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गायक हरिहरन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेंट किया 'वंदे मातरम' का स्पेशल विनाइल एडिशन

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गायक हरिहरन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेंट किया 'वंदे मातरम' का स्पेशल विनाइल एडिशन

सारांश

पद्म श्री गायक हरिहरन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में भेंट की और उन्हें 'वंदे मातरम' का विशेष विनाइल एडिशन तथा टर्नटेबल समर्पित किया। परिवार की चार पीढ़ियों के साथ यह मुलाकात उनके लिए जीवनभर की यादगार बन गई।

मुख्य बातें

गायक हरिहरन ने 28 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य भेंट की।
हरिहरन ने राष्ट्रपति को 'द एंथम – वंदे मातरम' का स्पेशल विनाइल एडिशन और एक विशेष टर्नटेबल भेंट किया।
भेंट में हरिहरन की पत्नी ललिता हरिहरन और माँ अलमेलु मणि भी उपस्थित थीं।
हरिहरन ने इस मुलाकात को परिवार की चार पीढ़ियों के लिए एक बड़ा सम्मान और सौभाग्य बताया।
हरिहरन को 2004 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था और वे 1980 के दशक से सक्रिय हैं।

पद्म श्री से सम्मानित गायक हरिहरन अपनी पत्नी ललिता हरिहरन के साथ राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य भेंट करने पहुँचे और उन्हें 'द एंथम – वंदे मातरम' का एक विशेष विनाइल एडिशन तथा एक खास टर्नटेबल भेंट किया। हरिहरन ने इस मुलाकात को अपने परिवार की चार पीढ़ियों के लिए एक अविस्मरणीय सम्मान बताया।

मुलाकात का विवरण

इस भेंट के दौरान गायक हरिहरन के साथ उनकी माँ अलमेलु मणि भी उपस्थित थीं। हरिहरन ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू ने उनकी माँ के साथ जिस स्नेह और आदर से बातचीत की, वह क्षण उनके लिए अत्यंत भावुक करने वाला रहा। इस भेंट की कुछ तस्वीरें गायक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा कीं।

हरिहरन ने क्या कहा

हरिहरन ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'हमारे दिलों में हमेशा के लिए बसा एक दिन।' उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति से मिलना उनके और उनके पूरे परिवार के लिए बहुत बड़ा सौभाग्य था। उन्होंने यह भी कहा, 'संगीत राष्ट्र के लिए हमारी एक छोटी सी भेंट है और अपने प्रियजनों की मौजूदगी में राष्ट्रपति का आशीर्वाद मिलना इस सफर को सच में पूरा करता है।'

राष्ट्रपति मुर्मू की गर्मजोशी और शालीनता की प्रशंसा करते हुए हरिहरन ने कहा कि यह स्मृति उनका परिवार जीवनभर संजोकर रखेगा।

हरिहरन का संगीत सफर

हरिहरन भारत के सबसे बहुमुखी और प्रतिष्ठित प्लेबैक गायकों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1980 के दशक में अपना करियर शुरू किया और हिंदी, तमिल, मलयालम, तेलुगु समेत अनेक भारतीय भाषाओं में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा। उनके मशहूर गानों में 'बॉम्बे' का 'तू ही रे', 'रोजा' का 'रोजा जानेमन' और 'खामोशी' का 'बांहों के दरमियान' शामिल हैं।

भारतीय संगीत में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें 2004 में पद्म श्री से नवाज़ा गया था। गौरतलब है कि 'वंदे मातरम' जैसे राष्ट्रीय महत्व के संगीत को विनाइल फॉर्मेट में प्रस्तुत करना और राष्ट्रपति को भेंट करना, भारतीय शास्त्रीय एवं देशभक्ति संगीत को जीवित रखने की एक सांस्कृतिक पहल के रूप में देखा जा सकता है।

सांस्कृतिक महत्व

यह भेंट ऐसे समय में आई है जब देश में विनाइल रिकॉर्ड्स के प्रति रुचि फिर से बढ़ रही है और संगीत प्रेमी इस माध्यम को एक विशेष श्रेणी का दर्जा दे रहे हैं। हरिहरन द्वारा 'वंदे मातरम' के इस विशेष संस्करण को राष्ट्र के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठी शख्सियत को समर्पित करना संगीत और राष्ट्रभक्ति के संगम का प्रतीक है। यह भेंट कला और राष्ट्र के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विनाइल फॉर्मेट में राष्ट्रगान को राष्ट्रपति को समर्पित करना एक सांकेतिक संदेश भी देता है। मुख्यधारा की कवरेज इसे महज एक सेलिब्रिटी-राष्ट्रपति मुलाकात तक सीमित कर देती है, जबकि असली बात यह है कि हरिहरन जैसे बहुभाषी कलाकार अपनी कला को राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़कर देख रहे हैं — और यह प्रवृत्ति भारतीय सांस्कृतिक कूटनीति के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरिहरन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को क्या भेंट किया?
हरिहरन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 'द एंथम – वंदे मातरम' का एक स्पेशल विनाइल एडिशन और एक खास टर्नटेबल भेंट किया। यह भेंट राष्ट्रपति भवन में हुई सौजन्य मुलाकात के दौरान की गई।
हरिहरन की राष्ट्रपति भवन यात्रा में कौन-कौन शामिल था?
इस मुलाकात में गायक हरिहरन के साथ उनकी पत्नी ललिता हरिहरन और माँ अलमेलु मणि भी उपस्थित थीं। हरिहरन ने इसे परिवार की चार पीढ़ियों के लिए एक बड़ा सम्मान बताया।
हरिहरन कौन हैं और उनकी उपलब्धियाँ क्या हैं?
हरिहरन भारत के प्रतिष्ठित बहुभाषी प्लेबैक गायक हैं, जिन्होंने 1980 के दशक में करियर शुरू किया। उन्हें 2004 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया और 'तू ही रे', 'रोजा जानेमन' जैसे उनके अनेक गाने आज भी लोकप्रिय हैं।
'द एंथम – वंदे मातरम' विनाइल एडिशन क्या है?
यह 'वंदे मातरम' का एक विशेष विनाइल रिकॉर्ड फॉर्मेट में प्रस्तुत संस्करण है, जिसे हरिहरन ने राष्ट्र को संगीत की भेंट के रूप में तैयार किया। विनाइल एडिशन को एक खास टर्नटेबल के साथ राष्ट्रपति को समर्पित किया गया।
हरिहरन ने इस मुलाकात को लेकर क्या कहा?
हरिहरन ने कहा कि यह उनके दिल में हमेशा के लिए बसा एक दिन है। उन्होंने राष्ट्रपति की गर्मजोशी और शालीनता की प्रशंसा की और कहा कि अपने प्रियजनों की मौजूदगी में राष्ट्रपति का आशीर्वाद मिलना इस संगीत सफर को सच में पूरा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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