दिलीप कुमार की चौथी पुण्यतिथि पर जैकी श्रॉफ ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, अनिल बिस्वास को भी किया याद
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता जैकी श्रॉफ ने 7 जुलाई 2025 को भारतीय सिनेमा के 'ट्रेजेडी किंग' दिलीप कुमार की चौथी पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर दिलीप कुमार की एक क्लासिक ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'दिलीप साहब हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।' इसी पोस्ट में उन्होंने दिलीप कुमार की जन्म और निधन की तारीखें — 11 दिसंबर 1922 से 7 जुलाई 2021 — भी साझा कीं।
जैकी श्रॉफ की श्रद्धांजलि
जैकी श्रॉफ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दिलीप कुमार की एक सदाबहार तस्वीर पोस्ट की, जो उनके प्रति गहरे सम्मान और स्नेह की अभिव्यक्ति थी। इस पोस्ट में श्रॉफ ने हाथ जोड़ने वाले इमोजी के साथ अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं। गौरतलब है कि बॉलीवुड के अनेक दिग्गज कलाकार हर वर्ष इस दिन दिलीप कुमार को याद करते हैं।
अनिल बिस्वास को जयंती पर नमन
इसी दिन जैकी श्रॉफ ने एक अलग पोस्ट में हिंदी फिल्म संगीत के अग्रदूत अनिल बिस्वास को उनकी जयंती पर भी याद किया। उन्होंने अनिल बिस्वास की एक तस्वीर साझा की जिसमें वे एक स्ट्रिंग इंस्ट्रूमेंट थामे नज़र आ रहे थे। पोस्ट में लिखा गया, 'अनिल बिस्वास जी को उनकी जयंती पर याद करते हुए।'
दिलीप कुमार: एक युग का नाम
दिलीप कुमार को भारतीय सिनेमा का 'ट्रेजेडी किंग' कहा जाता था और उन्हें हिंदी फिल्मों के सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं में गिना जाता है। पाँच दशकों से भी लंबे करियर में उन्होंने 'ज्वार भाटा', 'अंदाज', 'दीदार', 'दाग', 'देवदास', 'नया दौर', 'मधुमती', 'मुगल-ए-आजम', 'गंगा जमुना', 'क्रांति', 'कर्मा' और 'सौदागर' जैसी अविस्मरणीय फिल्मों में अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाया। 98 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ था। उनकी पत्नी अभिनेत्री सायरा बानो हैं।
अनिल बिस्वास: हिंदी संगीत के शिल्पकार
अनिल बिस्वास को हिंदी फिल्म संगीत के निर्माताओं में से एक माना जाता है। उन्होंने ही हिंदी सिनेमा में ऑर्केस्ट्रल अरेंजमेंट और बेहतरीन बैकग्राउंड स्कोर की नींव रखी थी। 'किस्मत', 'अनोखा प्यार', 'तराना' और 'आराम' जैसी फिल्मों के लिए उनका संगीत आज भी यादगार है। उन्होंने मुकेश और तलत महमूद जैसे महान प्लेबैक गायकों को उनके करियर की शुरुआत में आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विरासत जो अमर है
दिलीप कुमार और अनिल बिस्वास — दोनों ही हिंदी सिनेमा की उस स्वर्णिम पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं जिसने भारतीय मनोरंजन जगत को वैश्विक पहचान दिलाई। जैकी श्रॉफ जैसे वर्तमान पीढ़ी के कलाकारों का इन दिग्गजों को याद करना यह दर्शाता है कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी।