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विमल इलायची विज्ञापन: शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र एफडीए का कारण बताओ नोटिस

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विमल इलायची विज्ञापन: शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र एफडीए का कारण बताओ नोटिस

सारांश

महाराष्ट्र एफडीए ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची विज्ञापन के ज़रिए प्रतिबंधित पान मसाला के सरोगेट प्रचार का आरोप लगाते हुए नोटिस भेजा है। राज्य में 13 जुलाई 2026 से पान मसाला पर एक साल का प्रतिबंध है और एफएसएस एक्ट के तहत ₹10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र एफडीए ने 16 अगस्त 2026 को शाहरुख खान , अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची विज्ञापन पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।
आरोप है कि विज्ञापन विमल पान मसाला का सरोगेट प्रचार है, जिस पर महाराष्ट्र में 13 जुलाई 2026 से एक वर्ष का प्रतिबंध लागू है।
एफएसएस एक्ट, 2006 की धारा 53 के तहत भ्रामक विज्ञापन पर ₹10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान।
नोटिस अजय देवगन के जुहू आवास, शाहरुख खान के मन्नत (बांद्रा) और टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी को भेजा गया।
यह कार्रवाई एफडीए के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जो गुटखा व प्रतिबंधित पान मसाला उत्पादों पर केंद्रित है।

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बॉलीवुड अभिनेताओं शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन में भूमिका निभाने को लेकर 16 अगस्त 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एफडीए का आरोप है कि यह विज्ञापन इलायची के नाम पर विमल पान मसाला ब्रांड का सरोगेट प्रचार करता है, जबकि महाराष्ट्र में पान मसाला पर फिलहाल प्रतिबंध लागू है।

नोटिस कहाँ और कैसे पहुँचाया गया

अजय देवगन को नोटिस उनके जुहू स्थित आवास पर दिया गया, जबकि शाहरुख खान को बांद्रा स्थित उनके निवास मन्नत पर नोटिस भेजा गया। टाइगर श्रॉफ के मामले में नोटिस उनकी प्रोडक्शन कंपनी टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी के माध्यम से पहुँचाया गया। तीनों से विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर विस्तृत जवाब माँगा गया है।

प्रतिबंध की पृष्ठभूमि

महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने 13 जुलाई 2026 को एक आदेश जारी कर राज्य में पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगाया था। एफडीए का कहना है कि विमल ब्रांड मुख्यतः पान मसाला से जुड़ा है, इसलिए उसके किसी भी उत्पाद का परोक्ष प्रचार भी इस प्रतिबंध के दायरे में आता है।

कानूनी आधार

नोटिस में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एफएसएस) एक्ट, 2006 की धारा 24 का हवाला दिया गया है, जो भ्रामक या उपभोक्ता को गुमराह करने वाले खाद्य विज्ञापनों पर रोक लगाती है। इसके साथ ही धारा 53 का भी उल्लेख किया गया है, जिसके तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रचार या प्रकाशन से जुड़े व्यक्तियों पर ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

एफडीए का व्यापक अभियान

यह नोटिस महाराष्ट्र एफडीए के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत विभाग गुटखा, तंबाकू और निकोटीन युक्त प्रतिबंधित पान मसाला उत्पादों के निर्माण एवं बिक्री पर कड़ी नज़र रख रहा है। हाल के महीनों में विभाग ने कई स्थानों पर निरीक्षण और जब्ती अभियान चलाए हैं। इसके अलावा खाद्य और दूध में मिलावट, स्कूलों के आसपास अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की बिक्री जैसे मामलों में भी कार्रवाई जारी है।

आगे क्या होगा

तीनों अभिनेताओं की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला ऐसे समय में उभरा है जब सरोगेट विज्ञापन को लेकर नियामक सख्ती पूरे देश में बढ़ रही है। एफडीए के जवाब मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

माउथ फ्रेशनर या सोडे के नाम पर अपना प्रचार जारी रखते हैं। भारत में सरोगेट विज्ञापन पर नियामक ढाँचा वर्षों से कागज़ पर मौजूद है, लेकिन प्रवर्तन छिटपुट रहा है। असली सवाल यह है कि क्या एफडीए की यह कार्रवाई केवल सेलिब्रिटी दबाव की रणनीति है, या इसके पीछे ब्रांड मालिकों और विज्ञापन एजेंसियों तक पहुँचने की दीर्घकालिक मंशा है — क्योंकि बिना उन्हें जवाबदेह बनाए, अभिनेताओं पर नोटिस भेजना सूई को ज़्यादा नहीं हिलाएगा।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र एफडीए ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस क्यों भेजा?
एफडीए का आरोप है कि विमल इलायची का विज्ञापन वास्तव में प्रतिबंधित विमल पान मसाला ब्रांड का सरोगेट प्रचार है। महाराष्ट्र में 13 जुलाई 2026 से पान मसाला पर एक साल का प्रतिबंध लागू है, और तीनों अभिनेता इस विज्ञापन में दिखे हैं।
सरोगेट विज्ञापन क्या होता है और यह गैरकानूनी क्यों है?
सरोगेट विज्ञापन वह प्रक्रिया है जिसमें कोई ब्रांड किसी वैध उत्पाद (जैसे इलायची या सोडा) के नाम पर अपने प्रतिबंधित उत्पाद (जैसे पान मसाला या शराब) का परोक्ष प्रचार करता है। एफएसएस एक्ट, 2006 की धारा 24 ऐसे भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाती है।
इन अभिनेताओं पर क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
एफएसएस एक्ट, 2006 की धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रचार से जुड़े व्यक्तियों पर ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। फिलहाल यह कारण बताओ नोटिस का चरण है; जवाब मिलने के बाद एफडीए आगे की कार्रवाई तय करेगा।
महाराष्ट्र में पान मसाला पर प्रतिबंध कब से लागू है?
महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने 13 जुलाई 2026 को आदेश जारी कर राज्य में पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगाया है।
क्या तीनों अभिनेताओं ने इस नोटिस पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक शाहरुख खान, अजय देवगन या टाइगर श्रॉफ की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। एफडीए के जवाब मिलने की समयसीमा के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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