रेणुकास्वामी हत्याकांड: दो और आरोपी रविशंकर व विनय ने माँगा सरकारी गवाह का दर्जा
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु की 59वीं सीसीएच (सेशन) कोर्ट में कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा से जुड़े हाई-प्रोफाइल रेणुकास्वामी हत्याकांड में 6 अगस्त को एक अहम मोड़ आया, जब दो आरोपियों — रविशंकर और विनय — ने अदालत को सूचित किया कि वे सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने के लिए अलग-अलग आवेदन दाखिल करेंगे। यह घटनाक्रम आरोपी प्रदोष की उसी तरह की याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें उसने मामले की पूरी सच्चाई उजागर करने की इच्छा जताई है।
मुख्य घटनाक्रम
रविशंकर और विनय के वकीलों ने गुरुवार को 59वीं सीसीएच कोर्ट के समक्ष अनुरोध किया कि उनके मुवक्किलों को भी गवाह के रूप में माना जाए। दोनों आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं और उन्होंने दिन में बाद में अलग-अलग याचिकाएँ दाखिल करने की सूचना अदालत को दी।
इससे पहले, आरोपी प्रदोष ने अपने वकील के माध्यम से गवाहों से संबंधित प्रावधानों के तहत अदालत से माफी माँगते हुए कहा है कि वह अपराध के पीछे की पूरी सच्चाई का खुलासा करने के लिए तैयार है। प्रदोष ने एक अलग आवेदन में यह भी माँग की है कि उसे एक अलग कमरे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति दी जाए, क्योंकि अभी उसे दर्शन सहित अन्य आरोपियों के साथ एक ही कमरे से वर्चुअल रूप से पेश किया जा रहा है।
प्रदोष के वकील की आपत्ति
प्रदोष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि रविशंकर और विनय की अर्जियों को उनके मुवक्किल की याचिका के साथ न जोड़ा जाए। वकील का तर्क था कि अदालत को पहले प्रदोष का बयान दर्ज करना चाहिए और उसके बाद अभियोजन पक्ष को बाद की अर्जियों पर उचित निर्णय लेने का अवसर देना चाहिए। 59वीं सीसीएच कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को प्रदोष के आवेदन पर अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
रेणुकास्वामी हत्याकांड की पृष्ठभूमि
यह मामला जून 2024 में तब सुर्खियों में आया जब चित्रदुर्ग के 33 वर्षीय प्रशंसक रेणुकास्वामी का अपहरण कर उसे बेंगलुरु लाया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोप है कि उसने अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा को अश्लील संदेश भेजे थे। जाँचकर्ताओं का दावा है कि उसे एक शेड के भीतर बेरहमी से पीटा गया और प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसका शव शहर के बाहरी इलाके में एक स्टॉर्मवॉटर ड्रेन के पास फेंक दिया गया।
इस मामले में दर्शन थुगुदीपा, पवित्रा गौड़ा सहित कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही दर्शन की जमानत रद्द कर उन्हें तुरंत दोबारा गिरफ्तार करने का आदेश दे चुका है और स्पष्ट किया है कि जेल में उन्हें कोई वीआईपी सुविधा नहीं दी जाएगी।
आगे क्या होगा
रविशंकर और विनय की याचिकाएँ दाखिल होने के बाद अदालत तय करेगी कि इन्हें प्रदोष की याचिका के साथ सुना जाए या अलग से। अभियोजन पक्ष की प्रतिक्रिया और अदालत का अगला आदेश इस मामले की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। मामले की सुनवाई बेंगलुरु सेशंस कोर्ट में जारी है।