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सोनू सूद की सोलापुर सिद्धेश्वर मंदिर के बाहर छोटे दुकानदारों के लिए खास अपील — मोलभाव मत करो, खरीदो ज़रूर

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सोनू सूद की सोलापुर सिद्धेश्वर मंदिर के बाहर छोटे दुकानदारों के लिए खास अपील — मोलभाव मत करो, खरीदो ज़रूर

सारांश

सोनू सूद ने सोलापुर के सिद्धेश्वर मंदिर के बाहर खड़े होकर एक सीधी अपील की — इन छोटे दुकानदारों से खरीदो, मोलभाव मत करो। एक वायरल वीडियो, एक सरल संदेश, और उनके मानवीय स्वभाव की एक और झलक।

मुख्य बातें

सोनू सूद ने सोलापुर के सिद्धेश्वर मंदिर के बाहर छोटे दुकानदारों के समर्थन में इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इन दुकानदारों से सामान ज़रूर खरीदें और अधिक मोलभाव न करें।
सिद्धेश्वर मंदिर 12वीं सदी के संत सिद्धारामेश्वर से जुड़ा है और सिद्धेश्वर झील के मध्य स्थित है; परिसर में 68 शिवलिंग हैं।
सूद को 2020 के लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए 'SDG स्पेशल ह्यूमैनिटेरियन एक्शन अवार्ड' मिल चुका है।
उनके पुत्र अयान सूद और बहन भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।

अभिनेता सोनू सूद ने महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित ऐतिहासिक सिद्धेश्वर मंदिर के बाहर छोटे दुकानदारों के समर्थन में एक भावनात्मक अपील की है। उन्होंने अपने प्रशंसकों और श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि जब भी वे इस तीर्थस्थल पर आएँ, तो मंदिर परिसर के बाहर बैठे छोटे व्यापारियों से सामान अवश्य खरीदें और उनसे अत्यधिक मोलभाव न करें।

क्या कहा सोनू सूद ने

इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में सूद सिद्धेश्वर मंदिर के बाहर खड़े नज़र आते हैं और सीधे कैमरे की ओर मुखातिब होकर कहते हैं कि इन छोटे दुकानदारों की आजीविका इन्हीं खरीदारियों पर टिकी है। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा — 'हर-हर महादेव।' यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुई और बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं ने इसे सराहा।

सिद्धेश्वर मंदिर का महत्व

सोलापुर का सिद्धेश्वर मंदिर महाराष्ट्र के प्रमुख हिंदू तीर्थस्थलों में गिना जाता है। यह 12वीं सदी के संत एवं समाज सुधारक श्री सिद्धारामेश्वर (सिद्धेश्वर) की स्मृति से जुड़ा हुआ है। मंदिर परिसर सिद्धेश्वर झील के मध्य स्थित है, जो इसे एक विशिष्ट पहचान देता है। मंदिर में 68 शिवलिंग स्थापित होने का उल्लेख मिलता है। मकर संक्रांति के अवसर पर यहाँ प्रसिद्ध 'गद्दा यात्रा' का आयोजन होता है, जो लगभग 15 दिनों तक चलती है और हज़ारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।

सोनू सूद का सामाजिक योगदान

सूद का यह कदम उनके व्यापक मानवीय कार्यों की एक और कड़ी है। वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के दौरान उन्होंने प्रवासी श्रमिकों और ज़रूरतमंद लोगों की बड़े पैमाने पर सहायता की थी। इस योगदान के लिए उन्हें 'SDG स्पेशल ह्यूमैनिटेरियन एक्शन अवार्ड' से सम्मानित किया गया था। उनकी बहन और पुत्र अयान सूद भी सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।

आम जनता पर असर

धार्मिक स्थलों के बाहर छोटे व्यापारी — फूल, प्रसाद, पूजा सामग्री और हस्तशिल्प बेचने वाले — अक्सर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की मोलभाव की आदत से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। सूद की यह अपील ऐसे समय में आई है जब छोटे और असंगठित व्यापारियों की आर्थिक स्थिति को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी लोकप्रिय चेहरे की ऐसी अपील आम लोगों के व्यवहार पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सामाजिक सवाल को छूती है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है — धार्मिक पर्यटन की अर्थव्यवस्था में सबसे निचले पायदान पर खड़े असंगठित विक्रेताओं का हाल। जब करोड़ों श्रद्धालु बड़े तीर्थस्थलों पर आते हैं, तो मंदिर ट्रस्टों और बड़े व्यापारियों को लाभ होता है, लेकिन फुटपाथी दुकानदार अक्सर हाशिये पर रहते हैं। किसी लोकप्रिय चेहरे की ऐसी सीधी अपील व्यवहार परिवर्तन की दृष्टि से प्रभावी हो सकती है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक ज़रूरत एक नीतिगत ढाँचे की है जो इन विक्रेताओं को विधिक संरक्षण और स्थायी स्थान दे।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनू सूद ने सिद्धेश्वर मंदिर के बाहर क्या अपील की?
सोनू सूद ने सोलापुर के सिद्धेश्वर मंदिर के बाहर खड़े होकर अपने प्रशंसकों से अपील की कि वे मंदिर आने पर वहाँ के छोटे दुकानदारों से सामान ज़रूर खरीदें और उनसे अधिक मोलभाव न करें। यह वीडियो उन्होंने इंस्टाग्राम पर 'हर-हर महादेव' कैप्शन के साथ पोस्ट किया।
सोलापुर का सिद्धेश्वर मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
सिद्धेश्वर मंदिर महाराष्ट्र के प्रमुख हिंदू तीर्थस्थलों में से एक है, जो 12वीं सदी के संत और समाज सुधारक श्री सिद्धारामेश्वर से जुड़ा है। यह मंदिर सिद्धेश्वर झील के मध्य स्थित है और इसमें 68 शिवलिंग होने का उल्लेख मिलता है। मकर संक्रांति पर यहाँ आयोजित 'गद्दा यात्रा' लगभग 15 दिनों तक चलती है।
सोनू सूद के सामाजिक कार्यों की पहचान क्या है?
सोनू सूद 2020 के कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुए थे। उनके इस योगदान के लिए उन्हें 'SDG स्पेशल ह्यूमैनिटेरियन एक्शन अवार्ड' से सम्मानित किया गया। उनके परिवार के अन्य सदस्य भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।
सोनू सूद का यह वीडियो किस प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ?
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया और सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ। बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं ने इस पर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
छोटे दुकानदारों की मदद करना क्यों ज़रूरी है?
धार्मिक स्थलों के बाहर बैठे छोटे विक्रेता — जैसे फूल, प्रसाद और पूजा सामग्री बेचने वाले — अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह श्रद्धालुओं की खरीदारी पर निर्भर होते हैं। अत्यधिक मोलभाव से उनकी आय पर सीधा असर पड़ता है। सोनू सूद जैसी हस्तियों की अपील इस ओर जन-जागरूकता बढ़ाने में सहायक हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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