क्या अमर उपाध्याय पर टीआरपी का दबाव नहीं है? बताया- 'हर सीन में देता हूं सौ प्रतिशत’

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क्या अमर उपाध्याय पर टीआरपी का दबाव नहीं है? बताया- 'हर सीन में देता हूं सौ प्रतिशत’

सारांश

अमर उपाध्याय ने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में अपने किरदार मिहिर के बारे में बात की। उन्होंने दर्शकों से मिले प्यार को सराहा और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। जानें अमर की खास बातें और शो की अद्वितीयता के बारे में।

मुख्य बातें

अमर उपाध्याय का समर्पण हर सीन में देखने को मिलता है।
शो ने पुरानी यादों को नई कहानी के साथ जोड़ा है।
दर्शकों का प्यार अमर के लिए महत्वपूर्ण है।

मुंबई, 10 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। टीवी शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ को दर्शकों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस शो में मिहिर विरानी के किरदार को निभाने वाले अभिनेता अमर उपाध्याय अपनी सफलता से बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने बताया कि इस शो की विशेषता पुरानी यादों और वर्तमान दर्शकों की पसंद का बेहतरीन मिलाजुला रूप है।

अमर ने कहा, “यह शो पुरानी भावनाओं को आज के संदर्भ में जोड़ता है। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ लोगों के दिलों में एक खास स्थान रखता है। नए सीजन में हमने वही भावनात्मक बंधन बनाए रखा है, लेकिन इसे आज की पीढ़ी के अनुरूप ढाला गया है।”

मिहिर के किरदार को पुनः निभाने के संबंध में अमर ने कहा कि इस बार मिहिर पहले से ज्यादा ज़मीन से जुड़ा और भावुक है। पहले वह एक शिष्ट और परंपरागत व्यक्ति था, लेकिन अब उसमें संवेदनशीलता और भावनात्मक गहराई है।

एक विशेष सीन का उल्लेख करते हुए, जिसमें मिहिर तुलसी के कंधे पर सिर रखकर रोते हैं, अमर ने कहा, “यह सीन पहले से निर्धारित था, लेकिन मैंने उस पल में अपनी सभी भावनाएं व्यक्त कीं। यही कारण है कि दर्शकों को यह सीन इतना पसंद आया।”

दर्शक मिहिर को ‘ग्रीन फ्लैग’ यानी सच्चा और आदर्श पुरुष मानते हैं। इस पर अमर ने मुस्कुराते हुए कहा, “यदि लोग मुझे और मिहिर को इस तरह देखते हैं, तो इसका मतलब है कि मैं कुछ सही कर रहा हूं। मुझे टीवी और असल जिंदगी में ऐसे और ‘ग्रीन फ्लैग’ किरदार चाहिए।”

टीआरपी के दबाव के बारे में पूछने पर अमर ने कहा कि वह केवल अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

उन्होंने बताया, “मैं हर सीन में 100 प्रतिशत देता हूं। फिर, घर जाकर परिवार के साथ समय बिताता हूं। बाकी दर्शकों के हाथ में है।”

अमर ने दर्शकों के प्यार के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “दर्शकों ने मिहिर और तुलसी को फिर से अपने घरों में जगह दी, यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम ऐसी कहानियां और पल लाते रहेंगे, जो आपके दिलों में लंबे समय तक रहें।”

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ की नई शुरुआत दर्शकों के लिए पुरानी यादों को ताजा करने के साथ-साथ नई कहानियों का तोहफा लेकर आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि अमर उपाध्याय अपने किरदार के प्रति गंभीरता और समर्पण दिखाते हैं। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ ने दर्शकों के दिलों में जगह बनाई है, जिसे देखकर यह लगता है कि टीवी उद्योग में गुणवत्ता और भावनात्मक गहराई की मांग बढ़ रही है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अमर उपाध्याय ने टीआरपी के दबाव के बारे में कुछ कहा?
हाँ, अमर ने बताया कि वे सिर्फ अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते हैं और हर सीन में 100 प्रतिशत देते हैं।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में अमर का किरदार कैसा है?
अमर के अनुसार, मिहिर का किरदार अब पहले से ज्यादा जमीन से जुड़ा और भावुक है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया के बारे में अमर का क्या कहना है?
अमर ने दर्शकों से मिले प्यार के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह उनके लिए बहुत मायने रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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