21 अक्टूबर 2026
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सिंटा चुनाव: पद्मिनी कोल्हापुरे को 604 वोट, चोरी के आरोपों पर पूनम ढिल्लों का सीधा जवाब

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सिंटा चुनाव: पद्मिनी कोल्हापुरे को 604 वोट, चोरी के आरोपों पर पूनम ढिल्लों का सीधा जवाब

सारांश

सिंटा विवाद के बीच पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों ने न सिर्फ चुनाव जीता, बल्कि चोरी और फंड दुरुपयोग के आरोपों को भी सीधे नकारा। सबसे बड़ा खुलासा यह कि 3 साल के कार्यकाल का वही निर्णय था, जिसे उपासना सिंह ने खुद एजीएम में घोषित किया था।

मुख्य बातें

पद्मिनी कोल्हापुरे ने सिंटा कार्यकारी समिति चुनाव में 604 वोट पाकर शीर्ष स्थान हासिल किया।
पूनम ढिल्लों 601 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं; नई कमेटी में 15 सदस्य शामिल।
कथित चोरी और एफडी तोड़ने के आरोपों पर ढिल्लों ने कहा — बैंक अकाउंट फ्रीज होने के कारण संगठन संचालन हेतु यह अनिवार्य था।
उपासना सिंह और कुनिका सदानंद ने दस्तावेज़ हटाने व चोरी का आरोप लगाया था, जिसे दोनों अभिनेत्रियों ने खारिज किया।
3 वर्षीय कार्यकाल का निर्णय 2025 की एजीएम में लिया गया था, जिसे तत्कालीन सेक्रेटरी उपासना सिंह ने स्वयं घोषित किया था।

अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) की कार्यकारी समिति के चुनाव में 604 वोट हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि अभिनेत्री पूनम ढिल्लों 601 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। 21 अक्टूबर 2026 को घोषित इस परिणाम के बाद दोनों अभिनेत्रियों ने संगठन में चल रहे विवादों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की।

जीत पर पद्मिनी कोल्हापुरे का बयान

जीत के बाद पद्मिनी कोल्हापुरे ने मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा, 'ये मेरा सर्टिफिकेट है और मैं सारे वोटर्स का धन्यवाद अदा करना चाहती हूं, जिन्होंने मुझे वोट दिया और नंबर 1 स्थान पर पहुंचाया। हालांकि मैं यह साफ करना चाहती हूं कि यहां पर कोई भी नंबर 1 या आखिरी नहीं है।'

उन्होंने एकता पर जोर देते हुए कहा, 'जिन कठिनाइयों को पार करते हुए सभी सदस्यों ने हमारा साथ दिया, यह अपने आप में उनकी जीत है। मुझे नहीं लगता कि किसी को दुख होगा — हम साथ ही हैं।'

पूनम ढिल्लों का जीत पर जश्न और कमेटी का परिचय

पूनम ढिल्लों ने जीत की खुशी साझा करते हुए कहा कि कोई कुछ भी कहे, कमेटी बन गई। उन्होंने बताया, 'हमारी इस कमेटी में 15 हार्डवर्किंग सदस्य हैं। हालांकि कुछ ऐसे सदस्य रह गए जो बहुत अच्छा काम करते थे, लेकिन 15 लोगों की कमेटी बननी थी।'

चोरी और दस्तावेज़ हटाने के आरोपों पर सफाई

गौरतलब है कि सिंटा विवाद के दौरान अभिनेत्री उपासना सिंह और कुनिका सदानंद ने पूनम ढिल्लों व पद्मिनी कोल्हापुरे पर संगठन के जरूरी दस्तावेज़ और सामान कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से हटाने तथा चोरी के आरोप लगाए थे।

इन आरोपों का जवाब देते हुए पूनम ढिल्लों ने कहा, 'उन्हें समझना होगा कि हमने एफडी क्यों तोड़ी थी। उन्होंने हमारे सारे बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए थे और उनका होना बेहद जरूरी था — हमारी ऑर्गनाइजेशन, वेलफेयर समेत सभी के लिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि किसी व्यक्तिगत काम के लिए नहीं, बल्कि संगठन के संचालन के लिए खर्च की गई थी और सभी खर्च लिखित में दर्ज हैं।

