सिंटा विवाद: उपासना सिंह के पूनम ढिल्लों-पद्मिनी पर गंभीर आरोप, नगमा बोलीं- 'कठपुतली न समझें'
सारांश
मुख्य बातें
सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) का आंतरिक विवाद 2 अक्टूबर 2026 को और गहरा गया, जब अभिनेत्री एवं सिंटा की पूर्व पदाधिकारी उपासना सिंह ने वरिष्ठ कलाकारों के साथ कथित बदसलूकी को लेकर एक के बाद एक गंभीर आरोप सार्वजनिक किए। साथ ही, संगठन की नई एग्जीक्यूटिव कमेटी की सदस्य नगमा ने 'कठपुतली' वाली टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताया।
मुकेश ऋषि और दीपक पाराशर के साथ बदसलूकी के आरोप
उपासना सिंह के अनुसार, सिंटा की बैठकों के दौरान कई वरिष्ठ कलाकारों को अपमानित महसूस करना पड़ा। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अभिनेता मुकेश ऋषि मुंबई के ट्रैफिक के कारण करीब आधे घंटे देरी से पहुँचे, तो उन्हें बताया गया कि अब वह मतदान नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, 'इससे वह इतने नाराज हुए कि एजीएम के दौरान माइक पर अपना गुस्सा जाहिर किया।' मुकेश ऋषि ने सार्वजनिक रूप से कहा था, 'मेरे साथ इतनी बदसलूकी हुई है, आप लोग मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं?'
उपासना ने वरिष्ठ अभिनेता दीपक पाराशर का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने कहा कि हेमा मालिनी से जुड़ी एक सिंटा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाराशर, जो उस समय एसोसिएशन के ट्रेजरर थे, दरवाजा खटखटाते रहे लेकिन कथित तौर पर उन्हें अंदर नहीं आने दिया गया। 'वह इस घटना से काफी आहत हुए और उन्होंने मुझसे कहा कि वहाँ जाना बेहद अपमानजनक महसूस हो रहा है।'
दीपक पाराशर की सेवा और उनके साथ व्यवहार
उपासना सिंह ने दीपक पाराशर की सेवाभावना का ज़िक्र करते हुए कहा कि वह सिंटा की बैठकों के दौरान बाकी सदस्यों के लिए खाना तक बनाते थे। 'करीब ढाई साल तक वह सुबह पाँच बजे उठकर एग्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग के लिए खाना बनाते और सभी को खिलाते थे।' उपासना के अनुसार, ऐसे वरिष्ठ कलाकार के साथ सम्मान से पेश आना संगठन की न्यूनतम जिम्मेदारी है, भले ही किसी मुद्दे पर मतभेद क्यों न हो।
पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर आरोप
उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर भी आरोप लगाए। उनके अनुसार, दोनों खुद को स्टार मानते हुए दूसरे सदस्यों से दूरी बनाकर रखती थीं और बाकी लोगों के साथ एक ही लिफ्ट में भी नहीं जाती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन के कर्मचारी विकास वर्मा को कथित तौर पर इसलिए नीचा दिखाया गया क्योंकि उन्हें अंग्रेजी नहीं आती। 'विकास हमेशा दूसरे कलाकारों की मदद के लिए मौजूद रहते हैं और जरूरतमंदों के लिए काम भी करते हैं। कई बार वह अपमानित होकर रोते हुए बाहर आए।'
उल्लेखनीय है कि पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे ने इन आरोपों को खारिज किया है और संगठन के कामकाज व वित्तीय मामलों को लेकर अपना पक्ष रखा है।
नगमा की कड़ी प्रतिक्रिया
सिंटा की नई एग्जीक्यूटिव कमेटी की सदस्य नगमा ने 'कठपुतली' वाली कथित टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'नई एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य किसी के इशारे पर काम नहीं कर रहे और सभी की अपनी सोच है। मैंने सलमान खान, शाहरुख खान, संजय दत्त, अक्षय कुमार और जैकी श्रॉफ जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम किया है और इंडस्ट्री को काफी करीब से देखा है। किसी को 'कठपुतली' कहना बेहद अपमानजनक है। हमारे पास अपना दिमाग है।'
नगमा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके सिंटा में आने का उद्देश्य किसी व्यक्तिगत लड़ाई का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि जरूरतमंद कलाकारों के लिए संगठन को बेहतर तरीके से चलाने में योगदान देना है। 'संगठन में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन लड़ाई निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और निजी आरोपों से बचना चाहिए।'
विवाद की पृष्ठभूमि और आगे की राह
गौरतलब है कि सिंटा का यह विवाद तब और उग्र हो गया था जब आठ एग्जीक्यूटिव कमेटी सदस्यों ने एक साथ इस्तीफा दिया था, जिनमें मुकेश ऋषि, विकास वर्मा और दीपक पाराशर भी शामिल थे। इस्तीफों के पीछे फैसले लेने के तरीके और सदस्यों से सलाह-मशविरा न किए जाने के आरोप सामने आए थे। यह ऐसे समय में आया है जब फिल्म उद्योग में कलाकारों के अधिकारों और संघ-संगठनों की भूमिका पर व्यापक बहस चल रही है। अब सभी पक्षों की नजर इस पर है कि सिंटा का नया नेतृत्व इन आरोपों का जवाब देते हुए संगठन को किस दिशा में ले जाता है।