पर्दे पर श्रीकृष्ण: अक्षय कुमार से एन.टी. रामा राव तक, इन कलाकारों ने दिया अविस्मरणीय रूप
सारांश
मुख्य बातें
जन्माष्टमी के अवसर पर जब भक्तों के मन में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन-चोरी की शरारतों और भगवद्गीता के संदेश की स्मृतियाँ ताज़ा होती हैं, तब भारतीय सिनेमा में कृष्ण का किरदार निभाने वाले उन कलाकारों की भी चर्चा होती है जिन्होंने इस दैवीय भूमिका को पर्दे पर जीवंत किया। बॉलीवुड से लेकर तेलुगु सिनेमा तक, दशकों में कई अभिनेताओं ने यह चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाई — कुछ को दर्शकों की भरपूर सराहना मिली, तो कुछ का कृष्ण-रूप पीढ़ियों की स्मृति में बस गया।
क्यों है यह किरदार इतना चुनौतीपूर्ण
पर्दे पर श्रीकृष्ण का किरदार निभाना किसी भी कलाकार के लिए केवल अभिनय नहीं, बल्कि एक गहरी जिम्मेदारी भी है। इस भूमिका से करोड़ों दर्शकों की आस्था जुड़ी होती है, इसीलिए अभिनेता के लुक से लेकर संवाद-अदायगी तक हर पहलू पर दर्शकों की पैनी नज़र रहती है। गौरतलब है कि भारतीय सिनेमा की शुरुआत से ही धार्मिक कथाओं पर फिल्में बनाने की परंपरा रही है और कृष्ण का किरदार उसमें सबसे केंद्रीय रहा है।
अक्षय कुमार — आधुनिक कृष्ण का अनूठा रूप
अक्षय कुमार ने 2012 में आई फिल्म 'ओएमजी — ओह माय गॉड!' में भगवान कृष्ण का किरदार निभाया। फिल्म की कहानी कांजी लालजी मेहता नामक एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द बुनी गई है जो प्रचलित धार्मिक धारणाओं पर सवाल उठाता है, और इसी कहानी में कृष्ण के रूप में अक्षय उसके साथ खड़े नज़र आते हैं। फिल्म में उनके किरदार का समकालीन और सहज अंदाज़ दर्शकों को खूब भाया।
पवन कल्याण — तेलुगु दर्शकों के लिए कृष्ण
तेलुगु सिनेमा में पवन कल्याण ने 2015 में आई फिल्म 'गोपाल गोपाला' में कृष्ण की भूमिका निभाई। यह फिल्म दरअसल 'ओएमजी — ओह माय गॉड!' की तेलुगु रीमेक थी। फिल्म में उनका किरदार पहले एक सामान्य इंसान के रूप में सामने आता है और धीरे-धीरे उनका कृष्ण-स्वरूप उजागर होता है। पवन कल्याण की व्यापक लोकप्रियता के चलते इस किरदार ने तेलुगु दर्शकों के बीच विशेष ध्यान आकर्षित किया।
एन.टी. रामा राव — 17 फिल्मों में कृष्ण का अमर रूप
भारतीय सिनेमा में कृष्ण के किरदार को सबसे व्यापक पहचान दिलाने वाले कलाकारों में एन. टी. रामा राव का नाम सर्वोपरि है। उन्होंने 17 फिल्मों में भगवान कृष्ण की भूमिका निभाई, जिनमें 'माया बाजार', 'श्री कृष्ण तुलाभरणम', 'श्री कृष्ण विजयमु', 'श्री कृष्ण सत्य' और 'पांडव वनवासम' जैसी कालजयी फिल्में शामिल हैं। उस दौर के दर्शकों के लिए उनका कृष्ण-रूप एक अमिट छाप छोड़ गया।
जेमिनी गणेशन और सचिन पिलगांवकर — पुरानी पीढ़ी के कृष्ण
जेमिनी गणेशन ने 1948 की फिल्म 'चक्रधारी' में कृष्ण का किरदार निभाया। उस युग में धार्मिक कथाओं पर फिल्में बनाना भारतीय सिनेमा की मुख्यधारा थी और देवी-देवताओं की भूमिका निभाना कलाकार के लिए एक बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी मानी जाती थी।
सचिन पिलगांवकर ने अत्यंत कम उम्र में यह भूमिका निभाई। 1971 की फिल्म 'श्री कृष्ण लीला' में वे बाल-कृष्ण के रूप में नज़र आए, जबकि 1979 में 'गोपाल कृष्ण' में उन्होंने युवा कृष्ण की भूमिका निभाई। इस फिल्म में उनके साथ ज़रीना वहाब भी थीं। यह ऐसे समय में आया जब हिंदी सिनेमा में पौराणिक फिल्मों की एक मज़बूत परंपरा अभी भी जीवित थी।
भारतीय सिनेमा में कृष्ण के किरदार की यह यात्रा 1948 से आज तक जारी है — और हर पीढ़ी के दर्शकों ने अपने-अपने 'कान्हा' को पर्दे पर देखा और सराहा है।