6 अगस्त 2026
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रेणुकास्वामी हत्याकांड: दो और आरोपी रविशंकर व विनय ने माँगा सरकारी गवाह का दर्जा

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रेणुकास्वामी हत्याकांड: दो और आरोपी रविशंकर व विनय ने माँगा सरकारी गवाह का दर्जा

सारांश

रेणुकास्वामी हत्याकांड में अब तीन आरोपी सरकारी गवाह बनने की कतार में हैं। प्रदोष के बाद रविशंकर और विनय ने भी बेंगलुरु कोर्ट का रुख किया — यह घटनाक्रम कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा के खिलाफ मामले को और पेचीदा बना सकता है।

मुख्य बातें

आरोपी रविशंकर और विनय ने 6 अगस्त को बेंगलुरु की 59वीं सीसीएच कोर्ट में सरकारी गवाह बनने के लिए आवेदन देने की सूचना दी।
दोनों आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं और अलग-अलग याचिकाएँ दाखिल करेंगे।
आरोपी प्रदोष पहले ही सरकारी गवाह बनने की अर्जी दे चुका है और उसने एक अलग कमरे से वर्चुअल सुनवाई की माँग भी की है।
रेणुकास्वामी ( 33 वर्ष , चित्रदुर्ग) का जून 2024 में कथित तौर पर अपहरण कर बेंगलुरु में हत्या की गई थी।
सर्वोच्च न्यायालय पहले ही दर्शन थुगुदीपा की जमानत रद्द कर उन्हें वापस जेल भेज चुका है।
अदालत ने अभियोजन पक्ष को प्रदोष के आवेदन पर अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

बेंगलुरु की 59वीं सीसीएच (सेशन) कोर्ट में कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा से जुड़े हाई-प्रोफाइल रेणुकास्वामी हत्याकांड में 6 अगस्त को एक अहम मोड़ आया, जब दो आरोपियों — रविशंकर और विनय — ने अदालत को सूचित किया कि वे सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने के लिए अलग-अलग आवेदन दाखिल करेंगे। यह घटनाक्रम आरोपी प्रदोष की उसी तरह की याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें उसने मामले की पूरी सच्चाई उजागर करने की इच्छा जताई है।

मुख्य घटनाक्रम

रविशंकर और विनय के वकीलों ने गुरुवार को 59वीं सीसीएच कोर्ट के समक्ष अनुरोध किया कि उनके मुवक्किलों को भी गवाह के रूप में माना जाए। दोनों आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं और उन्होंने दिन में बाद में अलग-अलग याचिकाएँ दाखिल करने की सूचना अदालत को दी।

इससे पहले, आरोपी प्रदोष ने अपने वकील के माध्यम से गवाहों से संबंधित प्रावधानों के तहत अदालत से माफी माँगते हुए कहा है कि वह अपराध के पीछे की पूरी सच्चाई का खुलासा करने के लिए तैयार है। प्रदोष ने एक अलग आवेदन में यह भी माँग की है कि उसे एक अलग कमरे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति दी जाए, क्योंकि अभी उसे दर्शन सहित अन्य आरोपियों के साथ एक ही कमरे से वर्चुअल रूप से पेश किया जा रहा है।

प्रदोष के वकील की आपत्ति

प्रदोष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि रविशंकर और विनय की अर्जियों को उनके मुवक्किल की याचिका के साथ न जोड़ा जाए। वकील का तर्क था कि अदालत को पहले प्रदोष का बयान दर्ज करना चाहिए और उसके बाद अभियोजन पक्ष को बाद की अर्जियों पर उचित निर्णय लेने का अवसर देना चाहिए। 59वीं सीसीएच कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को प्रदोष के आवेदन पर अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

