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विमल पान मसाला विज्ञापन: FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया

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विमल पान मसाला विज्ञापन: FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया

सारांश

महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल पान मसाला के विज्ञापन पर कारण बताओ नोटिस भेजा है। खाद्य सुरक्षा कानून की धारा 24 के तहत जारी इस नोटिस में 15 दिनों में जवाब और सोशल मीडिया से विज्ञापन हटाने का निर्देश दिया गया है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र FDA ने 16 अगस्त 2026 को शाहरुख खान , अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल पान मसाला विज्ञापन पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।
नोटिस उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24 के तहत भेजा गया है।
तीनों अभिनेताओं को 15 दिनों के भीतर जवाब देना होगा और सोशल मीडिया से विज्ञापन हटाने का निर्देश दिया गया है।
FDA के 'सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्र' अभियान के तहत राज्य में 16 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए।
लोनावला के होटल सयाजी पर 12 अगस्त की जाँच में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने पर सबसे कड़ी कार्रवाई हुई।

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने 16 अगस्त 2026 को बॉलीवुड अभिनेताओं शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल पान मसाला के विज्ञापन में भागीदारी के लिए औपचारिक कारण बताओ नोटिस भेजा है। यह नोटिस उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 24 के तहत जारी किया गया है और तीनों अभिनेताओं को 15 दिनों के भीतर जवाब देना अनिवार्य है।

नोटिस की वजह क्या है

FDA ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24 भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं पर सख्त प्रतिबंध लगाती है। नियामक के अनुसार, विमल इलायची से जुड़ा एक विज्ञापन कई मीडिया प्लेटफॉर्म पर अब भी प्रसारित हो रहा है, जो उक्त कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करता है। FDA ने तीनों अभिनेताओं को सोशल मीडिया से पान मसाला के विज्ञापन तत्काल हटाने का निर्देश दिया है, अन्यथा आगे की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

FDA का व्यापक अभियान

यह कार्रवाई महाराष्ट्र FDA के 'सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्र' अभियान का हिस्सा है। इसी अभियान के तहत FDA ने राज्यभर के 16 होटल, रेस्टोरेंट, ई-कॉमर्स और डेयरी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए हैं। प्रभावित प्रतिष्ठानों में पुणे, लोनावला, सातारा, सांगली और कोल्हापुर के बड़े नाम शामिल हैं।

लोनावला होटल पर सबसे कड़ी कार्रवाई

FDA की इस मुहिम में सबसे सख्त कदम लोनावला स्थित मेसर्स फॉर्च्यून इंटरप्राइजेज (होटल सयाजी) के खिलाफ उठाया गया। 12 अगस्त को हुई जाँच में होटल में एक्सपायरी डेट पार कर चुके खाद्य पदार्थ मिले और खाद्य सुरक्षा शेड्यूल IV के नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद होटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।

FDA की भूमिका और अधिकार

महाराष्ट्र FDA राज्य का प्रमुख नियामक प्राधिकरण है, जो मेडिकल एजुकेशन और ड्रग्स डिपार्टमेंट के अंतर्गत कार्य करता है। यह संस्था खाद्य उत्पादों, दवाओं और कॉस्मेटिक्स की सुरक्षा, गुणवत्ता और नियम-पालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी सेलिब्रिटी को तंबाकू या पान मसाला उत्पादों के विज्ञापन पर नियामकीय नोटिस मिला हो — यह मामला सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति के बीच बढ़ते टकराव को रेखांकित करता है।

आगे क्या होगा

तीनों अभिनेताओं को नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर FDA को अपना पक्ष रखना होगा। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो FDA आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकता है। इस मामले में अभिनेताओं की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे नीति-निर्माता वर्षों से सुलझाने में नाकाम रहे हैं। भारत में तंबाकू और पान मसाला उत्पादों के प्रत्यक्ष विज्ञापन पर प्रतिबंध है, फिर भी 'इलायची' जैसे सरोगेट ब्रांड नामों की आड़ में विज्ञापन धड़ल्ले से चलते हैं — और बड़े सितारे इनका चेहरा बनते हैं। असली सवाल यह है कि क्या नोटिस से आगे कोई ठोस कार्रवाई होगी, या यह महज एक प्रशासनिक औपचारिकता बनकर रह जाएगी। सेलिब्रिटी की आर्थिक ताकत और नियामक की कानूनी सीमाओं के बीच यह टकराव तब तक नहीं सुलझेगा जब तक सरोगेट विज्ञापन की परिभाषा और दंड-प्रावधान को और कड़ा नहीं किया जाता।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस क्यों भेजा?
महाराष्ट्र FDA ने तीनों अभिनेताओं को विमल पान मसाला का विज्ञापन करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24 के तहत भेजा गया है, जो भ्रामक और नियम-विरुद्ध खाद्य विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाती है।
कारण बताओ नोटिस का जवाब देने की समयसीमा क्या है?
FDA ने तीनों अभिनेताओं को नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर अपना जवाब देने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्हें सोशल मीडिया से विमल पान मसाला के विज्ञापन तत्काल हटाने को कहा गया है, अन्यथा आगे की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विमल इलायची का विज्ञापन किस कानून का उल्लंघन करता है?
FDA के अनुसार, विमल इलायची का विज्ञापन खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24 का उल्लंघन करता है। यह धारा भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं पर रोक लगाती है।
महाराष्ट्र FDA का 'सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्र' अभियान क्या है?
यह महाराष्ट्र FDA का एक व्यापक नियामकीय अभियान है, जिसके तहत राज्यभर में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाती है। इसी अभियान के तहत 16 होटल, रेस्टोरेंट, ई-कॉमर्स और डेयरी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
क्या अभिनेताओं पर इससे पहले भी पान मसाला विज्ञापन को लेकर कार्रवाई हुई है?
भारत में तंबाकू और पान मसाला उत्पादों के प्रत्यक्ष विज्ञापन पर पाबंदी है, और सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट को लेकर समय-समय पर विवाद उठते रहे हैं। यह मामला सरोगेट विज्ञापन और सेलिब्रिटी जवाबदेही पर एक बार फिर बहस को केंद्र में लाया है।
राष्ट्र प्रेस
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