यूनेस्को फिल्म इवेंट में श्रेया पिलगांवकर बोलीं — मुंबई सपने देती है, उन्हें पूरा करने की ताकत भी
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री श्रेया पिलगांवकर ने 24 मई 2025 को मुंबई के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (NGMA) में आयोजित यूनेस्को क्रिएटिव सिटी फिल्म इवेंट में मुंबई, सिनेमा और अपने करियर पर खुलकर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यह शहर केवल सपने नहीं दिखाता, बल्कि उन्हें साकार करने की आंतरिक शक्ति भी देता है। मराठी और हिंदी सिनेमा के बदलते परिदृश्य, ओटीटी के विस्तार और कलाकारों को मिल रहे नए मंचों पर उनकी टिप्पणियाँ इस इवेंट का केंद्रबिंदु रहीं।
मुंबई: सपनों की नगरी से आगे
श्रेया ने कहा, 'मुंबई मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों है। NGMA जैसे प्रतिष्ठित मंच पर मुंबई को यूनेस्को सिटी ऑफ फिल्म के रूप में सेलिब्रेट करना मेरे लिए गर्व की बात है।' उन्होंने जोड़ा कि लोग अक्सर मुंबई को सपनों की नगरी कहते हैं, लेकिन यह शहर अनगिनत कलाकारों को अपनी पहचान बनाने का असली मौका देता है। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर यूनेस्को की मान्यता मिली हुई है।
परिवार और प्रेरणा
श्रेया ने अपने पिता का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पिछले 60 वर्षों से सिनेमा से जुड़े हैं और मराठी फिल्म इंडस्ट्री में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने कहा, 'लोग अक्सर सोचते हैं कि कलाकारों का करियर कुछ वर्षों तक ही चलता है, लेकिन मेरे माता-पिता आज भी पूरी ऊर्जा के साथ काम कर रहे हैं।' यही प्रेरणा उन्हें जीवनभर अभिनय और कला से जुड़े रहने की दिशा देती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे 'फिल्मी बैकग्राउंड' जैसे शब्द से खुद को परिभाषित नहीं करना चाहतीं — उनके अनुसार वे 'कहानियों के बीच पली-बढ़ी हैं।'
ओटीटी और कलाकारों के नए अवसर
श्रेया ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को कलाकारों के लिए एक परिवर्तनकारी मंच बताया। उन्होंने कहा कि पहले जहाँ कलाकारों के पास सीमित विकल्प होते थे, वहीं अब विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिभा दिखाने के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने खुद ओटीटी पर अधिक ध्यान केंद्रित किया और दर्शकों से भरपूर प्यार मिला। गौरतलब है कि थिएटर और स्टेज आर्टिस्ट्स को सपोर्ट करने की भी उन्होंने पुरजोर वकालत की।
सोशल मीडिया और सकारात्मक कंटेंट
सोशल मीडिया पर नकारात्मकता की बढ़ती प्रवृत्ति पर श्रेया ने चिंता जताई। उनके अनुसार दर्शकों को उन कलाकारों और कहानियों की चर्चा करनी चाहिए जिन्हें वे पसंद करते हैं, क्योंकि अच्छे कंटेंट को समर्थन मिलने पर ही बेहतर फिल्में और सीरीज बन सकती हैं। यह टिप्पणी ऐसे दौर में प्रासंगिक है जब सोशल मीडिया पर फिल्म समीक्षाएँ बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन को सीधे प्रभावित करने लगी हैं।
आगामी प्रोजेक्ट्स
वर्क फ्रंट पर श्रेया पिलगांवकर आने वाले महीनों में दो बड़े प्रोजेक्ट्स में नज़र आएंगी। चर्चित वेब सीरीज 'मिर्जापुर' पर आधारित फिल्म अब थिएटर में रिलीज़ होने वाली है, जिसे लेकर वे उत्साहित हैं। इसके अलावा वे निर्देशक प्रियदर्शन की फिल्म 'हैवान' में भी दिखाई देंगी। उन्होंने कहा कि आने वाला समय उनके करियर के लिहाज़ से बेहद खास रहने वाला है।