27 जुलाई 2026
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'काला हिरण' विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने X और YouTube से टीजर हटाने का आदेश दिया, निर्माता अमित जानी को कड़ी फटकार

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'काला हिरण' विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने X और YouTube से टीजर हटाने का आदेश दिया, निर्माता अमित जानी को कड़ी फटकार

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट ने 'काला हिरण' के टीजर को X और YouTube से हटाने का आदेश दिया और निर्माता अमित जानी को कड़ी फटकार लगाई। सलमान खान की याचिका पर सुनवाई में अदालत ने साफ कहा — 'आप कानून से ऊपर नहीं हैं।' यह मामला अब बॉलीवुड में व्यक्तित्व अधिकारों की बड़ी कानूनी लड़ाई बन चुका है।

मुख्य बातें

दिल्ली हाईकोर्ट ने 27 जुलाई 2026 को फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' का टीजर एक्स (X) और यूट्यूब से हटाने का आदेश दिया।
अदालत ने निर्माता अमित जानी के वकील को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि वे 'कानून से ऊपर' समझ रहे हैं।
सलमान खान के खिलाफ दर्ज 4 मामलों में से 3 में वे बरी हो चुके हैं; एक में सज़ा पर रोक है — इसके बावजूद फिल्म में उनकी छवि के उपयोग का आरोप।
विवाद की शुरुआत फर्स्ट लुक पोस्टर से हुई, जिसमें अभिनेता काशिफ इकबाल खान को सलमान के मशहूर नीले ब्रेसलेट के साथ दिखाया गया था।
फिल्म में लॉयन बिश्नोई नाम का किरदार कथित तौर पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से प्रेरित बताया जा रहा है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 27 जुलाई 2026 को फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' से जुड़े विवाद में कड़ा रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) और यूट्यूब पर मौजूद फिल्म के टीजर और संबंधित लिंक तत्काल हटाने का निर्देश दिया। अदालत ने फिल्म के निर्माता अमित जानी के रवैये पर गहरी नाराज़गी जताई और उनके वकील को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। यह मामला बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया।

अदालत की तीखी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अदालत ने अमित जानी के वकील को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'आपको इस बात से हिम्मत मिल रही है कि पिछली बार कोई आदेश पारित नहीं हुआ था। आपको लगता है कि आप कानून से ऊपर हैं। आप दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं। आप किसी आम व्यक्ति के साथ भी ऐसा नहीं कर सकते।' अदालत का यह बयान स्पष्ट करता है कि पिछली सुनवाई में किसी आदेश का न आना निर्माता पक्ष के लिए राहत नहीं, बल्कि एक गलत संदेश बन गया।

निर्माता पक्ष की दलीलें

अमित जानी की ओर से पेश वकील ने अदालत में तर्क दिया कि अभी केवल फिल्म का टीजर जारी हुआ है और इससे किसी के व्यक्तित्व अधिकारों का हनन नहीं होता। वकील ने कहा, 'यह सिर्फ एक टीजर है। इसमें कहीं भी सलमान खान का नाम नहीं लिया गया है। इसमें कोई डीपफेक या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार वीडियो भी नहीं है। सार्वजनिक घटनाओं पर आधारित कहानी दिखाने पर किसी का विशेष अधिकार नहीं हो सकता।'

सलमान खान पक्ष का पक्ष

सलमान खान की ओर से पेश वकील ने इन दलीलों का खंडन करते हुए कहा कि फिल्म में भले ही अभिनेता का नाम न लिया गया हो, लेकिन उनकी पहचान और छवि का स्पष्ट रूप से उपयोग किया गया है। वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि सलमान खान के खिलाफ दर्ज चार मामलों में से तीन में उन्हें पहले ही बरी किया जा चुका है, जबकि एक मामले में सज़ा पर रोक लगी हुई है। इसके बावजूद फिल्म में उन्हें इस तरह चित्रित किया जा रहा है जिससे उनकी सार्वजनिक छवि प्रभावित हो सकती है। सलमान के वकील ने यह भी आरोप लगाया कि फिल्म के ज़रिए बिश्नोई समाज को अभिनेता के विरुद्ध खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।

