ऋषि कपूर का रात की शूटिंग से इनकार: डायरेक्टर को बीच रास्ते उतारने का किस्सा
सारांश
Key Takeaways
- ऋषि कपूर की अनूठी कार्यशैली
- रात की शूटिंग से इनकार
- काम में अनुशासन का महत्व
- डेविड धवन का मजेदार किस्सा
- सिनेमा में व्यक्तिगत प्राथमिकताएं
मुंबई, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महान अभिनेता ऋषि कपूर का नाम उन कलाकारों में आता है, जो अपने अनुसार काम करने के लिए जाने जाते थे। उनके लिए काम में अनुशासन और आराम की बहुत अहमियत थी। खास बात यह थी कि उन्हें रात में शूटिंग करना एकदम पसंद नहीं था।
इसी वजह से अभिनेता ऐसी फिल्में साइन नहीं करते थे, जिनकी शूटिंग देर रात तक चलती थी। आमतौर पर वे शाम 7 बजे तक अपना काम खत्म कर लेते थे। अभिनेता की इस आदत से जुड़े एक मजेदार किस्से का जिक्र डेविड धवन ने किया।
हाल ही में, डेविड धवन अपने बेटे वरुण धवन के साथ 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में दिखाई दिए। इस शो में दोनों ने हंसी-मजाक किया और कई पुरानी यादें ताजा कीं। इसी दौरान डेविड ने दिवंगत ऋषि कपूर के बारे में एक रोचक बात बताई।
उन्होंने कहा कि ऋषि जी एक अद्भुत इंसान थे, उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला, लेकिन उनकी एक खास आदत थी। वे शाम 7 बजे के बाद कभी भी शूटिंग नहीं करते थे। फिल्म साइन करने से पहले वे पैक-अप का समय पहले से ही तय कर लेते थे और देर रात काम करने से साफ मना कर देते थे।
डेविड ने बताया, "ऋषि फिल्म साइन करने से पहले हर निर्देशक से सवाल किया करते थे। यदि कोई सीन उन्हें समझ में नहीं आता था, तो वे उसके बारे में विस्तार से पूछते थे, और अगर फिर भी उन्हें समझ नहीं आता था, तो वे काम को रोक देते थे।"
डेविड धवन ने ऋषि कपूर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने कहा, "एक बार एक निर्देशक ने ऋषि कपूर को नई फिल्म की स्क्रिप्ट सुनाने उनके पास आए। ऋषि ने पहले ही उन्हें कहा, 'कार में बैठो, घर जाते वक्त सुना दो।'
कार चलने लगी और निर्देशक ने कहानी सुनाना शुरू किया, लेकिन पहले ही सीन में रात का समय था। जैसे ही ऋषि जी ने यह सुना, उन्होंने तुरंत ड्राइवर से कहा, गाड़ी रोको। फिर निर्देशक से बोले, 'मैं ऐसी फिल्में नहीं करता, जहां रात में शूटिंग हो। मैं शाम 7 बजे के बाद पैक-अप कर लेता हूं, चाहे कुछ भी हो जाए।' इसके बाद उन्होंने वहीं से निर्देशक को कार से उतार दिया और चले गए।