फीफा वर्ल्ड कप 2026: अभिनेता आदिल हुसैन ने अमेरिका की व्यवस्थाओं पर उठाए गंभीर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता आदिल हुसैन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आयोजन को लेकर अमेरिका की तैयारियों और प्रबंधन पर गंभीर चिंता जताई है। 26 जून 2026 को मुंबई में एक बातचीत के दौरान हुसैन ने अपने हालिया अमेरिका प्रवास के निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस महाटूर्नामेंट के संचालन में कई खामियाँ सामने आई हैं। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेज़बानी में हो रहे इस वैश्विक आयोजन में दुनियाभर के फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें टिकी हैं।
निजी अनुभव: मैच देखने का मौका नहीं मिला
आदिल हुसैन ने बताया कि वे हाल ही में पारिवारिक कारणों से अमेरिका गए थे और व्यस्तता के चलते वर्ल्ड कप का कोई भी मैच नहीं देख पाए। उन्होंने कहा, 'मेरा प्लान था कि मैं वर्ल्ड कप के कुछ मैच देखूं, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से ऐसा नहीं हो पाया और मुझे वापस लौटना पड़ा।' हुसैन ने स्पष्ट किया कि इस दौरे में वे किसी भी फुटबॉल मैच का हिस्सा नहीं बन सके।
सुरक्षा और खान-पान पर उठे सवाल
हुसैन ने कथित रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि सुरक्षा कारणों का हवाला देकर कई देशों के फैंस को स्टेडियम में प्रवेश से रोका गया। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि कई टीमें अपने खिलाड़ियों के लिए खाना स्वयं लेकर आ रही हैं, क्योंकि अमेरिका में उपलब्ध भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर उन्हें पूरा भरोसा नहीं है। गौरतलब है कि इस तरह की रिपोर्ट्स टूर्नामेंट के आयोजन पर सवाल खड़े करती हैं।
दुनिया के सबसे ताकतवर देश पर सवाल
हुसैन ने तीखे शब्दों में कहा, 'इन तमाम रिपोर्ट्स की मानें, तो अगर दुनिया का सबसे अमीर और ताकतवर देश इतने बड़े वैश्विक आयोजन को पूरी तरह सुचारु रूप से नहीं संभाल पा रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।' यह ऐसे समय में आया है जब फीफा वर्ल्ड कप 2026 को अब तक का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट माना जा रहा है, जिसमें पहली बार 48 टीमें भाग ले रही हैं।
खेल की मूल भावना पर जोर
अभिनेता ने खेलों के सामाजिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि खेल और सांस्कृतिक आयोजन ऐसे मंच होते हैं जहाँ दुनियाभर के लोग अपनी अलग-अलग पहचान, भाषा और संस्कृति को पीछे छोड़कर एक साथ आते हैं। हुसैन ने कहा, 'अगर किसी बड़े आयोजन में लोग एक-दूसरे से कटे हुए महसूस करते हैं, तो यह खेल की मूल भावना के खिलाफ है।' उनके अनुसार इस एकता की भावना को बनाए रखना किसी भी वैश्विक आयोजन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
आगे क्या
फीफा और आयोजक देशों की ओर से इन चिंताओं पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। टूर्नामेंट के जारी रहने के साथ आयोजन व्यवस्था को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। हुसैन जैसी著名 हस्तियों की आवाज़ इस मुद्दे को व्यापक सार्वजनिक विमर्श में ला सकती है।