चित्रपताका मराठी फिल्म फेस्टिवल 2026: 15 नवंबर से मुंबई में 41 फिल्मों का महोत्सव
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने 26 अक्टूबर 2026 को 'चित्रपताका मराठी फिल्म फेस्टिवल' के दूसरे संस्करण की आधिकारिक घोषणा की। यह महोत्सव 15 से 18 नवंबर 2026 तक मुंबई के प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्य मंदिर, पीएल देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी में आयोजित होगा, जिसमें कुल 41 मराठी फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
महोत्सव का आयोजन और उद्देश्य
इस फेस्टिवल का संचालन महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक मामलों के विभाग के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र फिल्म, स्टेज एंड कल्चरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा किया जा रहा है। मंत्री शेलार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मराठी सिनेमा ने वैश्विक दर्शकों के बीच गहरी उत्सुकता जगाई है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसी पहल निरंतर जारी रहनी चाहिए, ताकि मराठी सिनेमा के सांस्कृतिक और कलात्मक महत्व को व्यापक पहचान मिल सके। यह आयोजन फिल्म निर्माताओं, मीडियाकर्मियों, विद्वानों और सिनेमा प्रेमियों के बीच सार्थक संवाद का अवसर बनेगा।
फिल्मों का विवरण और प्रमुख आकर्षण
महोत्सव में प्रदर्शित होने वाली 41 मराठी फिल्मों में 5 क्लासिक फिल्में शामिल हैं, जबकि शेष 36 फिल्मों में नई रिलीज़, विभिन्न समारोहों में प्रशंसित कृतियाँ, राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत फिल्में, प्रयोगात्मक सिनेमा तथा ऐसी फिल्में सम्मिलित हैं जो अब तक सार्वजनिक रूप से रिलीज़ नहीं हुई हैं।
इस वर्ष का विशेष आकर्षण 'बुक टू स्क्रीन' पहल होगी, जिसके तहत मराठी साहित्यकारों और प्रकाशकों को फिल्म निर्माताओं से सीधे संवाद का मौका मिलेगा। इसके साथ ही 'युवाओं की नजर से महाराष्ट्र' विषय पर एक लघु फिल्म प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम की संरचना और प्रवेश शुल्क
फिल्मों की स्क्रीनिंग के अतिरिक्त महोत्सव में 5 पैनल चर्चाएँ, 5 विशेष साक्षात्कार और 5 मास्टरक्लास भी होंगे। महोत्सव परिसर में एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो एक सदी से अधिक की मराठी सिनेमा की यात्रा और दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी की स्वर्ण जयंती को दर्शाएगी।
चारों दिनों के लिए पंजीकरण शुल्क ₹100 प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि महोत्सव व्यापक दर्शक वर्ग तक सुलभ रहे।
सूखा राहत से जुड़ी विशेष घोषणा
मंत्री शेलार ने बताया कि राज्य में मौजूदा सूखे की स्थिति को देखते हुए इस महोत्सव से प्राप्त होने वाली समस्त आय को मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किया जाएगा। महोत्सव बिना किसी फिजूलखर्ची के सादगी से आयोजित किया जाएगा, जहाँ फिल्म निर्माण की कला ही केंद्र में रहेगी।
पहले संस्करण की उपलब्धि और आगे की राह
कॉरपोरेशन की प्रबंध निदेशक स्वाति म्हासे-पाटिल ने बताया कि पिछले वर्ष के पहले संस्करण में 2,000 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया था और कुल मिलाकर लगभग 7,500 लोग महोत्सव में शामिल हुए थे। यह आँकड़ा मराठी सिनेमा के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है। गौरतलब है कि यह महोत्सव मराठी फिल्म उद्योग को एक संगठित वैश्विक मंच देने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।