'गंगा मां की बेटियां' में दुर्गावती बनीं इंदिरा कृष्णन: 'यह किरदार टीवी पर बदलती महिला छवि का प्रतीक है'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री इंदिरा कृष्णन इन दिनों टीवी शो 'गंगा मां की बेटियां' में दुर्गावती की भूमिका निभा रही हैं — एक ऐसी महिला, जो अपने विचारों पर अडिग रहती है और कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से नहीं डिगती। इंदिरा का कहना है कि इस किरदार ने उन्हें एक ऐसी स्त्री की यात्रा दिखाने का अवसर दिया, जो ताकत के साथ-साथ अपनी भावनाओं और कमज़ोरियों को भी स्वीकार करती है।
दुर्गावती: एक बहुआयामी किरदार
इंदिरा कृष्णन ने अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए कहा, 'दुर्गावती कई परतों वाला किरदार है। इस भूमिका को निभाते हुए मुझे एक कलाकार के रूप में अनेक भावनाओं को समझने और पर्दे पर उतारने का मौका मिला। उसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह मुश्किल हालात में भी अपने विचारों और सिद्धांतों से पीछे नहीं हटती।'
उन्होंने आगे कहा, 'दुर्गावती मेरे करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक है, क्योंकि यह किरदार मुझे एक अभिनेत्री के तौर पर लगातार विकसित होने का अवसर देता है।'
महिला की यात्रा, सिर्फ ताकत की नहीं
इंदिरा ने स्पष्ट किया कि दुर्गावती की कहानी केवल एक सशक्त महिला बनने तक सीमित नहीं है। उनके शब्दों में, 'यह एक ऐसी महिला की यात्रा है, जो उस वक्त भी अपने विश्वासों के साथ खड़ी रहती है, जब लोग उसे गलत समझने लगते हैं। उसके हर फ़ैसले का असर उसके आसपास के लोगों की ज़िंदगी पर पड़ता है।'
उन्होंने जोड़ा, 'एक कलाकार के तौर पर ऐसी महिला को पर्दे पर जीवंत करना बेहद संतोषजनक है, जो निडर, मज़बूत और जटिल भावनाओं से भरी हुई है।'
टीवी पर बदलती महिला छवि
इंदिरा कृष्णन का मानना है कि दुर्गावती जैसे किरदार भारतीय टेलीविजन पर आ रहे बदलाव की नुमाइंदगी करते हैं। उन्होंने कहा, 'महिलाएं अब सिर्फ कुछ तय छवियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपनी सोच और उद्देश्य के साथ कहानी को आगे बढ़ा रही हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब दर्शक टीवी पर अधिक जटिल और यथार्थवादी महिला पात्रों की माँग कर रहे हैं।
आने वाले एपिसोड में बड़ा संकट
शो की कहानी में आगे एक बड़ा मोड़ आने वाला है। दुर्गावती पर गंगा (शुभांगी लाटकर) की जान लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया जाएगा। इस आरोप के बाद उनके रिश्तों में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा। सबसे गहरा असर दुर्गावती और उनके बेटे सिद्धू (शिजान खान) के रिश्ते पर पड़ेगा।
गौरतलब है कि ऐसे नाटकीय मोड़ शो को नई दिशा देते हैं और दर्शकों की उत्सुकता को बनाए रखते हैं। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दुर्गावती इस संकट से कैसे उबरती हैं।