29 सितंबर 2026
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रेणुकास्वामी हत्याकांड: बेंगलुरु कोर्ट में प्रदोष राव का बयान दूसरे दिन भी जारी, दर्शन पर बड़े खुलासे संभव

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रेणुकास्वामी हत्याकांड: बेंगलुरु कोर्ट में प्रदोष राव का बयान दूसरे दिन भी जारी, दर्शन पर बड़े खुलासे संभव

सारांश

रेणुकास्वामी हत्याकांड में सरकारी गवाह प्रदोष राव का बेंगलुरु कोर्ट में बयान दूसरे दिन भी जारी है। अभिनेता दर्शन से पहचान, पट्टनगेरे शेड में मौजूदगी और ₹30 लाख के कथित लेन-देन पर अहम खुलासे संभव हैं। दर्शन की टीम ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की है।

मुख्य बातें

प्रदोष राव का बयान बेंगलुरु की 59वीं सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट में 29 सितंबर 2026 को लगातार दूसरे दिन दर्ज किया गया।
प्रदोष मामले में 29वें गवाह हैं; कोर्ट ने 16 सितंबर 2026 को उन्हें सरकारी गवाह बनाने की मंजूरी दी थी।
गवाही में पट्टनगेरे शेड में मौजूदगी, शव ठिकाने लगाने और कथित ₹30 लाख के भुगतान पर खुलासे संभव।
अभिनेता दर्शन की कानूनी टीम ने सर्वोच्च न्यायालय में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल की है।
ट्रायल कोर्ट ने बयान की प्रक्रिया टालने की दर्शन की टीम की माँग खारिज कर दी।

रेणुकास्वामी हत्याकांड की सुनवाई में बेंगलुरु की 59वीं सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट में 29 सितंबर 2026 को सरकारी गवाह प्रदोष राव का बयान लगातार दूसरे दिन दर्ज किया गया। आरोपी से सरकारी गवाह बने प्रदोष को सिटी आर्म्ड रिजर्व (CAR) और कामाक्षीपल्या पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। उनकी गवाही को इस हाई-प्रोफाइल मामले में निर्णायक मानी जा रही है, क्योंकि वह पहले इसी केस में आरोपी थे।

मंगलवार को किन सवालों पर होगी गवाही

मंगलवार को कोर्ट में प्रदोष राव से कई अहम सवालों पर जवाब लिए जाने की उम्मीद है — जिनमें अभिनेता दर्शन से उनकी पहचान कैसे हुई, कथित हत्या के समय वह कहाँ थे, और पट्टनगेरे के उस शेड में कौन-कौन मौजूद था, जहाँ अभियोजन पक्ष के अनुसार रेणुकास्वामी के साथ मारपीट की गई थी और बाद में उनकी मौत हुई।

सूत्रों के अनुसार, प्रदोष की गवाही में शव को ठिकाने लगाने, उसे दूसरी जगह ले जाने और इस काम के लिए कथित तौर पर ₹30 लाख दिए जाने जैसे अहम बिंदु भी सामने आ सकते हैं।

सोमवार की सुनवाई और बंद कमरे की कार्यवाही

इससे पहले सोमवार को लगभग तीन घंटे तक प्रदोष का बयान बंद कमरे में रिकॉर्ड किया गया था। लंबी कार्यवाही के बाद बयान को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। मामले में वह 29वें गवाह के रूप में दर्ज हैं।

मंगलवार की सुनवाई में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) प्रसन्नकुमार कोर्ट में मौजूद रहे। जेल में बंद अभिनेता दर्शन और पवित्रा गौड़ा के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही में शामिल होने की उम्मीद थी।

सरकारी गवाह बनने की शर्तें और पृष्ठभूमि

कोर्ट ने प्रदोष को सरकारी गवाह बनने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी है — उन्हें मामले से जुड़ी पूरी और सच्ची जानकारी सामने रखनी होगी। यदि वह इन शर्तों का पालन नहीं करते, तो उन्हें दोबारा आरोपी माना जा सकता है।

