17 अगस्त 2026
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विमल इलायची विज्ञापन पर महाराष्ट्र FDA का नोटिस: शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ

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विमल इलायची विज्ञापन पर महाराष्ट्र FDA का नोटिस: शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ

सारांश

विमल इलायची का विज्ञापन करना तीन बड़े बॉलीवुड सितारों के लिए कानूनी मुसीबत बन गया है। महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को सरोगेट विज्ञापन के आरोप में नोटिस भेजा है — राज्य में पान मसाला पर प्रतिबंध के बीच यह कार्रवाई सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र FDA ने 16 अगस्त 2026 को शाहरुख खान , अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची विज्ञापन पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।
FDA का आरोप: यह विज्ञापन विमल पान मसाला का सरोगेट प्रचार है, जो महाराष्ट्र में 13 जुलाई 2026 से प्रतिबंधित है।
नोटिस FSS अधिनियम, 2006 की धारा 24 (भ्रामक विज्ञापन) और धारा 53 के तहत जारी; दोषी पाए जाने पर ₹10 लाख तक जुर्माना संभव।
अजय देवगन को जुहू आवास पर, शाहरुख खान को मन्नत (बांद्रा) पर और टाइगर श्रॉफ को उनकी कंपनी टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी के ज़रिए नोटिस पहुँचाया गया।
यह कार्रवाई महाराष्ट्र FDA के व्यापक खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन अभियान का हिस्सा है।

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 16 अगस्त 2026 को बॉलीवुड अभिनेताओं शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन में भागीदारी को लेकर औपचारिक कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि यह विज्ञापन वास्तव में विमल पान मसाला का सरोगेट प्रचार है — एक ऐसा उत्पाद जिसके निर्माण, भंडारण और बिक्री पर महाराष्ट्र में फिलहाल पूर्ण प्रतिबंध है।

नोटिस कहाँ और कैसे पहुँचाया गया

रिपोर्टों के अनुसार, FDA ने अजय देवगन को उनके जुहू स्थित आवास पर नोटिस सौंपा, जबकि शाहरुख खान को उनके बांद्रा स्थित निवास मन्नत पर नोटिस पहुँचाया गया। टाइगर श्रॉफ के मामले में नोटिस उनकी पंजीकृत इकाई टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी के माध्यम से भेजा गया है। तीनों से विज्ञापन में उनकी भूमिका और संलिप्तता के बारे में स्पष्टीकरण माँगा गया है।

प्रतिबंध की पृष्ठभूमि

महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने 13 जुलाई 2026 को एक आदेश जारी कर राज्य में पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए रोक लगाई है। FDA का तर्क है कि विमल ब्रांड मुख्यतः पान मसाला से ही पहचाना जाता है, इसलिए इलायची के नाम पर किया गया विज्ञापन प्रतिबंधित उत्पाद का परोक्ष प्रचार बनता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार गुटखा और तंबाकू-मिश्रित उत्पादों के विरुद्ध अपना अभियान तेज़ कर रही है।

कानूनी प्रावधान और संभावित जुर्माना

नोटिस में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (FSS) अधिनियम, 2006 की धारा 24 का हवाला दिया गया है, जो भ्रामक या उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले खाद्य विज्ञापनों पर रोक लगाती है। इसके साथ ही धारा 53 का भी उल्लेख है, जिसके तहत ऐसे विज्ञापनों के प्रकाशन या प्रचार से जुड़े व्यक्तियों पर ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बॉलीवुड अभिनेता को सरोगेट विज्ञापन के मामले में नियामक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा हो।

FDA का व्यापक अभियान

तीनों अभिनेताओं को भेजे गए नोटिस महाराष्ट्र FDA की व्यापक प्रवर्तन मुहिम का हिस्सा हैं। विभाग हाल के महीनों में खाद्य और दूध में मिलावट, स्कूलों के आसपास अस्वास्थ्यकर खाद्य उत्पादों की बिक्री तथा प्रतिबंधित खाद्य सामग्री के निर्माण एवं वितरण के विरुद्ध निरीक्षण और जब्ती अभियान चला रहा है।

आगे क्या होगा

तीनों अभिनेताओं की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। FDA द्वारा प्राप्त जवाबों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो अधिनियम के तहत जुर्माने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ब्रांड और सेलिब्रिटी इसी रास्ते से गुज़रते रहे हैं। असली सवाल यह है कि क्या ₹10 लाख का अधिकतम जुर्माना — जो करोड़ों की एंडोर्समेंट फीस के सामने नगण्य है — किसी को रोकने के लिए पर्याप्त है। जब तक दंड का आर्थिक बोझ विज्ञापन से होने वाले लाभ से अधिक नहीं होगा, ऐसी कार्रवाइयाँ प्रतीकात्मक ही रहेंगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस क्यों भेजा?
महाराष्ट्र FDA ने तीनों अभिनेताओं पर आरोप लगाया है कि विमल इलायची का विज्ञापन वास्तव में विमल पान मसाला का सरोगेट प्रचार है, जो राज्य में प्रतिबंधित है। यह नोटिस FSS अधिनियम, 2006 की धारा 24 और 53 के तहत जारी किया गया है।
महाराष्ट्र में पान मसाला पर प्रतिबंध कब से लागू है?
महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने 13 जुलाई 2026 को आदेश जारी कर राज्य में पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए रोक लगाई है।
सरोगेट विज्ञापन क्या होता है और यह अवैध क्यों है?
सरोगेट विज्ञापन वह प्रचार होता है जिसमें किसी प्रतिबंधित उत्पाद के ब्रांड को दूसरे उत्पाद (जैसे इलायची) के नाम पर प्रमोट किया जाता है। FSS अधिनियम, 2006 की धारा 24 ऐसे भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाती है।
दोषी पाए जाने पर इन अभिनेताओं पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
FSS अधिनियम, 2006 की धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रचार से जुड़े व्यक्तियों पर ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। कारण बताओ नोटिस के जवाब के आधार पर FDA आगे की कार्रवाई तय करेगा।
क्या तीनों अभिनेताओं ने इस नोटिस पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। FDA द्वारा प्राप्त जवाबों के आधार पर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया निर्धारित होगी।
राष्ट्र प्रेस
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