'रात कालिया' सॉन्ग से गायिकी में उतरीं शहजान पद्मसी, मां शेरोन प्रभाकर से सीखा संगीत
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण भारतीय अभिनेत्री शहजान पद्मसी ने अपने गायन करियर की शुरुआत सॉन्ग 'रात कालिया' से की है। 22 अगस्त को मुंबई में हुई एक बातचीत में उन्होंने खुलासा किया कि संगीत उनका पुराना जुनून था, लेकिन एक्टिंग के ऑफर आते रहे और गायिकी का सपना पीछे छूटता गया। अब वे उसी सपने को पूरा करने की राह पर हैं।
एक्टिंग से संगीत तक का सफर
शहजान ने बताया कि अभिनय की शुरुआत अचानक हुई और काम में आनंद भी आया। उनके शब्दों में, 'एक के बाद बहुत सारे प्रोजेक्ट हाथ में आने लगे — ऐसा लग रहा था जैसे मैं लहर पर सर्फिंग कर रही हूं।' कॉमेडी फिल्म 'हाउसफुल 2' में पारुल के किरदार के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब रचनात्मकता के नए आयाम तलाशने का वक्त आ गया है।
मां शेरोन प्रभाकर की भूमिका
शहजान की माँ शेरोन प्रभाकर भारत की पहली पॉप स्टार्स में से एक मानी जाती हैं। शहजान ने बताया कि उन्होंने संगीत की कोई बाहरी क्लास नहीं ली — माँ ही उनकी गुरु बनीं। उन्होंने कहा, 'हम दोनों घंटों तक साथ में रियाज करते थे।' इस प्रशिक्षण प्रक्रिया को उन्होंने गहराई से आत्मसात किया और अपने हुनर को निखारने में समय लगाया।
हुनर को गंभीरता से लेने का फैसला
शहजान ने स्वीकार किया कि प्रैक्टिस को उन्होंने कभी रस्म नहीं समझा। उनके अनुसार, 'अगर मुझे इस प्रोफेशन को सीरियसली लेना है, तो पहले अपना हुनर पक्का करना होगा। मुझे प्रैक्टिस की इस पूरी प्रोसेस से प्यार हो गया।' यह बयान उनके संगीत के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
'रात कालिया' — प्यार का परिपक्व नजरिया
सॉन्ग के बारे में शहजान का कहना है कि 'रात कालिया' एक लव सॉन्ग है जो प्यार के बदलते स्वरूप को उजागर करता है। उन्होंने समझाया, 'किसी भी रिश्ते की शुरुआत में इंसान एक-दूसरे पर डिपेंडेंट होता है — और यह गाना उसी भावना को छूता है।' उनके मुताबिक, जब वे दोस्तों से इस विषय पर बात करती हैं, तो वे भी इसी अनुभव से जुड़ाव महसूस करते हैं — एक ऐसा प्यार जो निर्भरता से परिपक्वता की ओर बढ़ता है।
शहजान पद्मसी के इस म्यूजिकल डेब्यू ने उनके प्रशंसकों में उत्सुकता जगाई है। आगे वे संगीत और अभिनय दोनों में सक्रिय रहने का इरादा रखती हैं।