सेल्फी ने दिलाया 'कट्टलन' में रोल: स्पोर्ट्स एनालिस्ट हरिशंकर नारायणन का अनोखा मलयालम डेब्यू
सारांश
मुख्य बातें
स्पोर्ट्स एनालिस्ट से अभिनेता बने हरिशंकर नारायणन ने मलयालम पैन-इंडियन एक्शन थ्रिलर 'कट्टलन' से सिल्वर स्क्रीन पर कदम रखा है। एंटनी वर्गीस (पेपे) स्टारर इस फिल्म में उन्होंने तीन मुख्य खलनायकों में से एक 'नेल्सन' का किरदार निभाया है, और उनकी परफॉर्मेंस को दर्शकों व समीक्षकों दोनों की तरफ से जबरदस्त सराहना मिल रही है। खास बात यह है कि उन्हें यह रोल एक आम सेल्फी की बदौलत मिला।
कैसे मिला 'नेल्सन' का किरदार
हरिशंकर ने बताया कि फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर अबू वलयमकुलम ने हॉटस्टार की वेब सीरीज 'लेबल' में उनका काम देखा और इंस्टाग्राम पर संपर्क किया। उन्होंने 'कट्टलन' के मेकर्स के सामने हरिशंकर का नाम सुझाया। हरिशंकर ने कहा, "मैं बहुत उत्साहित और घबराया हुआ था क्योंकि यह मेरा मलयालम डेब्यू था।"
हरिशंकर केरल पहुँचे और कास्टिंग डायरेक्टर से मिले, लेकिन वहाँ उन्हें बताया गया कि रोल नहीं मिला। उन्होंने शुक्रिया अदा किया और लौटने से पहले याद के तौर पर दोनों ने एक साथ सेल्फी ली।
जिस सेल्फी ने पलट दी तकदीर
कास्टिंग डायरेक्टर ने वह सेल्फी अपनी प्रोफाइल पर पोस्ट कर दी। हरिशंकर ने मुस्कुराते हुए बताया, "प्रोड्यूसर ने वह सेल्फी देखी और कहा कि नेल्सन के रोल के लिए वे मुझे ही कास्ट करना चाहते हैं। इस तरह एक आम सी सेल्फी ने मेरी किस्मत बदल दी।" यह घटना इस बात का प्रमाण है कि फिल्म इंडस्ट्री में कई बार अप्रत्याशित मोड़ ही करियर की दिशा तय करते हैं।
हरिशंकर का करियर सफर
हरिशंकर इससे पहले आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस के साथ स्पोर्ट्स एनालिस्ट के रूप में काम कर चुके हैं। अभिनय के क्षेत्र में वह 2025 में आई फिल्म 'रेट्रो' और इसी साल की फिल्म 'सिराई' के लिए भी जाने जाते हैं। हॉटस्टार की वेब सीरीज 'लेबल' में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया था।
'कट्टलन' के बारे में
'कट्टलन' एक पैन-इंडियन एक्शन थ्रिलर है, जिसे पॉल जॉर्ज ने निर्देशित किया है और शरीफ मुहम्मद (क्यूब एंटरटेनमेंट्स) ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में एंटनी वर्गीस (पेपे) और रजिषा विजयन मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी पॉल जॉर्ज, जोबी वर्गीज और जेरो जैकब ने लिखी है। संगीत अजनीश लोकनाथ ने दिया है और कोरियोग्राफी शरीफ ने की है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि एक स्पोर्ट्स एनालिस्ट से खलनायक की भूमिका तक का यह सफर हरिशंकर को मलयालम और पैन-इंडियन सिनेमा में और कौन-से दरवाज़े खोलता है।