सिंटा कार्यकारी समिति चुनाव: पद्मिनी कोल्हापुरी को 604, पूनम ढिल्लों को 601 वोट, राकेश बेदी भी जीते
सारांश
मुख्य बातें
सिंटा (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) की कार्यकारी समिति के चुनावों में 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में दिग्गज अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरी ने सर्वाधिक 604 वोट पाकर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि पूनम ढिल्लों 601 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। अभिनेता राकेश बेदी 575 वोट के साथ तीसरे स्थान पर विजयी रहे।
मतगणना में किसे कितने वोट मिले
चुनाव में लगभग 670 सदस्यों ने मतदान किया। पूरी मतगणना के अनुसार — पद्मिनी कोल्हापुरी: 604, पूनम ढिल्लों: 601, राकेश बेदी: 575, कंवरजीत पेंटल: 548, चंद्रप्रकाश ठाकुर: 514, अभय भार्गव: 439, घनश्याम श्रीवास्तव: 395, जया भट्टाचार्य: 392, टीना घई: 374, राजित कपूर: 340, शीबा आकाशदीप: 322, रमेश गोयल: 296, जितेंद्र सिंह: 284, मोहम्मद फारूक बंधुकिया: 272 और रोहित रॉय: 268 वोट।
गौरतलब है कि यह मतदान त्योहारी छुट्टियों के दौरान हुआ, जिसके बावजूद भागीदारी उत्साहजनक रही।
पूनम ढिल्लों की नई पहल: संविधान और शपथ
चुनाव परिणाम के बाद पूनम ढिल्लों ने कहा, 'चुने गए हर व्यक्ति के पास संविधान की प्रति होनी चाहिए और उन्हें सिंटा के संविधान की जानकारी भी होनी चाहिए। यह सबसे महत्वपूर्ण है; उन्हें सिंटा के नियमों और विनियमों की जानकारी होनी चाहिए। इसलिए मैंने इस बार यही एक नई पहल की है।'
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अध्यक्ष के रूप में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जिसमें सदस्यों ने संविधान का पालन करने, निष्पक्ष रहने और कल्याणकारी कार्य करने की शपथ ली। ढिल्लों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भी हर सदस्य को संविधान की प्रति मिलती रहेगी।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह चुनाव उस पृष्ठभूमि में हुए जब अगस्त 2026 में सिंटा की 21 सदस्यीय कार्यकारी समिति के 11 सदस्यों ने संगठन के भीतर तानाशाही कामकाज का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था। उपासना सिंह और साहिला चड्ढा जैसे कुछ सदस्यों ने पद्मिनी कोल्हापुरी और पूनम ढिल्लों पर धन के दुरुपयोग और तानाशाही कामकाज का आरोप भी लगाया था।
महीनों तक चले इस सार्वजनिक विवाद के बाद उपासना सिंह के नेतृत्व वाले गुट ने सितंबर 2026 में पुन: चुनाव कराए, जिनमें उपासना सिंह और साहिला चड्ढा को सर्वाधिक वोट मिले।
अदालती पेच और आगे की राह
उपासना सिंह के गुट का वह चुनाव तब संपन्न हुआ जब अदालत ने FWICE (पश्चिमी भारत सिनेमा कर्मचारी संघ) द्वारा आदेशित पुन: चुनावों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालाँकि, 12 सितंबर को हुए उस चुनाव के परिणाम अगली सुनवाई तक लागू नहीं किए जा सकते, जो 26 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
ऐसे में मंगलवार के ताज़ा चुनाव परिणाम और 26 अक्टूबर की अदालती सुनवाई मिलकर तय करेंगी कि सिंटा का नेतृत्व आगे किस दिशा में जाएगा।