माधुरी दीक्षित की फिल्म 'संगीत' के 34 साल पूरे, जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर शेयर कीं यादगार तस्वीरें
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और अभिनेता जैकी श्रॉफ की क्लासिक फिल्म 'संगीत' ने 18 सितंबर 2026 को अपनी रिलीज़ के 34 साल पूरे कर लिए। इस खास मौके पर जैकी श्रॉफ ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर फिल्म से जुड़ी सुनहरी यादें साझा कीं और पुराने दिनों को फिर से जीवंत किया।
जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया मोंटाज
जैकी श्रॉफ ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर फिल्म के स्टिल्स का एक भावुक मोंटाज पोस्ट किया। इस मोंटाज में माधुरी दीक्षित, नितीश भारद्वाज, सतीश शाह, अरुणा ईरानी और परीक्षित साहनी के साथ फिल्म के कई यादगार पलों को दर्शाया गया है। तस्वीरों में जैकी की सेतुराम की भूमिका और माधुरी दीक्षित के डबल रोल की झलकियाँ विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
फिल्म की कहानी और कलाकार
1992 में रिलीज़ हुई इस फिल्म का निर्देशन प्रख्यात निर्देशक कासीनथुनी विश्वनाथ ने किया था। माधुरी दीक्षित ने इस फिल्म में निर्मला (माँ) और संगीता (बेटी) का दोहरा किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों और आलोचकों से भरपूर सराहना मिली थी। फिल्म में नितीश भारद्वाज, परीक्षित साहनी, शफी इनामदार, अरुणा ईरानी और सतीश शाह ने भी महत्त्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई थीं।
कहानी निर्मला से शुरू होती है — एक ऐसी युवती जो कला, संगीत और नृत्य से गहरा लगाव रखती है। विवाह से पहले उसका जुड़ाव उपेन्द्र जोशी (नितीश भारद्वाज) से था। वर्षों बाद उसकी एक अंधी बेटी संगीता होती है, जो स्वयं एक सफल गायिका बनने का सपना पालती है।
जैकी श्रॉफ की भूमिका और कहानी का केंद्रबिंदु
जैकी श्रॉफ ने फिल्म में सेतुराम नाम के एक घुमंतू राजस्थानी लोक गायक की भूमिका अदा की, जो आजीविका की तलाश में शहर आता है। सेतुराम की मुलाकात निर्मला और उसकी अंधी बेटी संगीता से होती है। धीरे-धीरे सेतुराम और संगीता एक-दूसरे की कला का सम्मान करते हुए करीब आते हैं और सेतुराम उसके गायन के सफर में सहारा बनता है। कहानी के आगे बढ़ने के साथ परिवार के कई छिपे हुए रिश्ते और राज सामने आते हैं, जो फिल्म को भावनात्मक गहराई देते हैं।
फिल्म की विरासत और संगीत
हालाँकि 'संगीत' बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों के दिलों में बड़ी पहचान नहीं बना सकी, फिर भी माधुरी दीक्षित के डबल रोल को आज भी उनके करियर के उल्लेखनीय अभिनय प्रयासों में गिना जाता है। फिल्म का संगीत पक्ष बेहद लोकप्रिय रहा और इसके गीत टी-सीरीज़ द्वारा जारी किए गए थे। फिल्म संगीत और कला की दुनिया के इर्द-गिर्द बुनी गई यह कहानी आज भी क्लासिक हिंदी सिनेमा के प्रेमियों के बीच एक विशेष स्थान रखती है।
34 साल बाद भी जीवित हैं यादें
गौरतलब है कि बॉलीवुड में यह परंपरा रही है कि कलाकार अपनी पुरानी फिल्मों की वर्षगाँठ पर सोशल मीडिया के ज़रिये अपने प्रशंसकों से जुड़ते हैं। जैकी श्रॉफ का यह भावुक मोंटाज उसी परंपरा की एक मिसाल है — और यह दर्शाता है कि 'संगीत' जैसी फिल्मों का भावनात्मक मूल्य वर्षों बाद भी कम नहीं होता। माधुरी दीक्षित और जैकी श्रॉफ जैसे अनुभवी कलाकारों का यह जुड़ाव पुरानी पीढ़ी के दर्शकों को अपने सिनेमाई अनुभव फिर से जीने का मौका देता है।