रोहित शेट्टी फायरिंग मामले में प्रवीण लोनकर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
सारांश
Key Takeaways
- रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना सुनियोजित थी।
- अदालत ने प्रवीण लोनकर को न्यायिक हिरासत में भेजा।
- क्राइम ब्रांच की कस्टडी की मांग खारिज हो गई।
- जांच में शुभम लोनकर की मुख्य भूमिका सामने आई।
- पुलिस ने कई राज्यों से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मुंबई, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म निर्माता और निर्देशक रोहित शेट्टी के निवास के बाहर घटी फायरिंग की घटना की जांच कर रही मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच को अदालत से एक बड़ा झटका मिला है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी प्रवीण लोनकर की पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद उसे पुनः अदालत में प्रस्तुत किया गया।
क्राइम ब्रांच ने अदालत से चार दिन की और पुलिस हिरासत की मांग की थी, ताकि उससे आगे की पूछताछ की जा सके। लेकिन अदालत ने इस मांग को खारिज करते हुए प्रवीण लोनकर को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
पुलिस का कहना है कि प्रवीण लोनकर से पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियों का मानना था कि यदि उसे कुछ और दिन पुलिस हिरासत में रखा जाता, तो इस साजिश के और भी बड़े खुलासे हो सकते थे। लेकिन अदालत ने आगे की पुलिस कस्टडी देने से इनकार कर दिया।
इस मामले में प्रवीण लोनकर का नाम सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था। वह पहले से ही चर्चित बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में जेल में था। जांच के दौरान यह पता चला कि वह जेल में रहते हुए भी इस साजिश में शामिल था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने उसे इस केस में भी हिरासत में लेकर पूछताछ की।
जांच में यह बात सामने आई है कि रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। इस पूरी योजना में शुभम लोनकर मुख्य भूमिका में था, जबकि प्रवीण लोनकर इस साजिश को अंजाम देने में मदद कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, फायरिंग की घटना से पहले हमलावरों ने इलाके की अच्छी तरह से रेकी की थी। इसके बाद सही मौके का इंतजार कर रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की गई। इस घटना के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की और तकनीकी मदद से संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
अब तक इस मामले में पुणे, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य शूटर भी शामिल हैं। पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि हमले में इस्तेमाल हुए हथियार और वाहन अलग-अलग स्थानों से जुटाए गए थे। इस पूरे नेटवर्क को एक संगठित अपराध गिरोह से जोड़ा जा रहा है।