धर्मेंद्र के जाने के बाद का दर्द: बॉबी देओल बोले — 'पापा जैसा कोई नहीं हो सकता'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता बॉबी देओल चैट शो 'शेखर टुनाइट' में होस्ट शेखर सुमन के साथ बातचीत के दौरान बेहद भावुक हो गए। उन्होंने अपने दिवंगत पिता और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के जाने के बाद जीवन में आए खालीपन को शब्दों में बयां किया — और इस दौरान उनकी आँखें नम हो गईं।
शेखर सुमन का भावुक संदर्भ
बातचीत की शुरुआत में शेखर सुमन ने एक गहरी बात कही: 'एक बहुत बड़ा पेड़ होता है जिसके नीचे पूरा परिवार बंधा होता है। जब वो चला जाता है तो बहुत खाली-खाली सा लगता है।' यह पंक्तियाँ उन्होंने अपने निजी दुख के संदर्भ में कहीं — सुमन ने सालों पहले अपने बेटे को कम उम्र में खोया था।
इस पर बॉबी देओल ने संवेदना जताते हुए कहा कि ऐसे जख्म कभी पूरी तरह नहीं भरते। उन्होंने शेखर के दर्द को अपने अनुभव से जोड़ा।
बॉबी देओल के दिल की बात
बॉबी ने अपने पिता को याद करते हुए कहा, 'मेरे लिए मेरे पापा बेहद खास थे। वो ऐसे इंसान थे जिन्हें पूरी दुनिया बहुत प्यार करती थी। हमें यह एहसास हमेशा से था। अब जब वो चले गए तो ये दर्द सिर्फ हमारे परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'आज भी मैं जहाँ कहीं जाता हूँ, लोग उन्हें याद करके इमोशनल हो जाते हैं। पापा बहुत स्पेशल थे। उनके जैसा कोई नहीं हो सकता।'
धर्मेंद्र की सादगी और इंसानियत
शेखर सुमन ने धर्मेंद्र की सादगी की तारीफ करते हुए बताया कि वे अपने फार्महाउस पर मिलने वाले हर व्यक्ति — चाहे माली हो या घरेलू मददगार — सभी से प्यार और सम्मान से पेश आते थे। बैंगन, मेथी और पराठों जैसी छोटी-छोटी चीज़ों में भी उन्हें खुशी मिलती थी।
यह सादगी ही उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे चहेते सितारों में से एक बनाती थी — पर्दे पर और पर्दे के बाहर भी।
धर्मेंद्र: एक युग का अंत
धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित और आइकॉनिक अभिनेताओं में से एक थे, जिन्होंने छह दशकों से अधिक का शानदार करियर बनाया। नवंबर 2025 में 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनके जाने से न केवल देओल परिवार, बल्कि पूरे हिंदी सिनेमा जगत ने एक अपूरणीय क्षति महसूस की।
परिवार का सहारा, पर खालीपन बरकरार
बॉबी देओल ने स्वीकार किया कि पिता के जाने के बाद जीवन काफी बदल गया है। उन्होंने कहा कि परिवार अब भी एक-दूसरे का सहारा बने हुए हैं, लेकिन जो जगह पापा ने छोड़ी है, वह कभी नहीं भर सकती। यह भावना उनके चेहरे पर साफ दिखती थी जब वे शो में बोल रहे थे।