजेला लुसिगी ने बताया कि चयनित स्टार्टअप्स में 40 प्रतिशत से अधिक महिला उद्यमियों द्वारा संचालित हैं, जो भारत के नवाचार इकोसिस्टम में विविध प्रतिभाओं और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
गौरतलब है कि यह यूथ को:लैब का 8वाँ संस्करण है, जो इस मंच की निरंतरता और बढ़ती व्यापकता को रेखांकित करता है। आने वाले समय में इन विजेता स्टार्टअप्स के सस्टेनेबिलिटी-केंद्रित मॉडलों का असर ज़मीनी स्तर पर देखा जाएगा।