21 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सिंटा कार्यकारी समिति चुनाव: पद्मिनी कोल्हापुरी को 604, पूनम ढिल्लों को 601 वोट, राकेश बेदी भी जीते

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सिंटा कार्यकारी समिति चुनाव: पद्मिनी कोल्हापुरी को 604, पूनम ढिल्लों को 601 वोट, राकेश बेदी भी जीते

सारांश

सिंटा के बहुप्रतीक्षित कार्यकारी समिति चुनाव में पद्मिनी कोल्हापुरी (604 वोट) और पूनम ढिल्लों (601 वोट) शीर्ष पर रहीं। लेकिन असली पेच 26 अक्टूबर की अदालती सुनवाई है, जो तय करेगी कि सत्ता की बागडोर किसके हाथ रहेगी।

मुख्य बातें

पद्मिनी कोल्हापुरी को सर्वाधिक 604 वोट , पूनम ढिल्लों को 601 वोट और राकेश बेदी को 575 वोट मिले।
चुनाव में लगभग 670 सदस्यों ने मतदान किया; त्योहारी छुट्टी के बावजूद भागीदारी उत्साहजनक रही।
ये चुनाव अगस्त 2026 में 21 सदस्यीय कार्यकारी समिति के 11 सदस्यों के इस्तीफे के बाद कराए गए।
उपासना सिंह गुट द्वारा 12 सितंबर 2026 को कराए गए पुन: चुनाव के नतीजे अगली सुनवाई तक लागू नहीं हो सकते।
अदालत की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है, जो सिंटा के नेतृत्व का भविष्य तय करेगी।

सिंटा (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) की कार्यकारी समिति के चुनावों में 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में दिग्गज अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरी ने सर्वाधिक 604 वोट पाकर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि पूनम ढिल्लों 601 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। अभिनेता राकेश बेदी 575 वोट के साथ तीसरे स्थान पर विजयी रहे।

मतगणना में किसे कितने वोट मिले

चुनाव में लगभग 670 सदस्यों ने मतदान किया। पूरी मतगणना के अनुसार — पद्मिनी कोल्हापुरी: 604, पूनम ढिल्लों: 601, राकेश बेदी: 575, कंवरजीत पेंटल: 548, चंद्रप्रकाश ठाकुर: 514, अभय भार्गव: 439, घनश्याम श्रीवास्तव: 395, जया भट्टाचार्य: 392, टीना घई: 374, राजित कपूर: 340, शीबा आकाशदीप: 322, रमेश गोयल: 296, जितेंद्र सिंह: 284, मोहम्मद फारूक बंधुकिया: 272 और रोहित रॉय: 268 वोट।

गौरतलब है कि यह मतदान त्योहारी छुट्टियों के दौरान हुआ, जिसके बावजूद भागीदारी उत्साहजनक रही।

पूनम ढिल्लों की नई पहल: संविधान और शपथ

चुनाव परिणाम के बाद पूनम ढिल्लों ने कहा, 'चुने गए हर व्यक्ति के पास संविधान की प्रति होनी चाहिए और उन्हें सिंटा के संविधान की जानकारी भी होनी चाहिए। यह सबसे महत्वपूर्ण है; उन्हें सिंटा के नियमों और विनियमों की जानकारी होनी चाहिए। इसलिए मैंने इस बार यही एक नई पहल की है।'

उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अध्यक्ष के रूप में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जिसमें सदस्यों ने संविधान का पालन करने, निष्पक्ष रहने और कल्याणकारी कार्य करने की शपथ ली। ढिल्लों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भी हर सदस्य को संविधान की प्रति मिलती रहेगी।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह चुनाव उस पृष्ठभूमि में हुए जब अगस्त 2026 में सिंटा की 21 सदस्यीय कार्यकारी समिति के 11 सदस्यों ने संगठन के भीतर तानाशाही कामकाज का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था। उपासना सिंह और साहिला चड्ढा जैसे कुछ सदस्यों ने पद्मिनी कोल्हापुरी और पूनम ढिल्लों पर धन के दुरुपयोग और तानाशाही कामकाज का आरोप भी लगाया था।

महीनों तक चले इस सार्वजनिक विवाद के बाद उपासना सिंह के नेतृत्व वाले गुट ने सितंबर 2026 में पुन: चुनाव कराए, जिनमें उपासना सिंह और साहिला चड्ढा को सर्वाधिक वोट मिले।

अदालती पेच और आगे की राह

उपासना सिंह के गुट का वह चुनाव तब संपन्न हुआ जब अदालत ने FWICE (पश्चिमी भारत सिनेमा कर्मचारी संघ) द्वारा आदेशित पुन: चुनावों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालाँकि, 12 सितंबर को हुए उस चुनाव के परिणाम अगली सुनवाई तक लागू नहीं किए जा सकते, जो 26 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।

ऐसे में मंगलवार के ताज़ा चुनाव परिणाम और 26 अक्टूबर की अदालती सुनवाई मिलकर तय करेंगी कि सिंटा का नेतृत्व आगे किस दिशा में जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए मंगलवार की जीत अभी अंतिम नहीं है। मुख्यधारा की कवरेज वोट की संख्या पर रुक जाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि बिना संस्थागत सुधार के किसी भी गुट की जीत सदस्यों के विश्वास को स्थायी रूप से बहाल कर पाएगी या नहीं।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंटा कार्यकारी समिति चुनाव 2026 में कौन जीता?
20 अक्टूबर 2026 को हुए सिंटा कार्यकारी समिति चुनाव में पद्मिनी कोल्हापुरी (604 वोट) सर्वोच्च स्थान पर रहीं, उनके बाद पूनम ढिल्लों (601 वोट) और राकेश बेदी (575 वोट) रहे। कुल 15 उम्मीदवारों के वोट सार्वजनिक किए गए।
सिंटा में विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
अगस्त 2026 में सिंटा की 21 सदस्यीय कार्यकारी समिति के 11 सदस्यों ने तानाशाही कामकाज का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। उपासना सिंह और साहिला चड्ढा जैसे सदस्यों ने पद्मिनी कोल्हापुरी और पूनम ढिल्लों पर धन के दुरुपयोग के भी आरोप लगाए।
उपासना सिंह गुट के सितंबर चुनाव का क्या हुआ?
उपासना सिंह के नेतृत्व वाले गुट ने 12 सितंबर 2026 को पुन: चुनाव कराए, जिनमें उपासना सिंह और साहिला चड्ढा को सर्वाधिक वोट मिले। हालाँकि अदालत ने इन परिणामों को अगली सुनवाई — 26 अक्टूबर 2026 — तक लागू करने से रोक दिया है।
26 अक्टूबर 2026 की सुनवाई क्यों अहम है?
26 अक्टूबर को निर्धारित अदालती सुनवाई में यह तय होगा कि 12 सितंबर के चुनाव परिणाम लागू होंगे या नहीं। इस सुनवाई का नतीजा सिंटा के वैध नेतृत्व का फैसला करेगा और दोनों गुटों की स्थिति को प्रभावित करेगा।
पूनम ढिल्लों ने सिंटा अध्यक्ष के रूप में कौन-सी नई पहल की?
पूनम ढिल्लों ने अध्यक्ष के रूप में यह नई पहल की कि सभी निर्वाचित सदस्यों को सिंटा के संविधान की प्रति दी जाए और एक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाए जिसमें सदस्य संविधान के पालन, निष्पक्षता और कल्याणकारी कार्यों की शपथ लें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले