पलक मुच्छल: कम उम्र में संगीत की दुनिया पर राज, पहला एलबम 'चाइल्ड फॉर चिल्ड्रन' से शुरू हुआ सफर

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पलक मुच्छल: कम उम्र में संगीत की दुनिया पर राज, पहला एलबम 'चाइल्ड फॉर चिल्ड्रन' से शुरू हुआ सफर

सारांश

पलक मुच्छल, जो मात्र 9 वर्ष की आयु में अपने पहले एलबम से चर्चा में आईं, आज समाज सेवा और गायकी के लिए जानी जाती हैं। जानिए उनके सफर की कहानी।

मुख्य बातें

संगीत में प्रारंभ: पलक ने 4 साल की उम्र में गाना शुरू किया।
पहला एलबम: 9 साल की उम्र में 'चाइल्ड फॉर चिल्ड्रन' लॉन्च किया।
समाज सेवा: हार्ट पेशेंट बच्चों के लिए कार्यरत।
बॉलीवुड डेब्यू: 2011 में 'दमादम' फिल्म से किया।
पुरस्कार: कई पुरस्कारों से सम्मानित।

मुंबई, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संगीत की दुनिया में कुछ ऐसे अद्वितीय सिंगर्स हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा से कम उम्र में ही सबको चौंका दिया। पलक मुच्छल इन्हीं में से एक हैं। आज पलक को उनके सुरों के लिए जान जाता है, और वह समाज सेवा और चैरिटी के अपने कार्यों के लिए भी प्रसिद्ध हैं।

पलक मुच्छल का जन्म 30 मार्च 1992 को मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक सामान्य परिवार में हुआ था। उनके परिवार में संगीत का विशेष माहौल था। उनकी माँ अमृता मुच्छल और पिता राजकुमार मुच्छल ने सदैव उनके हुनर को प्रोत्साहित किया। उनके छोटे भाई पलाश मुच्छल का भी संगीत से संबंध है। पलक की आवाज़ में बचपन से ही एक अलग मिठास और गहराई थी, जिससे सभी प्रभावित होते थे।

पलक ने मात्र चार वर्ष की आयु में गाना गाना शुरू किया। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली और बहुत कम उम्र में ही मंचों पर अपनी आवाज का जादू बिखेरना शुरू कर दिया। उनके करियर की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने केवल 9 साल की उम्र में अपना पहला एलबम 'चाइल्ड फॉर चिल्ड्रन' जारी किया। इस एलबम को टिप्स म्यूजिक ने रिलीज किया था। इस एलबम के माध्यम से पलक ने सिद्ध किया कि छोटी उम्र में भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।

पलक ने आगे बढ़ते हुए कई एलबम और सिंगल्स जारी किए। उनकी लोकप्रिय एलबमों में 'पलकें', 'आओ तुम्हें चांद पर ले जाएं', 'बेटी हूं महाकाल की' और 'दिल के लिए' शामिल हैं, जिन्होंने उनके हुनर को और भी उभारा।

बॉलीवुड में पलक की पहचान तब बनी जब सलमान खान ने उन्हें देखा। साल 2011 में फिल्म 'दमादम' से पलक ने बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने सलमान खान की फिल्म 'एक था टाइगर' के 'लापता' गाने में अपनी आवाज दी और फिर उनके लिए सफलता के दरवाजे खुलने लगे। इसके बाद पलक ने 'आशिकी 2', 'गब्बर इज बैक', 'सनम रे' और 'एम एस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी' जैसी फिल्मों में कई हिट गाने गाए। उनके गाने हमेशा लोगों की जुबान पर रहते हैं।

पलक मुच्छल केवल अपनी गायकी के लिए ही नहीं, बल्कि समाज सेवा के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने अपनी कमाई का एक हिस्सा हार्ट पेशेंट बच्चों के इलाज में लगाया है और अब तक 2,000 से ज्यादा बच्चों की सर्जरी करवाई है। इसी नेक कार्य के लिए उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। पलक अपने जन्मदिन पर भी हार्ट पेशेंट बच्चों से मिलने जाती हैं और उनके लिए स्टेज शो आयोजित करती हैं।

पलक मुच्छल को कई पुरस्कारों से नवाजा गया है। उन्होंने युवा कलाकार और लीड सिंगर के तौर पर कई सम्मान प्राप्त किए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्होंने अपनी प्रतिभा और नेक कार्यों से समाज में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। उनकी कहानी न केवल संगीत प्रेमियों के लिए, बल्कि समाज सेवा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए भी प्रेरणा देती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पलक मुच्छल का पहला एलबम कब रिलीज हुआ?
पलक मुच्छल का पहला एलबम 'चाइल्ड फॉर चिल्ड्रन' 9 साल की उम्र में रिलीज हुआ।
पलक मुच्छल ने किस प्रकार की संगीत शिक्षा ली?
पलक ने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली है।
पलक मुच्छल ने समाज सेवा के लिए क्या किया है?
पलक ने हार्ट पेशेंट बच्चों के इलाज के लिए अपनी कमाई का हिस्सा लगाया है और 2,000 से अधिक बच्चों की सर्जरी करवाई है।
पलक मुच्छल को क्या पुरस्कार मिले हैं?
पलक मुच्छल को युवा कलाकार और लीड सिंगर के रूप में कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
पलक मुच्छल का जन्म कब हुआ?
पलक मुच्छल का जन्म 30 मार्च 1992 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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