विवाद की जड़: पोस्टर से टीजर तक

यह पूरा विवाद फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर से शुरू हुआ था, जिसमें अभिनेता काशिफ इकबाल खान का लुक सलमान खान से काफी मिलता-जुलता था। पोस्टर में उन्हें सलमान खान की पहचान बन चुके नीले ब्रेसलेट के साथ दिखाया गया था। बाद में जारी टीजर में अयान खान नाम का किरदार दिखाया गया, जिसे कथित तौर पर सलमान खान से प्रेरित माना जा रहा है। फिल्म में लॉयन बिश्नोई नाम का एक अन्य किरदार भी है, जिसे कथित तौर पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से प्रेरित बताया जा रहा है। निर्माता पक्ष लगातार यह दावा करता रहा है कि यह फिल्म किसी व्यक्ति विशेष पर आधारित नहीं है।

आगे क्या होगा

दिल्ली हाईकोर्ट के ताज़ा आदेश के बाद अब एक्स और यूट्यूब को फिल्म का टीजर और उससे जुड़े लिंक हटाने होंगे। यह मामला भारतीय न्यायपालिका में व्यक्तित्व अधिकारों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट के दुरुपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण नज़ीर बन सकता है। अगली सुनवाई में अदालत निर्माता पक्ष के जवाब और अनुपालन रिपोर्ट पर विचार करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि पहचान नाम से नहीं, छवि और संदर्भ से भी बनती है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट की यह तल्खी संकेत देती है कि अदालत प्रचार की आड़ में कानूनी आदेशों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेगी। OTT और सोशल मीडिया के दौर में यह फैसला भविष्य की बायोपिक और 'प्रेरित' फिल्मों के लिए एक महत्वपूर्ण नज़ीर बन सकता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'काला हिरण' फिल्म और सलमान खान के बीच विवाद क्या है?
फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के फर्स्ट लुक पोस्टर और टीजर में कथित तौर पर सलमान खान की छवि, पहचान और उनसे जुड़े प्रतीकों का उपयोग किया गया है। सलमान खान ने इसे अपने व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 27 जुलाई को क्या आदेश दिया?
दिल्ली हाईकोर्ट ने 27 जुलाई 2026 को एक्स (X) और यूट्यूब पर मौजूद फिल्म के टीजर और संबंधित सोशल मीडिया लिंक तत्काल हटाने का निर्देश दिया। साथ ही अदालत ने निर्माता अमित जानी के वकील को कड़ी फटकार लगाई।
निर्माता अमित जानी का पक्ष क्या है?
अमित जानी के वकील का कहना है कि टीजर में सलमान खान का नाम नहीं लिया गया, कोई डीपफेक या AI-निर्मित वीडियो नहीं है, और सार्वजनिक घटनाओं पर आधारित कहानी दिखाना किसी के विशेष अधिकार का उल्लंघन नहीं है। निर्माता पक्ष यह भी कहता रहा है कि फिल्म किसी व्यक्ति विशेष पर आधारित नहीं है।
सलमान खान पर दर्ज मामलों का इस विवाद से क्या संबंध है?
सलमान खान के वकील ने अदालत को बताया कि उनके खिलाफ दर्ज चार मामलों में से तीन में वे पहले ही बरी हो चुके हैं और एक में सज़ा पर रोक है। इसके बावजूद फिल्म में उनकी छवि का उपयोग उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा सकता है, जो याचिका का मुख्य आधार है।
क्या यह मामला बॉलीवुड की 'प्रेरित' फिल्मों के लिए नज़ीर बन सकता है?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट का यह रुख डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यक्तित्व अधिकारों के संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत है। यदि अदालत अंतिम फैसले में सलमान खान के पक्ष में निर्णय देती है, तो भविष्य में 'प्रेरित' या अर्ध-जीवनी फिल्मों के निर्माताओं को अधिक सावधानी बरतनी होगी।
राष्ट्र प्रेस
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