बद्रीनाथ धाम पहुंचे कैलाश खेर, रुद्राक्ष-चंदन में दिखे; केदारनाथ के बाद चारधाम यात्रा जारी
सारांश
मुख्य बातें
मशहूर भक्ति गायक कैलाश खेर ने 27 मई 2026 को बद्रीनाथ धाम पहुंचकर भगवान विष्णु के दर्शन किए और अपनी यात्रा की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं। गले में रुद्राक्ष की माला और माथे पर चंदन का तिलक लगाए खेर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गईं। यह यात्रा कुछ ही समय पहले की गई केदारनाथ धाम यात्रा के बाद आई है, जिससे उनकी आध्यात्मिक चारधाम यात्रा का सिलसिला जारी है।
बद्रीनाथ में क्या दिखे कैलाश खेर
इंस्टाग्राम पर साझा की गई तस्वीरों में कैलाश खेर मुस्कुराते हुए नज़र आ रहे हैं। पृष्ठभूमि में बर्फ से ढके हिमालयी पहाड़ साफ़ दिखाई दे रहे हैं, जो उत्तराखंड के ऊँचाई वाले इस तीर्थस्थल की भव्यता को दर्शाते हैं। उन्होंने पोस्ट के साथ पहाड़ वाला इमोजी कैप्शन में शेयर किया। फैंस ने इस पोस्ट पर भारी प्रतिक्रिया दी और कई ने इसे 'सुकून देने वाला' बताया।
केदारनाथ में गाया था 'बम लहरी'
इससे पहले कैलाश खेर केदारनाथ धाम पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने भगवान शिव के दर्शन किए और मंदिर के सामने खड़े होकर अपना प्रसिद्ध भक्ति गीत 'बम लहरी' गाया। उस पोस्ट में उन्होंने लिखा था — 'महादेव का धाम, पूरे सारे काम। जय जय केदार।' गौरतलब है कि केदारनाथ मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है।
दोनों धामों का धार्मिक महत्व
बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु को समर्पित है, जबकि केदारनाथ भगवान शिव का पावन स्थल है। उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में स्थित ये दोनों मंदिर हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। रुद्राक्ष की माला और चंदन का तिलक — दोनों ही भगवान शिव की भक्ति से जुड़े प्रतीक माने जाते हैं।
नया गाना 'जोगी' और आध्यात्मिक सफर
कैलाश खेर हाल ही में अपने नए गाने 'जोगी' को लेकर भी चर्चा में रहे, जो आदि शंकराचार्य को समर्पित है। उन्होंने कहा कि सदियों से संतों और ऋषियों ने जिस आध्यात्मिक भावना को महसूस किया, वही भावना इस संगीत में भी है। उनका मानना है कि आदि शंकराचार्य का संदेश आज भी लोगों को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इन यात्राओं और संगीत के ज़रिये खेर अपनी आध्यात्मिक अभिव्यक्ति को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।