रेणुकास्वामी हत्याकांड की पृष्ठभूमि

यह मामला जून 2024 में तब सुर्खियों में आया जब चित्रदुर्ग के 33 वर्षीय प्रशंसक रेणुकास्वामी का अपहरण कर उसे बेंगलुरु लाया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोप है कि उसने अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा को अश्लील संदेश भेजे थे। जाँचकर्ताओं का दावा है कि उसे एक शेड के भीतर बेरहमी से पीटा गया और प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसका शव शहर के बाहरी इलाके में एक स्टॉर्मवॉटर ड्रेन के पास फेंक दिया गया।

इस मामले में दर्शन थुगुदीपा, पवित्रा गौड़ा सहित कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही दर्शन की जमानत रद्द कर उन्हें तुरंत दोबारा गिरफ्तार करने का आदेश दे चुका है और स्पष्ट किया है कि जेल में उन्हें कोई वीआईपी सुविधा नहीं दी जाएगी।

आगे क्या होगा

रविशंकर और विनय की याचिकाएँ दाखिल होने के बाद अदालत तय करेगी कि इन्हें प्रदोष की याचिका के साथ सुना जाए या अलग से। अभियोजन पक्ष की प्रतिक्रिया और अदालत का अगला आदेश इस मामले की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। मामले की सुनवाई बेंगलुरु सेशंस कोर्ट में जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि अदालत को यह तय करना होगा कि किसकी गवाही अधिक विश्वसनीय है। प्रदोष के वकील की आपत्ति कि तीनों अर्जियों को अलग रखा जाए, यह भी दर्शाती है कि आरोपियों के बीच ही हितों का टकराव शुरू हो चुका है। दर्शन जैसे बड़े सेलिब्रिटी के मामले में सर्वोच्च न्यायालय का वीआईपी सुविधाओं पर अंकुश लगाना और जमानत रद्द करना न्यायपालिका की स्वतंत्र छवि के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। असली परीक्षा यह होगी कि अभियोजन पक्ष इन गवाहियों को एक सुसंगत और अदालत में टिकाऊ आख्यान में कैसे पिरोता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेणुकास्वामी हत्याकांड में सरकारी गवाह बनने की माँग क्यों हो रही है?
सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने पर आरोपी को अभियोजन पक्ष का साथ देने के बदले माफी या सज़ा में राहत मिल सकती है। आरोपी प्रदोष के बाद रविशंकर और विनय ने भी यही रास्ता अपनाने का फैसला किया है, जो यह संकेत देता है कि वे मामले में अपनी भूमिका स्वीकार कर अदालत को पूरी सच्चाई बताने के इच्छुक हैं।
रेणुकास्वामी की हत्या कैसे और कब हुई थी?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, चित्रदुर्ग के 33 वर्षीय रेणुकास्वामी का जून 2024 में अपहरण कर बेंगलुरु लाया गया था। आरोप है कि उसे एक शेड में बेरहमी से पीटा और प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई और बाद में उसका शव शहर के बाहरी इलाके में एक स्टॉर्मवॉटर ड्रेन के पास फेंक दिया गया।
दर्शन थुगुदीपा अभी जेल में हैं या जमानत पर?
कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा फिलहाल जेल में हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी जमानत रद्द कर उन्हें तुरंत दोबारा गिरफ्तार करने का आदेश दिया था और यह भी स्पष्ट किया था कि जेल में उन्हें कोई वीआईपी सुविधा नहीं दी जाएगी।
59वीं सीसीएच कोर्ट ने अब तक क्या आदेश दिया है?
बेंगलुरु की 59वीं सीसीएच (सेशन) कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को आरोपी प्रदोष के सरकारी गवाह बनने के आवेदन पर अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। रविशंकर और विनय की याचिकाएँ दाखिल होने के बाद अदालत तय करेगी कि इन्हें अलग से सुना जाए या प्रदोष की अर्जी के साथ।
इस मामले में कुल कितने आरोपी हैं?
रेणुकास्वामी हत्याकांड में दर्शन थुगुदीपा और उनकी साथी पवित्रा गौड़ा सहित कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। मामले की सुनवाई बेंगलुरु सेशंस कोर्ट में जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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