प्रीति जिंटा ने एक्स पर सोनम वांगचुक का समर्थन किया, सरकार से बातचीत की माँग
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने मंगलवार, 21 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर पर्यावरण एवं शिक्षा-सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठाई और केंद्र सरकार से उनके साथ तत्काल बातचीत शुरू करने की अपील की। वांगचुक नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में अनशन पर हैं, जिनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है।
प्रीति जिंटा ने क्या कहा
अपनी एक्स पोस्ट में प्रीति जिंटा ने लिखा, 'मुझे उम्मीद है कि सरकार सोनम वांगचुक और छात्र संगठनों के साथ बातचीत करेगी, ताकि उनकी तबीयत और ज़्यादा खराब न हो।' उन्होंने सोनम वांगचुक से व्यक्तिगत रूप से भी अपील की — 'सोनम, प्लीज़ अपना अनशन खत्म करें। आपकी सेहत भी इस लड़ाई जितनी ही जरूरी है।'
अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा, 'सोनम वांगचुक और छात्र भारत के भविष्य और युवाओं के लिए आवाज उठा रहे हैं। हमारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और अपग्रेड करने की लड़ाई में मेरा दिल से समर्थन है। आप सभी को और ताकत मिले।'
सोनम वांगचुक का आंदोलन और जंतर-मंतर से हटाया जाना
सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में अनशन कर रहे थे। उनके आंदोलन को देशभर में व्यापक समर्थन मिला और नई दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन किए।
यह मामला तब और अधिक चर्चा में आया जब दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई की सुबह वांगचुक को जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल से हटाकर अस्पताल पहुँचाया। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने यह कदम उनकी बिगड़ती तबीयत, डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए उठाया।
वांगचुक की प्रमुख माँगें
सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के समक्ष शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की माँग रखी है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी माँग की है। उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस और जवाबदेह कदम उठाए जाने चाहिए।
व्यापक संदर्भ: शिक्षा और पेपर लीक विवाद
यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद ने पूरे देश में छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता पैदा की है। गौरतलब है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए देशभर में कई प्रदर्शन हो चुके हैं। प्रीति जिंटा की यह अपील उन सेलिब्रिटी आवाज़ों की श्रृंखला में जुड़ती है जो इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से मुखर हुई हैं।
आगे क्या
केंद्र सरकार की ओर से अभी तक वांगचुक के साथ औपचारिक वार्ता की कोई घोषणा नहीं की गई है। छात्र संगठनों और समर्थकों की नज़र अब सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी है। वांगचुक की सेहत की स्थिति और सरकार के अगले कदम इस आंदोलन की दिशा तय करेंगे।