रेणुकास्वामी हत्याकांड: सरकारी गवाह प्रदोष का बयान आज, बेंगलुरु कोर्ट में 50 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
रेणुकास्वामी हत्याकांड में आरोपी से सरकारी गवाह बने प्रदोष सोमवार, 28 सितंबर को बेंगलुरु की 59वीं सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट (CCH) के समक्ष अपना बयान दर्ज कराएंगे। कथित तौर पर उन्हें मिल रही जानलेवा धमकियों को देखते हुए कोर्ट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रूप से कड़ी कर दी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
अभियोजन पक्ष के अनुसार, प्रदोष का विस्तृत बयान अगले एक से दो दिनों में दर्ज किया जा सकता है। उनकी गवाही में कथित हत्या से पहले और उसके बाद की घटनाओं का ब्यौरा सामने आने की उम्मीद है। हालांकि, उनका क्रॉस-एग्जामिनेशन अभी नहीं होगा — कोर्ट ने तय किया है कि पहले मामले के मुख्य गवाह का क्रॉस-एग्जामिनेशन पूरा होना ज़रूरी है।
बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद प्रदोष को कमाक्षीपाल्या पुलिस की सुरक्षा में कोर्ट लाया जाएगा। जेल प्रशासन के अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था
सेंट्रल डीसीपी ज़ोन की ओर से प्रदोष की सुरक्षा के लिए एक एसीपी, तीन पुलिस इंस्पेक्टर, आठ सब-इंस्पेक्टर और 40 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने कोर्ट को प्रदोष की जान को कथित खतरे की जानकारी दी, जिसके बाद कोर्ट ने निर्देश दिया कि जेल से कोर्ट तक और वापसी के दौरान पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
यह ऐसे समय में आया है जब अभिनेता दर्शन के प्रशंसकों की ओर से कथित तौर पर प्रदोष को धमकियाँ मिल रही हैं — जो इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को और बढ़ा देता है।
प्रदोष की कानूनी यात्रा
प्रदोष को इस मामले में शुरुआत में आरोपी नंबर 14 बनाया गया था। बाद में उन्होंने कोर्ट में 11 पन्नों की अर्जी दाखिल कर सरकारी गवाह बनने और अन्य आरोपियों के खिलाफ बयान दर्ज कराने की अनुमति माँगी। कोर्ट ने यह अर्जी मंजूर कर ली। दर्शन के वकील ने इस फैसले को कर्नाटक उच्च न्यायालय में चुनौती दी, लेकिन उच्च न्यायालय ने उस याचिका पर सुनवाई नहीं की।
गौरतलब है कि सरकारी गवाह के तौर पर प्रदोष से कथित हत्या और उससे जुड़ी घटनाओं के बारे में विस्तार से पूछताछ की जाएगी, जो ट्रायल कोर्ट द्वारा रिकॉर्ड की जाएगी।
रेणुकास्वामी हत्याकांड: पृष्ठभूमि
यह मामला जून 2024 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 35 वर्षीय रेणुकास्वामी, जो अभिनेता दर्शन के प्रशंसक थे, का कथित तौर पर अपहरण किया गया, उनके साथ मारपीट की गई और फिर उनकी हत्या कर दी गई। उनका शव बाद में बेंगलुरु के कमाक्षीपाल्या इलाके में मिला था। यह मामला कर्नाटक में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या होगा आगे
प्रदोष की गवाही इस मुकदमे की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है, क्योंकि वे एकमात्र आरोपी हैं जो अभियोजन पक्ष के साथ सहयोग कर रहे हैं। उनके बयान के बाद मुख्य गवाह का क्रॉस-एग्जामिनेशन और फिर प्रदोष का क्रॉस-एग्जामिनेशन होना बाकी है, जो ट्रायल की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगी।