कमल हासन की देशवासियों से अपील: ऊर्जा संकट में राजनीति छोड़ें, देश को प्राथमिकता दें
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता और मक्कल निधि मय्यम (MNM) के प्रमुख कमल हासन ने 22 मई 2025 को अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो संदेश जारी कर देशवासियों से वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच एकजुट होने की अपील की। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ईरान युद्ध के चलते समुद्री व्यापार में आई रुकावट और बढ़ती तेल कीमतों को लेकर उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक चुनौती नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी का समय है।
संकट की पृष्ठभूमि और भारत पर असर
कमल हासन ने अपने वीडियो में स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध और समुद्री व्यापार मार्गों में आई रुकावटों का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। भारत जैसे देश, जो बड़ी मात्रा में तेल और गैस का आयात करते हैं, इस संकट की सीधी चपेट में हैं। उन्होंने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद और औद्योगिक उपयोग की वस्तुएँ लगातार महँगी होती जा रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया के कई देश पहले ही 'एनर्जी-रेशनिंग' नियम लागू कर चुके हैं। सिंगापुर जैसे देशों के नेता अपने नागरिकों को आने वाले कठिन समय के लिए तैयार रहने की सलाह दे रहे हैं।
ऐतिहासिक उदाहरणों से दी प्रेरणा
हासन ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस कथन का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'सरकारें आएंगी और जाएंगी, लेकिन देश हमेशा रहना चाहिए।' उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में लोगों ने देश के लिए अपने घरों का सोना तक दान कर दिया था।
इसी क्रम में उन्होंने 1965 के खाद्यान्न संकट का हवाला दिया, जब पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने नागरिकों से सप्ताह में एक समय का भोजन छोड़ने की अपील की थी। हासन ने कहा, 'मौजूदा समय में देश को उतने बड़े त्याग की जरूरत नहीं है, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियाँ निभाकर भी लोग बड़ा योगदान दे सकते हैं।'
सरकार की नीतियों की सराहना, पर माँगें भी रखीं
हासन ने केंद्र सरकार की ऊर्जा नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कोल गैसीफिकेशन, नवीकरणीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा में बढ़ता निवेश भविष्य के लिए सकारात्मक कदम बताया।
साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे सभी मुख्यमंत्रियों की राष्ट्रीय बैठक बुलाएँ। उनकी माँग थी कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले कर कम करें और बस, ट्रेन व मेट्रो का किराया घटाएँ, ताकि अधिक से अधिक लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
एकजुटता की अपील
वीडियो के साथ कमल हासन ने कैप्शन में लिखा, 'भारत ने पहले भी एकता और सामूहिक त्याग के साथ युद्ध, कमी और दुनिया के कई संकटों पर काबू पाया है। आज फिर से उसी राष्ट्रीय भावना की जरूरत है।' उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की उस अपील का भी समर्थन किया जिसमें देशवासियों से अगले एक वर्ष तक बिजली और ईंधन की बचत करने को कहा गया है।
हासन का मानना है कि अगर देश एकजुट होकर इस संकट का सामना करे, तो भारत इस कठिन दौर से और अधिक मजबूत बनकर उभरेगा — यह संदेश आने वाले समय में नीति-निर्माताओं और आम नागरिकों दोनों के लिए प्रासंगिक बना रहेगा।