सेंसेक्स 788 अंक उछला, 79,000 के करीब; कच्चे तेल में 5% गिरावट से बाज़ार को मिला सहारा
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स सोमवार, 3 अगस्त को शुरुआती कारोबार में 788.70 अंक (1.01%) की तेज़ी के साथ 78,883.34 पर पहुँच गया, जबकि NSE निफ्टी 50 189.10 अंक (0.78%) की बढ़त के साथ 24,572.70 पर था। बाज़ार में यह उछाल मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले रोकने के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट से प्रेरित रही।
मुख्य घटनाक्रम
शुरुआती कारोबार में निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी सूचकांक अग्रणी रहे। इनके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑयल एंड गैस भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
दूसरी ओर, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा और निफ्टी मीडिया लाल निशान में थे। व्यापक बाज़ार में भी तेज़ी रही — निफ्टी मिडकैप 100 274 अंक (0.44%) की बढ़त के साथ 62,181 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 164 अंक (0.85%) की तेज़ी के साथ 19,513 पर था।
टॉप गेनर्स और लूज़र्स
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, TCS, इन्फोसिस, इटरनल, L&T, M&M, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, BEL, HUL, पावर ग्रिड, ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, NTPC, HDFC बैंक, ICICI बैंक और HCL टेक प्रमुख लाभ में थे। वहीं सन फार्मा, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल गिरावट में रहे।
कच्चे तेल में गिरावट — बाज़ार की असली वजह
बाज़ार में तेज़ी का प्रमुख कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने ईरान पर हमले रोकने की घोषणा की। इससे वैश्विक तेल बाज़ार में तनाव घटा और कीमतें तेज़ी से लुढ़कीं। रिपोर्ट लिखे जाने तक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 5% की कमज़ोरी के साथ $83.66 प्रति बैरल और WTI क्रूड 5.50% की गिरावट के साथ $80.02 प्रति बैरल पर था।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का 85% से अधिक आयात करता है — ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट सीधे व्यापार घाटे, मुद्रास्फीति और कंपनियों की इनपुट लागत पर सकारात्मक असर डालती है।
वैश्विक बाज़ारों का हाल
अधिकांश एशियाई बाज़ार दबाव में थे — टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, सियोल और जकार्ता लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। हालाँकि, अमेरिकी बाज़ार शुक्रवार को मज़बूत बंद हुए थे — डाओ जोन्स 0.53% और नैस्डैक करीब 1% की बढ़त के साथ बंद हुआ था, जिसने भारतीय बाज़ार की धारणा को भी सकारात्मक रखा।
आगे क्या देखें
बाज़ार विशेषज्ञों की नज़र अब ईरान-अमेरिका तनाव के अगले घटनाक्रम और वैश्विक तेल आपूर्ति पर टिकी है। यदि कच्चे तेल में यह नरमी बनी रहती है, तो ऑटो, एविएशन, पेंट और एफएमसीजी सेक्टर को अगले कारोबारी सत्रों में और लाभ मिल सकता है।