प्रदोष ने अगस्त 2026 में सरकारी गवाह बनने के लिए आवेदन किया था, जिसमें उन्होंने मामले से जुड़ी पूरी जानकारी और अन्य आरोपियों की कथित भूमिका के बारे में सच बताने की पेशकश की थी। 16 सितंबर 2026 को कोर्ट ने उनकी अर्जी मंजूर करते हुए उन्हें सरकारी गवाह बनाने का फैसला दिया था।

दर्शन की कानूनी टीम का सुप्रीम कोर्ट में रुख

अभिनेता दर्शन की कानूनी टीम ने प्रदोष को सरकारी गवाह बनाए जाने के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी की है। दर्शन के वरिष्ठ वकील हशमत पाशा ने बताया कि उनकी टीम पहले ट्रायल कोर्ट में इस फैसले का विरोध कर चुकी है, लेकिन उनकी दलील स्वीकार नहीं होने के बाद अब स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल की गई है।

दर्शन की टीम ने प्रदोष का बयान रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया टालने की माँग भी की थी, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब मामले की सुनवाई तेज़ गति से आगे बढ़ रही है और अभियोजन पक्ष की गवाही का सिलसिला जारी है।

आगे क्या होगा

प्रदोष की गवाही पूरी होने के बाद अभियोजन पक्ष अन्य गवाहों को कोर्ट के सामने पेश करेगा। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल SLP पर सुनवाई की तारीख अभी तय होनी है, जो प्रदोष की आगे की गवाही की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सज़ा की गंभीरता पर सीधा असर डाल सकते हैं।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदोष राव को रेणुकास्वामी हत्याकांड में सरकारी गवाह क्यों बनाया गया?
प्रदोष राव पहले इस मामले में आरोपी थे। उन्होंने अगस्त 2026 में सरकारी गवाह बनने के लिए आवेदन किया, जिसमें उन्होंने मामले की पूरी जानकारी और अन्य आरोपियों की कथित भूमिका का सच बताने की पेशकश की। 16 सितंबर 2026 को कोर्ट ने शर्तों के साथ उनकी अर्जी मंजूर की।
मंगलवार की सुनवाई में प्रदोष से क्या पूछा जाएगा?
कोर्ट में प्रदोष से पूछा जाएगा कि अभिनेता दर्शन से उनकी पहचान कैसे हुई, कथित हत्या के समय वह कहाँ थे, और पट्टनगेरे के शेड में कौन-कौन मौजूद था। इसके अलावा शव ठिकाने लगाने और कथित ₹30 लाख के भुगतान पर भी गवाही हो सकती है।
दर्शन की कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट में क्यों जाने का फैसला किया?
अभिनेता दर्शन की कानूनी टीम ने प्रदोष को सरकारी गवाह बनाए जाने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल की है। ट्रायल कोर्ट ने बयान की प्रक्रिया टालने की उनकी माँग भी खारिज कर दी थी।
रेणुकास्वामी हत्याकांड क्या है और इसमें दर्शन की भूमिका क्या बताई जाती है?
रेणुकास्वामी हत्याकांड में अभियोजन पक्ष के अनुसार बेंगलुरु के पट्टनगेरे स्थित एक शेड में पीड़ित के साथ मारपीट की गई और बाद में उनकी मौत हुई। कन्नड़ अभिनेता दर्शन और अन्य आरोपी इस मामले में जेल में बंद हैं और ट्रायल जारी है।
क्या प्रदोष राव शर्तों का पालन न करने पर दोबारा आरोपी बन सकते हैं?
हाँ, कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रदोष राव सरकारी गवाह बनने की शर्तों का पालन नहीं करते और मामले से जुड़ी पूरी व सच्ची जानकारी नहीं देते, तो उन्हें दोबारा आरोपी माना जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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