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प्रसून जोशी को मिलेगा पहला 'एनबीटी भूषण सम्मान', 4 जुलाई को राजनाथ सिंह करेंगे सम्मानित

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प्रसून जोशी को मिलेगा पहला 'एनबीटी भूषण सम्मान', 4 जुलाई को राजनाथ सिंह करेंगे सम्मानित

सारांश

नवभारत टाइम्स ने 'एनबीटी भूषण सम्मान' की शुरुआत की है और इसका पहला सम्मान गीतकार-शायर प्रसून जोशी को दिया जाएगा। 4 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह यह सम्मान प्रदान करेंगे — साहित्य, सिनेमा और विज्ञापन में उनके बहुआयामी योगदान की स्वीकृति।

मुख्य बातें

प्रसून जोशी को नवभारत टाइम्स (एनबीटी) के पहले 'एनबीटी भूषण सम्मान' के लिए चुना गया है।
सम्मान समारोह 4 जुलाई 2026 को 'एनबीटी उत्सव 2026' में नई दिल्ली में आयोजित होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रसून जोशी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान करेंगे।
सम्मान साहित्य, संस्कृति, सृजन और जनसंचार में दीर्घकालिक बहुआयामी योगदान के लिए दिया जा रहा है।
जोशी 'रंग दे बसंती' , 'तारे ज़मीन पर' , 'भाग मिल्खा भाग' और 'नीरजा' जैसी फिल्मों के गीतकार हैं।

प्रख्यात गीतकार, शायर और विज्ञापन जगत की अग्रणी हस्ती प्रसून जोशी को नवभारत टाइम्स (एनबीटी) के पहले 'एनबीटी भूषण सम्मान' से नवाज़ा जाएगा। 4 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 'एनबीटी उत्सव 2026' में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगे। साहित्य, संस्कृति, सृजन और जनसंचार के क्षेत्र में उनके बहुआयामी योगदान को देखते हुए यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया जा रहा है।

नई परंपरा की शुरुआत

नवभारत टाइम्स दिल्ली ने अपने वार्षिक आयोजन 'एनबीटी उत्सव 2026' में इस वर्ष पहली बार 'एनबीटी भूषण सम्मान' की शुरुआत की है। यह सम्मान उन असाधारण व्यक्तित्वों को समर्पित होगा जिन्होंने अपने कार्य और सृजन से भारतीय समाज, संस्कृति और सार्वजनिक जीवन को समृद्ध किया है। इस नई परंपरा का पहला पड़ाव प्रसून जोशी के नाम रखा जाना स्वयं में इस सम्मान की गरिमा को रेखांकित करता है।

प्रसून जोशी की रचनात्मक यात्रा

प्रसून जोशी उन विरले रचनाकारों में हैं जिन्होंने शब्दों को केवल गीतों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें संवेदना, उम्मीद और परिवर्तन की आवाज़ बनाया। 'रंग दे बसंती', 'तारे ज़मीन पर', 'भाग मिल्खा भाग' और 'नीरजा' जैसी फिल्मों में उनके गीतों ने पीढ़ियों के दिलों को छुआ है। उनकी रचनाओं में सपनों की उड़ान, राष्ट्रभावना और मानवीय रिश्तों की गहराई एक साथ दिखाई देती है।

साहित्य और विज्ञापन जगत में योगदान

फिल्मी गीतों से परे, प्रसून जोशी ने साहित्य और विज्ञापन की दुनिया में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी कविताओं और लेखन में गहरी संवेदनशीलता झलकती है, जबकि उनके विज्ञापन अभियानों में सादगी, रचनात्मकता और आमजन से सीधे संवाद की अद्भुत क्षमता दिखाई देती है। शब्दों पर उनकी असाधारण पकड़ और अभिव्यक्ति की नवीन शैली ने उन्हें समकालीन भारत के सबसे प्रभावशाली रचनाकारों में शामिल किया है।

सम्मान का महत्व और आगे की राह

नवभारत टाइम्स दिल्ली का मानना है कि प्रसून जोशी की रचनात्मक यात्रा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गौरतलब है कि यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है जो भारतीय सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को जीवंत रखने वाले रचनाकारों को सार्वजनिक मान्यता दिलाता है। आने वाले वर्षों में यह सम्मान उन हस्तियों को दिया जाएगा जो अपने क्षेत्र में समाज को दिशा देने का काम करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कविता और विज्ञापन तीनों मोर्चों पर समान रूप से प्रभावशाली रहे हैं, जो उन्हें एकआयामी पुरस्कार की परिधि से बाहर रखता है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि आने वाले वर्षों में यह सम्मान किस आधार पर और किसे दिया जाता है — क्या यह सच में सृजनशीलता को कसौटी मानेगा या मीडिया-उद्योग के परिचित चेहरों तक सिमट जाएगा।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एनबीटी भूषण सम्मान' क्या है?
यह नवभारत टाइम्स दिल्ली द्वारा शुरू किया गया एक नया वार्षिक सम्मान है, जो उन असाधारण व्यक्तित्वों को दिया जाएगा जिन्होंने साहित्य, संस्कृति, सृजन और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इसकी शुरुआत 'एनबीटी उत्सव 2026' से हो रही है।
प्रसून जोशी को यह सम्मान कब और कहाँ दिया जाएगा?
4 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'एनबीटी उत्सव 2026' में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रसून जोशी को 'एनबीटी भूषण सम्मान' से सम्मानित करेंगे।
प्रसून जोशी को यह सम्मान क्यों दिया जा रहा है?
प्रसून जोशी को साहित्य, सिनेमा, कविता और विज्ञापन के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक और बहुआयामी योगदान के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। 'रंग दे बसंती', 'तारे ज़मीन पर', 'भाग मिल्खा भाग' जैसी फिल्मों के उनके गीत पीढ़ियों को प्रेरित करते रहे हैं।
प्रसून जोशी किन क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं?
प्रसून जोशी गीतकार, शायर, कवि और विज्ञापन जगत की प्रमुख हस्ती हैं। उन्होंने 'रंग दे बसंती', 'तारे ज़मीन पर', 'भाग मिल्खा भाग' और 'नीरजा' जैसी फिल्मों में गीत लिखे हैं और विज्ञापन अभियानों में भी विशिष्ट पहचान बनाई है।
क्या 'एनबीटी भूषण सम्मान' आगे भी दिया जाएगा?
हाँ, नवभारत टाइम्स दिल्ली के अनुसार यह सम्मान एक वार्षिक परंपरा के रूप में जारी रहेगा और उन हस्तियों को दिया जाएगा जिन्होंने भारतीय समाज, संस्कृति और सार्वजनिक जीवन को अपने कार्य से समृद्ध किया हो।
राष्ट्र प्रेस
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