3 अगस्त 2026
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सेंसेक्स 788 अंक उछला, 79,000 के करीब; कच्चे तेल में 5% गिरावट से बाज़ार को मिला सहारा

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सेंसेक्स 788 अंक उछला, 79,000 के करीब; कच्चे तेल में 5% गिरावट से बाज़ार को मिला सहारा

सारांश

ट्रंप के ईरान हमला रोकने के ऐलान ने वैश्विक तेल बाज़ार को हिला दिया — ब्रेंट क्रूड 5% लुढ़का और भारतीय बाज़ार को सीधा फ़ायदा मिला। सेंसेक्स 788 अंक उछलकर 79,000 के करीब पहुँचा, मेटल और FMCG शेयरों ने अगुवाई की।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स सोमवार को 788.70 अंक (1.01%) की तेज़ी के साथ 78,883.34 पर खुला।
NSE निफ्टी 50 189.10 अंक (0.78%) की बढ़त के साथ 24,572.70 पर था।
ब्रेंट क्रूड करीब 5% गिरकर $83.66/बैरल और WTI क्रूड 5.50% गिरकर $80.02/बैरल पर आया।
निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी टॉप गेनर सूचकांक रहे; निफ्टी फार्मा और निफ्टी मीडिया लाल निशान में।
निफ्टी मिडकैप 100 274 अंक और निफ्टी स्मॉलकैप 100 164 अंक की बढ़त में।
अधिकांश एशियाई बाज़ार कमज़ोर; अमेरिकी डाओ जोन्स शुक्रवार को 0.53% और नैस्डैक करीब 1% मज़बूत बंद हुए थे।

BSE सेंसेक्स सोमवार, 3 अगस्त को शुरुआती कारोबार में 788.70 अंक (1.01%) की तेज़ी के साथ 78,883.34 पर पहुँच गया, जबकि NSE निफ्टी 50 189.10 अंक (0.78%) की बढ़त के साथ 24,572.70 पर था। बाज़ार में यह उछाल मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले रोकने के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट से प्रेरित रही।

मुख्य घटनाक्रम

शुरुआती कारोबार में निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी सूचकांक अग्रणी रहे। इनके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑयल एंड गैस भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

दूसरी ओर, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा और निफ्टी मीडिया लाल निशान में थे। व्यापक बाज़ार में भी तेज़ी रही — निफ्टी मिडकैप 100 274 अंक (0.44%) की बढ़त के साथ 62,181 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 164 अंक (0.85%) की तेज़ी के साथ 19,513 पर था।

टॉप गेनर्स और लूज़र्स

सेंसेक्स पैक में इंडिगो, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, TCS, इन्फोसिस, इटरनल, L&T, M&M, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, BEL, HUL, पावर ग्रिड, ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, NTPC, HDFC बैंक, ICICI बैंक और HCL टेक प्रमुख लाभ में थे। वहीं सन फार्मा, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल गिरावट में रहे।

कच्चे तेल में गिरावट — बाज़ार की असली वजह

बाज़ार में तेज़ी का प्रमुख कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने ईरान पर हमले रोकने की घोषणा की। इससे वैश्विक तेल बाज़ार में तनाव घटा और कीमतें तेज़ी से लुढ़कीं। रिपोर्ट लिखे जाने तक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 5% की कमज़ोरी के साथ $83.66 प्रति बैरल और WTI क्रूड 5.50% की गिरावट के साथ $80.02 प्रति बैरल पर था।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का 85% से अधिक आयात करता है — ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट सीधे व्यापार घाटे, मुद्रास्फीति और कंपनियों की इनपुट लागत पर सकारात्मक असर डालती है।

वैश्विक बाज़ारों का हाल

अधिकांश एशियाई बाज़ार दबाव में थे — टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, सियोल और जकार्ता लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। हालाँकि, अमेरिकी बाज़ार शुक्रवार को मज़बूत बंद हुए थे — डाओ जोन्स 0.53% और नैस्डैक करीब 1% की बढ़त के साथ बंद हुआ था, जिसने भारतीय बाज़ार की धारणा को भी सकारात्मक रखा।

आगे क्या देखें

बाज़ार विशेषज्ञों की नज़र अब ईरान-अमेरिका तनाव के अगले घटनाक्रम और वैश्विक तेल आपूर्ति पर टिकी है। यदि कच्चे तेल में यह नरमी बनी रहती है, तो ऑटो, एविएशन, पेंट और एफएमसीजी सेक्टर को अगले कारोबारी सत्रों में और लाभ मिल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक भू-राजनीतिक बयान पर टिकी है — और यही इसकी कमज़ोरी है। ट्रंप के बयान पलटने की स्थिति में कच्चा तेल फिर चढ़ सकता है और यह तेज़ी उतनी ही तेज़ी से पलट सकती है। गौरतलब है कि भारतीय बाज़ार बीते कुछ महीनों में वैश्विक संकेतों पर अत्यधिक निर्भर हो गए हैं, जबकि घरेलू कमाई के अनुमान मिश्रित बने हुए हैं। फार्मा और मीडिया सेक्टर का लाल निशान में रहना बताता है कि यह तेज़ी व्यापक नहीं, बल्कि चुनिंदा है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोमवार को सेंसेक्स में इतनी तेज़ी क्यों आई?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले रोकने के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई, जिससे भारतीय बाज़ार में सकारात्मक धारणा बनी। ब्रेंट क्रूड करीब 5% और WTI क्रूड 5.50% तक लुढ़का, जो तेल आयातक देश भारत के लिए सीधा फ़ायदेमंद है।
आज निफ्टी के टॉप गेनर सेक्टर कौन से रहे?
शुरुआती कारोबार में निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी सबसे अधिक लाभ में रहे। इनके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी इंडिया डिफेंस भी हरे निशान में थे।
कच्चे तेल की गिरावट का भारतीय शेयर बाज़ार पर क्या असर होता है?
भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का 85% से अधिक आयात करता है, इसलिए तेल सस्ता होने पर व्यापार घाटा घटता है, मुद्रास्फीति का दबाव कम होता है और ऑटो, एविएशन, पेंट व FMCG कंपनियों की इनपुट लागत घटती है — जिससे उनके शेयर चढ़ते हैं।
आज कौन से शेयर गिरावट में रहे?
सेंसेक्स पैक में सन फार्मा, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल लूज़र्स रहे। सेक्टर स्तर पर निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा और निफ्टी मीडिया लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
वैश्विक बाज़ारों का आज क्या हाल था?
अधिकांश एशियाई बाज़ार — टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, सियोल और जकार्ता — कमज़ोरी के साथ कारोबार कर रहे थे। हालाँकि, शुक्रवार को अमेरिकी डाओ जोन्स 0.53% और नैस्डैक करीब 1% की बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिसने भारतीय बाज़ार को कुछ सहारा दिया।
राष्ट्र प्रेस
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