72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड: योगेश देशपांडे की जीत पर पत्नी तृप्ति की आँखें हुईं नम, बोलीं — 'सालों के संघर्ष का मिला फल'
सारांश
मुख्य बातें
स्क्रीनराइटर योगेश देशपांडे को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में मराठी फिल्म 'स्वरगंधर्व सुधीर फड़के' के लिए बेस्ट अडैप्टेड स्क्रीनप्ले का पुरस्कार मिलने के बाद पुणे में उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। 19 जुलाई को उनकी पत्नी तृप्ति देशपांडे ने इस सम्मान को वर्षों की मेहनत और अटूट लगन का प्रतिफल बताया और बातचीत के दौरान उनकी आँखें भर आईं।
पुरस्कार की घोषणा का वह भावुक पल
तृप्ति देशपांडे ने बताया, 'जब नेशनल फिल्म अवॉर्ड की घोषणा हुई, उस समय मैं और योगेश दोनों साथ थे। जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई, परिवार में खुशी छा गई। मुझे अपने पति पर गर्व है, क्योंकि उन्होंने वर्षों तक कड़ी मेहनत की और आखिरकार उनकी मेहनत को बड़ी पहचान मिली।' यह कहते-कहते वह भावुक हो गईं और उनकी आँखों में खुशी के आँसू छलक आए।
संघर्ष के दिनों की याद
तृप्ति ने उन कठिन वर्षों को भी याद किया जब योगेश अपने काम में पूरी तरह डूबे रहते थे। उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ साल मेरे लिए आसान नहीं थे। जब योगेश अपने काम में व्यस्त रहते थे, तब घर और बच्चे की जिम्मेदारी संभालना मेरे लिए चुनौती भरा था। उस समय बच्चा भी बहुत छोटा था और वह अपने पिता को काफी मिस करता था। हालांकि, हमने उनके सपनों को समझा और उनका पूरा साथ दिया।'
योगेश की प्रतिबद्धता और ईमानदारी
तृप्ति ने यह भी कहा कि योगेश देशपांडे ने इस मुकाम तक पहुँचने के लिए कभी हार नहीं मानी। उनके शब्दों में, 'मैंने करीब से देखा है कि कैसे उन्होंने अपने काम के लिए पूरी मेहनत और लगन दिखाई। यह अवॉर्ड योगेश के लिए बिल्कुल सही सम्मान है, क्योंकि उन्होंने अपने काम के प्रति हमेशा ईमानदारी दिखाई है।' गौरतलब है कि 'स्वरगंधर्व सुधीर फड़के' मराठी संगीत जगत के दिग्गज सुधीर फड़के के जीवन पर आधारित फिल्म है, जिसकी पटकथा को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ माना गया।
योगेश का संकल्प — भारतीय संस्कृति की कहानियाँ
पुरस्कार मिलने पर योगेश देशपांडे ने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार किसी भी कलाकार और लेखक के लिए सबसे बड़ा सम्मान होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अब एक लेखक के तौर पर उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। वह आगे भी ऐसी कहानियाँ लिखना चाहते हैं जिनमें भारतीय संस्कृति, समाज और लोगों की भावनाओं की झलक मिले। यह जीत मराठी सिनेमा के लिए भी एक बड़ा सम्मान है।