प्रियंशी यादव का सबसे बड़ा गुरु: 'रोहित राज गोयल ने सिखाया किरदार को जीना'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री प्रियंशी यादव ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उस शख्सियत का नाम लिया जिसने उनके अभिनय और जीवन दोनों को नई दिशा दी — निर्देशक रोहित राज गोयल। प्रियंशी ने कहा कि गोयल ने उन्हें किरदार को महज़ परफॉर्म करने की बजाय उसे भीतर से जीना सिखाया, और यही सीख उनके करियर की सबसे बड़ी पूंजी बन गई।
किरदार को जीने की सीख
प्रियंशी ने बताया कि उन्होंने जितने भी शोज़ में काम किया, हर अनुभव ने उन्हें कुछ नया दिया। लेकिन रोहित राज गोयल के साथ काम करना उनके सबसे यादगार अनुभवों में से एक रहा। उन्होंने कहा, 'उन्होंने मुझे किरदार को समझना, उसे स्वाभाविक तरीके से निभाना और सबसे जरूरी बात, किरदार को सिर्फ परफॉर्म करना नहीं, बल्कि उसे जीना सिखाया।'
अभिनेत्री के अनुसार, एक कलाकार की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी यह है कि वह अपने किरदार के साथ पूरी तरह ईमानदार रहे। गोयल ने उन्हें समझाया कि किसी भी दृश्य में केवल संवाद बोलना पर्याप्त नहीं — उस किरदार की भावनाओं को महसूस करना ज़रूरी है, और यही बात अभिनय को साधारण से असाधारण बनाती है।
नर्वसनेस को ताकत में बदलना
प्रियंशी ने स्वीकार किया कि शुरुआती दिनों में वह शूटिंग से पहले अक्सर घबरा जाती थीं। उन्होंने बताया, 'तब रोहित ने मुझे एक ऐसी सलाह दी, जिसने मेरी सोचने का तरीका बदल दिया। उन्होंने कहा कि जिस दिन अंदर से घबराहट और बेहतर करने की इच्छा पूरी तरह खत्म हो जाए और यह सोचना शुरू हो जाए कि मुझे सब आता है, तो आप उस दिन से एक अच्छा कलाकार नहीं बन पाओगे।'
इस सलाह ने प्रियंशी का नज़रिया बदल दिया। उन्होंने कहा, 'नर्वस होना या किसी सीन को लेकर चिंतित होना गलत नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि कलाकार अपने काम को लेकर गंभीर है। लेकिन उस डर को संभालकर अपने अभिनय में ईमानदारी लाना जरूरी है।'
एक्टिंग में ईमानदारी सर्वोपरि
प्रियंशी का मानना है कि एक अभिनेता के भीतर हमेशा यह भावना जीवित रहनी चाहिए कि वह अपने काम को और बेहतर कर सकता है। यह निरंतर सुधार की चाहत ही उसे एक सच्चा कलाकार बनाती है। गौरतलब है कि यह सोच भारतीय टेलीविजन उद्योग में उन कलाकारों को अलग करती है जो दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाते हैं।
वर्तमान प्रोजेक्ट
इन दिनों प्रियंशी यादव ज़ी टीवी के शो 'तुझसे है राब्ता दिल में' में वृंदा का मुख्य किरदार निभा रही हैं। इस शो की कहानी संजय, स्वाति और वृंदा — तीन किरदारों के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिनकी ज़िंदगियाँ आपस में जुड़ती हैं और रिश्तों, भावनाओं तथा उतार-चढ़ाव से भरा एक सफर शुरू होता है। अपने गुरु की सीख को आत्मसात करते हुए प्रियंशी इस किरदार में भी वही ईमानदारी लाने की कोशिश कर रही हैं जो उन्हें रोहित राज गोयल ने दी।