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नीट पेपर लीक पर सोनी राजदान का समर्थन: 'संस्थानों की विफलता पर जवाबदेही ज़रूरी'

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नीट पेपर लीक पर सोनी राजदान का समर्थन: 'संस्थानों की विफलता पर जवाबदेही ज़रूरी'

सारांश

नीट पेपर लीक पर छात्रों के देशव्यापी विरोध के बीच अभिनेत्री सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर खुलकर समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि संस्थाओं की विफलता पर जवाबदेही माँगना उचित है — और यह आंदोलन निष्पक्षता की लड़ाई पर केंद्रित रहना चाहिए।

मुख्य बातें

सोनी राजदान ने 25 जुलाई को इंस्टाग्राम पर नोट साझा कर नीट पेपर लीक के विरोध में उतरे छात्रों का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि छात्र निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली चाहते हैं — कोई विशेष सुविधा नहीं।
राजदान ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में NEP और डिजिटलीकरण जैसे सकारात्मक कदमों को भी स्वीकार किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पोस्ट किसी मंत्री के इस्तीफे की माँग नहीं, बल्कि मुद्दे पर ठोस फैसले की अपील है।
उन्होंने आंदोलन को राजनीतिक हितों से दूर रखने और मूल उद्देश्य — जवाबदेही — पर केंद्रित रहने की अपील की।

अभिनेत्री सोनी राजदान ने 25 जुलाई को नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की खामियों के विरोध में देशभर में सड़कों पर उतरे छात्रों के प्रति खुलकर समर्थन जताया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत नोट साझा करते हुए कहा कि जब संस्थाएँ विफल हों, तो जवाबदेही की माँग पूरी तरह उचित है।

छात्रों की पीड़ा को आवाज़

सोनी राजदान ने अपने नोट में लिखा, 'उनकी बातों को भी सुनें। युवाओं को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते देखना दुखद है। वे सिर्फ यह चाहते हैं कि उनकी मेहनत और भविष्य के साथ कोई अन्याय न हो।' उन्होंने रेखांकित किया कि इन छात्रों ने महीनों, बल्कि कई वर्षों तक उन परीक्षाओं की तैयारी की है जिन पर उनका पूरा भविष्य टिका है।

उनके अनुसार, 'वे किसी तरह की विशेष सुविधा नहीं माँग रहे — वे सिर्फ निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था चाहते हैं। जब उनका भरोसा टूटता है, तो उनके गुस्से और निराशा को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।'

सरकार और जवाबदेही पर स्पष्ट रुख

राजदान ने राजनीतिक विभाजन से परे जाकर सरकार की ज़िम्मेदारी को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा, 'राजनीति चाहे जैसी भी हो, सरकार का कर्तव्य है कि वह छात्रों की बात सुने। जवाबदेही ज़रूरी है। सुनने का मतलब केवल बातें सुनना नहीं, बल्कि कठिन सवालों का जवाब देना भी है।'

उन्होंने आगे कहा कि 'अगर बार-बार समस्याएँ सामने आती हैं, जबकि व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया गया हो, तो छात्रों का जवाबदेही माँगना पूरी तरह उचित है। बुनियादी बात यह है कि जिन लोगों पर व्यवस्था की ज़िम्मेदारी है, उन्हें अपनी कमियों के लिए जवाब देना चाहिए।'

शिक्षा मंत्री के प्रयासों को भी स्वीकृति

राजदान ने अपने नोट में संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में हुए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), व्यावसायिक और बुनियादी शिक्षा पर ज़ोर, शिक्षा का डिजिटलीकरण और उच्च शिक्षा में सुधार जैसे कदमों को भी उचित सम्मान और पहचान मिलनी चाहिए।

यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद को लेकर विपक्ष और छात्र संगठन लगातार मंत्री के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।

आंदोलन के मूल उद्देश्य पर ज़ोर

राजदान ने स्पष्ट किया कि उनकी यह पोस्ट किसी मंत्री के इस्तीफे की माँग नहीं, बल्कि मुद्दे पर ठोस फैसले की अपील है। उन्होंने लिखा, 'मेरा उद्देश्य सिर्फ छात्रों का समर्थन करना है।' साथ ही उन्होंने चेताया कि यह आंदोलन अपने मूल उद्देश्य — निष्पक्षता और जवाबदेही — पर केंद्रित रहे और इसे कोई निजी या राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल न कर सके।

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामला इस वर्ष के सबसे बड़े शिक्षा विवादों में से एक बन चुका है, जिसमें लाखों छात्रों का भविष्य दाँव पर है। सोनी राजदान जैसी著名 हस्तियों के सार्वजनिक समर्थन से यह मुद्दा मुख्यधारा की बहस में और अधिक उभर कर आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ मंत्री के प्रयासों की सराहना — यह द्विधा उस राजनीतिक दबाव को दर्शाती है जो सेलेब्रिटी एक्टिविज़्म पर हमेशा हावी रहता है। नीट विवाद केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था का संकट है जिसमें लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य दाँव पर हैं — और इस पर किसी की भी 'सुरक्षित' राय पर्याप्त नहीं है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनी राजदान ने नीट विवाद पर क्या कहा?
सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक नोट जारी कर कहा कि संस्थाओं के विफल होने पर जवाबदेही की माँग पूरी तरह उचित है। उन्होंने छात्रों का समर्थन करते हुए सरकार से कठिन सवालों के जवाब देने की अपील की।
सोनी राजदान ने क्या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव किया?
उन्होंने मंत्री का बचाव नहीं किया, लेकिन उनके कार्यकाल में NEP, डिजिटलीकरण और उच्च शिक्षा सुधार जैसे सकारात्मक कदमों को स्वीकार किया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पोस्ट किसी के इस्तीफे की माँग नहीं है।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट पेपर लीक मामले में देशभर के छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता की माँग को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किए। यह इस वर्ष के सबसे बड़े शिक्षा विवादों में से एक है जिसमें लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
सोनी राजदान ने छात्रों से क्या अपील की?
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे आंदोलन को निष्पक्षता और जवाबदेही के मूल उद्देश्य पर केंद्रित रखें और इसे किसी राजनीतिक या निजी हित के लिए इस्तेमाल न होने दें। उन्होंने कहा, 'मजबूत रहिए, सुरक्षित रहिए।'
क्या बॉलीवुड हस्तियों ने नीट विवाद पर पहले भी प्रतिक्रिया दी है?
नीट विवाद पर सोनी राजदान उन चुनिंदा फिल्मी हस्तियों में शामिल हुईं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से छात्रों के समर्थन में आवाज़ उठाई। अधिकांश सेलेब्रिटी इस संवेदनशील राजनीतिक मुद्दे पर चुप्पी साधे रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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