ढिल्लों ने कहा, 'असल में उनको ऐसा लगा था कि अगर वे हमारे फंड्स बंद कर देंगी, तो हम कुछ काम नहीं कर पाएंगे। न पूनम ढिल्लों ने, न पद्मिनी कोल्हापुरे ने, और न ही किसी सदस्य ने इसे अपने अकाउंट में डाला।'

तीन वर्षीय कार्यकाल विवाद पर पूनम ढिल्लों का जवाब

सिंटा में 3 वर्षों के कार्यकाल को लेकर उठे सवालों पर पूनम ढिल्लों ने कहा, 'हम अपनी मर्जी से कुछ नहीं करते। एजीएम होती है, फिर रेजोल्यूशन पास होते हैं। उसके बाद ही बदलाव होता है — वह कॉन्स्टिट्यूशन रजिस्ट्रार के पास जाता है, फिर स्टैम्प होता है, तभी कोई बदलाव लागू होता है।'

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह निर्णय एजीएम ने 2025 में लिया था और उस समय उपासना सिंह स्वयं सेक्रेटरी थीं और उन्होंने ही खड़े होकर इसका ऐलान किया था — जो मौजूदा आरोपों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदर्भ है।

आगे क्या होगा

नई 15 सदस्यीय कार्यकारी समिति के गठन के साथ सिंटा में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। यह देखना होगा कि दोनों पक्षों के बीच का विवाद कानूनी मंच पर आगे बढ़ता है या आपसी सुलह की राह निकलती है। फिलहाल नई कमेटी ने संगठन के सदस्यों के कल्याण और सुचारू संचालन को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उपासना सिंह ने खुद एजीएम में पेश किया था। मुख्यधारा की कवरेज इस तथ्य को अक्सर नजरअंदाज कर देती है। असली मुद्दा यह है कि कलाकारों के वेलफेयर फंड की पारदर्शिता और जवाबदेही का कोई मजबूत ढाँचा अब भी अनुपस्थित है, जो इन संगठनों की विश्वसनीयता पर बड़ा सवालिया निशान है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंटा कार्यकारी समिति चुनाव 2026 में कौन जीता?
पद्मिनी कोल्हापुरे ने 604 वोट पाकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया और पूनम ढिल्लों 601 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। नई 15 सदस्यीय कार्यकारी समिति का गठन 21 अक्टूबर 2026 को हुआ।
पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर चोरी के क्या आरोप थे?
अभिनेत्री उपासना सिंह और कुनिका सदानंद ने कथित तौर पर आरोप लगाए थे कि दोनों अभिनेत्रियों ने संगठन के जरूरी दस्तावेज़ और सामान गैरकानूनी तरीके से हटाए तथा एफडी तोड़ी। पूनम ढिल्लों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बैंक अकाउंट फ्रीज होने के कारण संगठन संचालन हेतु यह कदम अनिवार्य था।
सिंटा में 3 साल के कार्यकाल का विवाद क्या है?
पूनम ढिल्लों के अनुसार, 3 वर्षीय कार्यकाल का निर्णय 2025 की एजीएम में लिया गया था और उस समय उपासना सिंह स्वयं सेक्रेटरी थीं व उन्होंने ही यह घोषणा की थी। यह निर्णय रजिस्ट्रार के पास जाकर स्टैम्प होने के बाद ही लागू हुआ।
सिंटा क्या है और यह कलाकारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) फिल्म और टेलीविजन कलाकारों का एक प्रमुख संगठन है जो सदस्यों के कल्याण, अधिकारों और व्यावसायिक हितों की रक्षा करता है। कार्यकारी समिति इसी संगठन की नीतियाँ और फंड संचालन तय करती है।
नई सिंटा कमेटी आगे क्या करेगी?
नई 15 सदस्यीय कार्यकारी समिति ने सदस्यों के कल्याण और संगठन के सुचारू संचालन को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। दोनों प्रमुख अभिनेत्रियों ने एकता और सहयोग की भावना से काम करने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
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