यश चोपड़ा ने आधी रात को सागर सरहदी के कमरे में जाकर 'सिलसिला' के लिए किया था अनुरोध

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यश चोपड़ा ने आधी रात को सागर सरहदी के कमरे में जाकर 'सिलसिला' के लिए किया था अनुरोध

सारांश

सागर सरहदी की कलम से निकली 'सिलसिला' ने रिश्तों की जटिलताओं को जीवंत किया। जानिए उस रात का किस्सा जब यश चोपड़ा ने सागर को एक और मौका देने की गुज़ारिश की। यह कहानी न केवल फिल्म की, बल्कि सागर की मेहनत और लगन की भी है।

Key Takeaways

  • सागर सरहदी ने रिश्तों की गहराई को अपनी लेखनी में बखूबी उतारा।
  • 'सिलसिला' को एक कल्ट क्लासिक माना जाता है।
  • यश चोपड़ा के साथ उनका सहयोग अद्वितीय था।
  • फिल्म ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव डाला।
  • रात के समय सागर ने लिखा एक सीन आज भी प्रशंसा का पात्र है।

मुंबई, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सागर सरहदी भारतीय सिनेमा और उर्दू साहित्य के उन महान रचनाकारों में से एक थे, जिन्होंने अपनी संवेदनशील लेखनी के माध्यम से रिश्तों की गहराई को बखूबी व्यक्त किया। एक छोटे से सरहद पार गांव से निकलकर आए सागर सरहदी ने देश के बंटवारे, मां से बिछड़ने और जड़ों से कटने के दर्द को अपनी रचनाओं में जीवंत किया।

उन्होंने उर्दू लघुकथाओं से अपने करियर की शुरुआत की, फिर नाटक लिखे और बाद में फिल्मों के लिए पटकथा, संवाद और निर्देशन किया। वर्ष 2019 में उन्हें आईसीए—अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक कलाकृति फिल्म महोत्सव में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया। सागर सरहदी का नाम यश चोपड़ा के साथ सबसे ज्यादा जुड़ा। उनकी पहली बड़ी सफलता वर्ष 1976 में प्रदर्शित फिल्म 'कभी कभी' रही, जिसमें अमिताभ बच्चन और राखी की जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके बाद उन्होंने 'नूरी', 'सिलसिला', 'चांदनी', 'फासले', 'रंग', 'अनुभव', 'जिंदगी' जैसी फिल्मों के लिए लेखन किया।

इनमें से 'सिलसिला' को विशेष रूप से एक मुकम्मल और इंटेंस फिल्म माना जाता है। यह फिल्म रिश्तों की पेचीदगियों, प्रेम, धोखा और सामाजिक दबाव की कहानी है, जिसे आज भी कल्ट क्लासिक कहा जाता है। 'सिलसिला' के निर्माण में सागर सरहदी की मेहनत और लगन की कई दिलचस्प कहानियां हैं।

एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि फिल्म को परफेक्ट बनाने में काफी समय लगा। यश चोपड़ा बार-बार सुझाव देते थे और सागर उन्हें फिर से लिखकर दिखाते थे। कई बार सीन रिवाइज होते रहे। सागर को लगता था कि इतनी मेहनत और समय एक फिल्म के लिए जायज नहीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। फिल्म की शूटिंग के दौरान एक खास वाकया भी उन्होंने साझा किया। दिल्ली में 'सिलसिला' की शूटिंग चल रही थी। एक महत्वपूर्ण सीन था, जिसमें जया बच्चन को पता चलता है कि उनके पति (अमिताभ बच्चन) संजीव कुमार की पत्नी से प्यार करते हैं। यह बात बहुत सूक्ष्म तरीके से कहनी थी, ताकि स्क्रीन पर अच्छा लगे। सागर ने पहले ही सीन लिख दिया था, लेकिन यश चोपड़ा के असिस्टेंट्स और यूनिट के कई सदस्यों को लगा कि यह सागर सरहदी के स्टाइल का नहीं है। जब यह बात सागर तक पहुंची, तो उन्होंने कहा कि अगर स्टाइल नहीं लग रहा तो बच्चों से लिखवा लो।

फिर क्या, यश चोपड़ा रात में अपने असिस्टेंट्स के साथ सागर के कमरे में पहुंचे और बड़े प्यार से उनसे अनुरोध किया कि एक बार फिर प्रयास करें। सागर ने कहा कि अच्छा खाना खिलाओगे तो प्रयास करूंगा। यश जी ने वादा किया। अगली सुबह सागर ने चार-पांच बजे उठकर चाय पीते हुए नया सीन लिख दिया। जब वह सीन यूनिट को दिखाया गया तो सबकी तारीफ हुई। यही सीन आज 'सिलसिला' का सबसे यादगार और बेहतरीन सीन माना जाता है, जिसमें जया और संजीव कुमार आमने-सामने बैठे हैं और बात बहुत सरल तरीके से कही जाती है।

सागर सरहदी ने बताया कि 'सिलसिला' लिखते समय उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह इतनी बड़ी और क्लासिक फिल्म बनेगी। वे थकान महसूस कर रहे थे और कई बार लगा कि यह लाइन छोड़ दें, लेकिन जिम्मेदारी और यश चोपड़ा की सुविधाओं के कारण उन्होंने पूरी मेहनत की। 'कभी कभी' के मुकाबले 'सिलसिला' में ज्यादा मेहनत लगी और यह ज्यादा मुकम्मल बनी। फिल्म को रियल लाइफ से जोड़कर देखा गया और यह आज भी लोगों के दिलों में बसी है।

Point of View

बल्कि सागर की मेहनत और संवेदनशीलता की भी है।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

सागर सरहदी ने कौन-कौन सी प्रसिद्ध फिल्में लिखी हैं?
सागर सरहदी ने 'कभी कभी', 'सिलसिला', 'चांदनी', 'नूरी', और 'अनुभव' जैसी कई प्रसिद्ध फिल्मों के लिए लेखन किया है।
'सिलसिला' फिल्म की खासियत क्या है?
'सिलसिला' को रिश्तों की पेचीदगियों और प्रेम की कहानी के लिए एक मुकम्मल फिल्म माना जाता है।
यश चोपड़ा और सागर सरहदी का रिश्ता कैसा था?
यश चोपड़ा और सागर सरहदी के बीच गहरा सहयोग था, जिसमें यश ने सागर को बार-बार सुझाव दिए और सागर ने उनका पालन किया।
सागर सरहदी को कौन-सा पुरस्कार मिला?
सागर सरहदी को वर्ष 2019 में आईसीए फिल्म महोत्सव में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
'सिलसिला' के निर्माण में क्या चुनौतियाँ आईं?
'सिलसिला' के निर्माण में कई बार सीन रिवाइज होते रहे और सागर को बार-बार लिखना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
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